शाकंभरी की महिमा: प्रकृति महोत्सव और नवरात्रि की शुरुआत-🥦 🌿 🌱 🥗 🥕 🌽 🍇 🍎

Started by Atul Kaviraje, January 04, 2026, 05:28:14 PM

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Atul Kaviraje

शाकंभरीदेवी नवरात्रि उत्सव शुरू-
शाकंभरी नवरात्रि की तैयारी
आने वाले पौष महीने में शाकंभरी नवरात्रि की तैयारी इसी दिन से शुरू हो जाती है।
शाकंभरी नवरात्रि शुरू (निकट): पौष महीने में शाकंभरी उत्सव का उत्साह इसी दिन से शुरू होता है।
शाकंभरी उत्सव शुरू (शाकंभरी उत्सव आरंभ)
कैलेंडर में बताया गया है कि यह उत्सव पौष शुक्ल अष्टमी के आठवें दिन से शुरू होता है।
28 दिसंबर को शाकंभरी उत्सव कुछ इलाकों में धार्मिक सभाओं और गांवों में देवी की पूजा, आराधना और महाआरती के तौर पर मनाया जाता है।

पौष शुक्ल अष्टमी के शुभ अवसर पर शुरू होने वाले 'शाकंभरी नवरात्रि महोत्सव' के अवसर पर, प्रकृति की देवी और अन्नपूर्णा शाकंभरी के चरणों में यह रसीली कविता समर्पित है:

शाकंभरी की महिमा: प्रकृति महोत्सव और नवरात्रि की शुरुआत
तारीख: 28.12.2025, रविवार

मौका: शाकंभरी नवरात्रि महोत्सव की शुरुआत (पौष शुक्ल अष्टमी)

कड़वी 1:
पौष महीने की अष्टमी आ गई है, यह भाग्यशाली रविवार,
शाकंभरी नवरात्रि की शुरुआत, महान विचारों की शुरुआत हो गई है।
प्रकृति की देवी आज प्रकट हुई हैं, अंबा जगत-पालक हैं,
भक्ति के इस आंगन को देखो, यह शुभ स्तंभ सजाया गया है।
(मतलब: पौष शुक्ल अष्टमी के शुभ दिन शाकंभरी नवरात्रि शुरू हो गई है। प्रकृति की देवी मां जगदंबा आज भक्तों से मिलने आई हैं और हर तरफ खुशी का माहौल है।) 🥦 🌿 🚩 🙏 ✨

कड़वे 2:
सूखा बीत गया है और धरती हरी शालों से ढक गई है,
शाकंभरी के आशीर्वाद से सृष्टि फिर से मुस्कुराई है।
जिनकी आंखों से करुणा की यह धारा बही,
यह अन्नपूर्णा मौली का आनंद है।
 (मतलब: जब धरती पर सूखा पड़ा, तो देवी शाकंभरी के रूप में प्रकट हुईं और पेड़-पौधे बनाए। उनकी आँखों में दया देखकर, सृष्टि फिर से खिल उठी है और खुशियाँ मना रही है।) 🌱 🥗 💧 🌍 🌸

कड़वे 3:
देवी का महल सब्ज़ियों और फलों से सजा है,
प्रकृति की इस सुंदरता से भक्ति का झरना बहता है।
अलग-अलग सब्ज़ियों का यह प्रसाद, हम आज माँ को चढ़ाते हैं,
आपकी कृपा से ही हम मुसीबत से बच जाते हैं।
(मतलब: देवी शाकंभरी अलग-अलग पत्तों और फलों से सजी हैं। प्रकृति की देवी को यह प्रसाद चढ़ाकर, हम उनका आशीर्वाद पा रहे हैं।) 🥕 🌽 🍇 🪔 🍲

कड़वे 4:
आठ भुजाओं वाली के हाथों में फल, जड़ और अनाज,
हे धन्य, आप ही दुनिया का पालन-पोषण करने वाली हैं।
आज भक्त आपकी पूजा करने को तैयार हैं,
शाकंभरी के चरणों में हम मजबूत हो गए हैं।
(मतलब: देवी के हाथों में तरह-तरह के फल और अनाज हैं, जिनसे वह पूरी दुनिया का पालन-पोषण करती हैं। सभी भक्त उनकी पूजा करने की भक्ति में डूबे हुए हैं।) 🍎 🌾 💪 🧘�♂️ ❤️

कड़वे 5:
इस त्योहार के नौ दिनों तक, तेज की यह हवा,
शक्ति की यह लौ जलती रहे, सबके द्वार पर।
खाने-पानी की कमी न हो, यही हमारी मांग है,
शाकंभरी मौली तू, यही सफलता का सच्चा प्लान है।
(मतलब: इस नवरात्रि के नौ दिन सभी के घर में भक्ति का उजाला लाएं। दुनिया में कभी भी खाने की कमी न हो, यही मां से हमारी प्रार्थना है।) 🪔 🏮 🍞 🤲 💎

कड़वे 6:
हरियाली के इस त्योहार में, हम अपना होश भूल गए,
प्रकृति को भगवान मानकर, हमने आपका सम्मान बढ़ाया है।
आप शांति और समृद्धि की मां हैं,
हमारी धरती पर आपके पैरों के निशान दिखाई देते हैं।
(मतलब: प्रकृति की पूजा का मतलब है शाकंभरी की पूजा। आप शांति और समृद्धि देने वाली मां हैं, और आपकी वजह से यह धरती समृद्ध और उपजाऊ बनी है।) 🍃 🌳 🕊� 👣 🌟

कड़वे 7:
आज, 28 दिसंबर, सुनहरा रविवार है,
शाकंभरी नवरात्रि का, आनंद भीतर है।
आपके चरणों में सिर झुकाकर, हमें अपना आशीर्वाद दें,
आपकी कृपा से हमारा पूरा जीवन रोशन हो।
(मतलब: इस रविवार, 28 दिसंबर से शुरू हुई यह नवरात्रि सभी के जीवन में खुशियां लाए। हे मां, हमें आशीर्वाद दें ताकि हमारा जीवन सफल हो जाए।) 🗓� 🙇�♂️ 🚩 🍯 🌈

सारांश इमोजी: 🥦 🌿 🌱 🥗 🥕 🌽 🍇 🍎 🌾 🍃 🌳 🪔 🙏 ✨ 🌈 🌟

शाकम्भरी नवरात्रि के पावन अवसर पर सभी भक्तों को शुभकामनाएं! प्रकृति की देवी शाकम्भरी आपके घर को धन और खुशियों से भर दें।

--अतुल परब
--दिनांक-28.12.2025-रविवार.
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