शब्दों की चमक: श्री विष्णुदास कवि पुण्यतिथि समारोह-⛰️ 🚩 ✍️ 📜 🙏 🗓️ 📿 📖 🖋️

Started by Atul Kaviraje, January 04, 2026, 05:21:19 PM

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Atul Kaviraje

श्री विष्णुदास कवी पुण्यतिथी-माहूर-

दत्त संप्रदाय के महान संत और महान कवि श्री विष्णुदास महाराज की पुण्यतिथि पर माहुर में यह एक दिल को छू लेने वाली और रसीली कविता है:

शब्दों की चमक: श्री विष्णुदास कवि पुण्यतिथि समारोह
तारीख: 28.12.2025, रविवार

जगह: माहुर गड (दत्त शिखर)

कड़वी कविता 1: माहुर गड के चरणों में, भक्ति की यह सभा,
आज विष्णुदास कवि की पुण्यतिथि।
जिनके शब्द अमृत हैं, और भक्ति की भावना,
उन्होंने अपना सारा नाम दत्त के चरणों में अर्पित कर दिया।

(मतलब: आज माहुर गढ़ में महान संत कवि विष्णुदास महाराज की पुण्यतिथि है। उनके शब्द अमृत जैसे मीठे हैं और उन्होंने अपना पूरा जीवन दत्त के चरणों में समर्पित कर दिया।) ⛰️ 🚩 ✍️ 🙏 ✨

कड़वा 2: रविवार का यह सुनहरा दिन, याद का यह पल,
विष्णुदास के चरणों में, यह अंतरमन झुका।
अभंगों और ओवों के ज़रिए, दविला का रास्ता,
जिनके साहित्य में, यह वैकुंठ का स्वर्ग दिखता है।

(मतलब: इस रविवार को हम सब विष्णुदास महाराज को याद कर रहे हैं। उन्होंने अपने साहित्य और अभंगों के ज़रिए दुनिया को भक्ति का सच्चा रास्ता दिखाया है।) 🗓� 📜 📖 🧘�♂️ 😇

कड़वे 3: मेरी माँ रेणुका की छाया में, यह ज्ञान बढ़ा,
विष्णुदास की कलम ने मेरा सम्मान बढ़ाया।
जिनकी रगों में दत्त गुरु की भक्ति बहती है,
आज भी, उनके शब्द मार्गदर्शक हैं।

(मतलब: माँ रेणुका की पावन धरती में, महाराज का ज्ञान फला-फूला। उनकी कलम ने भक्ति की महिमा बढ़ाई है और उनके विचार आज भी हमें राह दिखाते हैं।) 🌷 ✒️ 🕉� 🔱 🌟

कड़वे 4: सरल, मासूम शब्द परियों जैसे होते हैं, उनके अर्थ गहरे होते हैं,
जिन्होंने अहंकार की मज़बूत घेराबंदी को तोड़ा।
पुण्यतिथि के मौके पर ये भक्त जमा हुए,
विष्णुदास की याद में, सब कुछ हो गया मजबूत।

(मतलब: उनके शब्दों की रचना भले ही सरल है, लेकिन उसमें बहुत गहरा मतलब छिपा है। पुण्यतिथि के मौके पर जमा हुए सभी भक्त महाराज की याद में डूबे हुए हैं।) 🗣� 🚫 🫂 📿 ❤️

कड़वे 5: माहुर का यह पहाड़ आज, दुमदुमाला में खास,
विष्णुदास के नाम की यह खुशबू, दरवले।
साहित्य की यह सेवा, और कवियों का यह त्याग,
भक्तों के दिलों में जलती है भक्ति की यह आग।

(मतलब: आज माहुर का किला महाराज के नाम के जयकारों से गूंज रहा है। साहित्य में उनके त्याग और सेवा को देखकर भक्तों के दिलों में भक्ति की लौ जल उठी है।) ⛰️ 🥁 🌹 🔥 ✨

कड़वे 6: जिन्होंने शब्दों की यह गुफा बनाई है, लोगों ने,
जिन्होंने भक्ति का यह झंडा गाड़ा है, हे प्रभु।
हमने आपके चरणों में शरण ली है, कविराज,
यह पूरी धरती आपके पदों से प्रकाशित हो गई है।

(मतलब: हम उस महान कवि को नम्रता से नमन करते हैं जिसने दुनिया को अपने साहित्य के रत्न दिए और भक्ति का झंडा गर्व से फहराया।) 💎 🚩 🙌 🌍 ✍️

कड़वे 7: आज, 28 दिसंबर, इस पवित्र रविवार को,
हम विष्णुदास को याद करके खुशी का यह सार पाएं।
माहुर किले के राजा और कवि का यह साथ,
यह माँ हमेशा हमारे साथ रहे।

(मतलब: इस रविवार, 28 दिसंबर को विष्णु दास महाराज को याद करने से मन को शांति मिलती है। महाराज और दत्त गुरु का आशीर्वाद हमेशा हम पर बना रहे, यही हमारी प्रार्थना है।) 🗓� 🙇�♂️ 🏹 🍯 🕉�

समरी इमोजी: ⛰️ 🚩 ✍️ 📜 🙏 🗓� 📿 📖 🖋� ✨ 🔱 🫂 😇

श्री विष्णुदास कवि की पुण्यतिथि पर उनकी याद में विनम्र श्रद्धांजलि! उनके साहित्य में लिखे विचार हमारे जीवन को रोशन करें।

--अतुल परब
--दिनांक-28.12.2025-रविवार.
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