कुलाचार और कुलदेवी के उदो: मार्गशीर्ष अष्टमी समारोह-🏡 🚩 🙏 🏺 🌸 🪔 🤝 🥁 🍛

Started by Atul Kaviraje, January 04, 2026, 05:26:15 PM

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Atul Kaviraje

कुलधर्म-कुलाचार: मार्गशीर्ष शुक्ल अष्टमी को महाराष्ट्र के कई घरों में 'उड़ो-उड़ो' किया जाता है। अगर घटस्थापना की गई है, तो यह एक महत्वपूर्ण दिन है।

मार्गशीर्ष शुक्ल अष्टमी के शुभ अवसर पर, कुलधर्म के पालन और कुलदेवी के 'उड़ो-उड़ो' मंत्र के आधार पर यह भावपूर्ण कविता:

कुलाचार और कुलदेवी के उदो: मार्गशीर्ष अष्टमी समारोह
तारीख: 28.12.2025, रविवार

मौका: मार्गशीर्ष शुक्ल अष्टमी - कुलधर्म और कुलचार

कड़वे 1:
मार्गशीर्ष अष्टमी का यह पवित्र दिन आ गया है,
कुलदेवी की भक्ति मन में कैसे जगे?
आज देवी का यह उदो-उड़ो हर घर में प्रकट हुआ है,
यह शुभ कुलधर्म, सुख-समृद्धि लाए।
(मतलब: मार्गशीर्ष अष्टमी का पवित्र दिन आ गया है और कुल देवी की भक्ति का उत्साह अपने चरम पर है। हर घर में देवी की स्तुति हो रही है और प्रार्थना की जा रही है कि इस पारिवारिक परंपरा से खुशियाँ फैलेंगी।) 🏡 🚩 🙏 🕉� ✨

कड़वे 2:
जो घट स्थापित हुआ था, उसकी चमक आज भी तेज है,
आदि शक्ति का यह जादू, हमारे दरवाज़े पर उतर आया है।
खंडोबा और अंबाबाई, कुल देवी-देवताओं को हम याद करते हैं,
भक्ति का यह व्रत पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा है।
 (मतलब: जो घाट बनाए गए थे, उनकी चमक आज दिख रही है और देवी का जादू दरवाज़े पर उतर आया है। हम अपने कुलदेवता और पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही इस भक्ति को बचाकर रख रहे हैं।) 🏺 🌸 🔱 🕯� 👣

कड़वे 3:
आज मंदिर में यह तेल का दिया जले,
माँ की यह कृपा, मुसीबत का फंदा टूटे।
आज पूरा परिवार इकट्ठा हुआ, इस खानदानी रस्म को निभाने के लिए,
विश्वास के इस धागे से, यह पूरी दुनिया बुनी हुई है।
(मतलब: मंदिर में नंदादीप लगातार जल रहा है और देवी की कृपा से सभी परेशानियां दूर हो रही हैं। पूरा परिवार एक साथ इकट्ठा होकर इस धार्मिक पारिवारिक अनुष्ठान को श्रद्धा के साथ पूरा कर रहा है।) 🪔 🕯� 🤝 👨�👩�👧�👦 ❤️

कड़वे 4:
पांच मेवे और एक कटोरी चावल का भोग लगाया,
देवी के आशीर्वाद से हमारा जन्म सार्थक हुआ।
रात के अंधेरे को, मां की आत्मा जगाई,
भक्तों के दिलों में सिर्फ तुम्हारा नाम है।
(मतलब: हमने देवी को पूरनपोली का नैवेद्य चढ़ाया है और उनकी कृपा से हमारा जीवन धन्य हो गया है। हम असमंजस में माँ की महिमा गा रहे हैं।) 🍛 🥥 🥣 🥁 🎶

कड़वे 5:
कभी तुलजापुर की माँ, कभी कोल्हापुर की रानी,
इस अष्टमी के दिन भक्ति का स्वर उमड़ पड़ा।
मुँह नारियल से भरा है, यही मौली की खासियत है,
हमारे तुम्हारे होने पर विश्वास, हमारे तरीके पर।
(मतलब: हमने देवी के अलग-अलग रूपों को याद करके उनके मुँह को भरा है। इस अष्टमी के दिन, हमारे दिल आपके प्रति विश्वास से भर गए हैं।) 👗 🥥 🔴 🛐 🛡�

कड़वे 6:
इस रविवार को, भक्ति के इस महासंगम पर,
यह अज्ञान का अंधेरा पूरी तरह से माफ़ हो जाए माँ।
कुल की रक्षा करो माँ, तुम ही हमारी माँ हो,
तुम्हारे बिना इस दुनिया में हमारा कोई नहीं है।
(मतलब: आज रविवार और अष्टमी का सुंदर संगम है, माँ हमारे कुल की रक्षा करें। तुम ही हमारी सच्ची माँ हो और तुम्हारे अलावा हमें किसी और का सहारा नहीं है।) 🗓� ☀️ 🛡� 🤱 💎

कड़वे 7:
आज, 28 दिसंबर, सुनहरा रविवार है,
कुल की देवी का आशीर्वाद, हमेशा हम पर बना रहे।
उड़ो-उड़ो के जयकारों से, यह घर खुशियों से भर जाए,
आपकी कृपा से यह सौभाग्य का झरना लगातार बहता रहे।
(मतलब: 28 दिसंबर के इस सुनहरे रविवार को कुलदेवी का आशीर्वाद आपके दिल में बना रहे। घर देवी के जयकारों से भर जाए और किस्मत का फव्वारा बहता रहे, यही मेरी दुआ है।) 🗓� 🙇�♂️ 🚩 🍯 🌟

समरी इमोजी: 🏡 🚩 🙏 🏺 🌸 🪔 🤝 🥁 🍛 👗 🗓� ☀️ 🤱 🌟

मार्गशीर्ष अष्टमी और कुलधर्म-कुलाचार के मौके पर आपके परिवार पर कुलदेवी का आशीर्वाद बना रहे!

--अतुल परब
--दिनांक-28.12.2025-रविवार.
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