भद्रा काल: सावधानी और भक्ति का संगम-⏳ 🕰️ 📜 🚫 🌑 ☀️ 📿 🙏 🛡️ 🔄 ⏱️ 🔓 🌟

Started by Atul Kaviraje, January 04, 2026, 05:28:58 PM

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Atul Kaviraje

भद्रा (विष्टि करण): भद्रा काल दोपहर 2:53 PM तक है। शुभ कामों के लिए भद्रा को शुभ माना जाता है, लेकिन धार्मिक अनुष्ठानों के लिए इस समय को जारी रखा जा सकता है।

यह खास ज्ञानवर्धक कविता ज्योतिष और कैलेंडर के अनुसार 'भद्रा काल (विष्टि करण)' के महत्व और उस दौरान की सावधानी और पूजा पर आधारित है:

भद्रा काल: सावधानी और भक्ति का संगम
तारीख: 28.12.2025, रविवार

समय: भद्रा (विष्टि करण) 2:53 PM तक

कड़वा 1:
कैलेंडर के अनुसार, आज का भद्रा काल आ गया है,
विष्टि करण की यह छाया, ज्योतिष का यह जाल।
2:53 PM तक, समय का ध्यान रखें,
यह विष्टि की किरण है, जो शुभ कामों से परहेज है।
(मतलब: भद्रा काल आज दोपहर 2:53 बजे तक विष्टि करण का समय है। ज्योतिष के अनुसार, यह समय शुभ कामों के लिए वर्जित माना जाता है, इसलिए समय रहते सावधान रहना चाहिए।) ⏳ 🕰� 📜 🚫 ⚠️

कड़वे 2:
भद्रा सूर्य की पुत्री और शनि की बहन हैं,
उनका सख्त स्वभाव अनुशासन, त्यौहार है।
नए काम का समय, इस समय कभी नहीं होना चाहिए,
संयम से फैसले लेने से परेशानी की बीमारी से बचा जा सकता है।
(मतलब: भद्रा सूर्य की बेटी और शनि देव की बहन हैं। क्योंकि उनका स्वभाव उग्र माना जाता है, इसलिए इस समय नया बिज़नेस या शुभ काम करने से बचा जाता है।) ☀️ 🌑 🌑 🛡� 🕰�

कड़वे 3:
हालांकि इस समय शुभ काम, ऐसे तो मना है,
फिर भी भक्ति की यात्रा में, एक बड़ा मौका मिलता है।
धार्मिक रस्मों, भद्रा काल का समय है,
इसमें भगवान के नाम के स्मरण से, मुसीबत का फंदा टूट जाता है।
 (मतलब: हालांकि इस समय में शुभ काम मना हैं, लेकिन यह समय जप, तप, पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अच्छा माना जाता है। नाम जपने से मुश्किलें दूर होती हैं।) 📿 🧘�♂️ 🙏 🔱 ✨

कड़वे 4:
शनि की इस बहन को हम प्रणाम करते हैं,
अब हम उनकी प्रचंड शक्ति के आगे भक्ति से तैरेंगे।
अब हम इस दोपहर के समय को धैर्य के साथ बिताएंगे,
हम प्रार्थना से अशुभ तरंगों को दूर भगाएंगे।
(मतलब: शनि की बहन भद्रा को हम प्रणाम करते हैं। इस समय की नेगेटिविटी से बचने के लिए हमने प्रार्थना और धैर्य का रास्ता अपनाया है।) 🙇�♂️ 🛡� 🕯� 🤫 ⚡

कड़वे 5:
विष्टि करण का यह चक्र, प्रकृति का यह खेल,
हमें सावधान रहना चाहिए और पंचांग के इस समय का पालन करना चाहिए।
ये शुभ-अशुभ सब, मन के इस खेल पर,
लेकिन, नियमों का यह पालन हमारे सिर पर रहे।
(मतलब: यह विष्टि करण कुदरती चक्र का हिस्सा है। हमें पंचांग में दिए गए समय का पालन करना चाहिए और नियमों के अनुसार काम करना चाहिए, ताकि हमें अपने काम में सफलता मिले।) 🔄 ⚖️ 📖 ⏱️ ✅

कड़वे 6:
जब दो तैंतीस बीतेंगे, एक नया युग शुरू होगा,
जब भद्रा खत्म होगी, सौभाग्य का यह भाला चमकेगा।
तब तक, हम नाम जपें, और शांत रहें,
भक्ति की इस गंगा में, खुशियों का झरना बहने दें।
(मतलब: दोपहर 2:53 बजे के बाद भद्रा काल खत्म हो जाएगा और शुभ समय शुरू हो जाएगा। तब तक, हम भगवान का नाम लेकर अपने मन को शांत रखें और किसी भी चीज़ में जल्दबाज़ी न करें।) 🕊� 🌊 ☀️ 🔓 💎

कड़वे 7:
आज, 28 दिसंबर, रविवार, खास है,
भद्रा के इस काल में भी, अब कोई बैर नहीं।
सूर्य के ये दो बच्चे, शनि और यह भद्रा,
इन पर इनकी कृपा बनी रहे, यही नींद की प्रार्थना है।
(मतलब: आज रविवार, 28 दिसंबर है। हमें सूर्य पुत्र शनि और सूर्य पुत्री भद्रा दोनों का आशीर्वाद मिले, ताकि हमारा जीवन बाधाओं से मुक्त रहे।) 🗓� ☀️ 🌑 🙌 🌟

समरी इमोजी: ⏳ 🕰� 📜 🚫 🌑 ☀️ 📿 🙏 🛡� 🔄 ⏱️ 🔓 🌟

भद्रा के दौरान शुभ कामों से बचना चाहिए, लेकिन भक्ति और प्रार्थना से इस समय को सुखद बनाएं। दोपहर 2:53 PM के बाद सभी शुभ कामों के लिए रास्ता साफ हो जाएगा!

--अतुल परब
--दिनांक-28.12.2025-रविवार.
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