कैवल्य का सार: श्री कैवल्य आश्रम स्वामी पुण्यतिथि-🏘️ 🚩 🛐 🧘‍♂️ 🕉️ 📿 🥁 🔴

Started by Atul Kaviraje, January 04, 2026, 07:18:05 PM

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Atul Kaviraje

कैवल्यआश्रम स्वामी पुण्यतिथी-शिवडIव, तालुका-कणकवली-

सिंधुदुर्ग जिले के कंकावली तालुका में शिवदाव के महान संत श्री कैवल्य आश्रम स्वामी की पुण्यतिथि के मौके पर यह एक दिल को छू लेने वाली और रसीली कविता है:

कैवल्य का सार: श्री कैवल्य आश्रम स्वामी पुण्यतिथि
तारीख: 29.12.2025, सोमवार

जगह: शिवदाव, तालुका-कंकावली (सिंधुदुर्ग)

कड़वे 1:
शिवदाव की पवित्र धरती पर, भक्ति के इस पड़ाव,
कैवल्य आश्रम स्वामी, ने खुशियों का रास्ता बनाया।
आज पुण्यतिथि समारोह प्यार से मनाया जाता है,
स्वामी की इसी याद से, भक्ति का यह झरना बहता है।
(मतलब: स्वामी के आने से कंकावली का शिवदाओ गांव पवित्र हो गया है। आज उनकी पुण्यतिथि के मौके पर सभी भक्तों ने उनके चरणों में सिर झुकाया है और भक्ति में डूब गए हैं।) 🏘� 🚩 🛐 🌊 ✨

कड़वे 2:
आज सोमवार है, महादेव का यह दिन,
स्वामी के इस रूप में, महान चेतना प्रकट हुई है।
शांत मूर्ति और खुश चेहरे को, हम अंदर याद करते हैं,
जिन्होंने कैवल्य का दर्जा पाया है, यह धरती।
(मतलब: इस सोमवार को स्वामी की याद चेतना के साथ हर जगह फैल गई है। स्वामी की उस शांत और प्रसन्न मूर्ति को देखकर भक्तों के मन को शांति मिल रही है।) 🗓� 🧘�♂️ 🕉� 💎 🕊�

कड़वे 3:
उन्होंने दुनिया को साधना का रास्ता दिखाया है,
शिवदाओ के इस इलाके को, उन्होंने भक्ति में नहलाया है।
नाम-स्मरण की यह शक्ति, स्वामी ने यही सिखाई है,
अहंकार का यह फंदा, उन्होंने भक्तों का तोड़ दिया है।
 (मतलब: स्वामी ने भक्तों को ध्यान और नाम-स्मरण का आसान रास्ता दिखाया। उनकी शिक्षाओं से कई लोगों के जीवन से अहंकार और दुख दूर हुए हैं।) 📿 📜 🚫 🤝 🌟

कड़वे 4:
डोल ताशों की धुन पर, यह मंदिर गूंज रहा है,
स्वामी की इस पालकी के लिए, भक्त बेसब्र हो गए हैं।
गुलाल और भंडारा, यह अंबर उमड़ रहा है,
कैवल्य आश्रम का नाम, घर-घर में खुशी के नारे सुनाई दे रहे हैं।
(मतलब: स्वामी की पालकी वाद्य यंत्रों की धुन और गुलाल उड़ाते हुए निकलती है। आज शिवधाम में हर जगह स्वामी के नाम के नारे सुनाई देते हैं।) 🥁 📢 🔴 ✨ 🎊

कड़वे 5:
कंकावली की धरती की यह महान विरासत,
स्वामी की यह कृपा, मन पर पड़ी है।
अन्नदान और महाप्रसाद, सेवा निरंतर है,
भक्ति के इस प्रवाह से, सारी दूरियां मिट गई हैं।
(मतलब: यह कोंकण की महान आध्यात्मिक विरासत है। पुण्यतिथि के अवसर पर अन्नदान और सेवा के कारण, सभी भक्त एक साथ आए हैं और अपने मतभेद भूल गए हैं।) 🍲 👐 🤝 🏠 ❤️

कड़वे 6:
भगवान का चिंतन करते हुए, केवल भगवान ही हैं,
उनकी तपस्या की चमक से, उनका चेहरा तेजस्वी है।
आज भी इस मंदिर में उनके होने का एहसास होता है,
शिव का यह मंदिर, भक्ति की इस कविता जैसा है।
(मतलब: भगवान की तपस्या की चमक आज भी मंदिर में महसूस होती है। उनका होना भक्तों को मुश्किल समय में सहारा देता है और उनकी आस्था को बढ़ाता है।) 🕯� 🕉� 🏛� 🛡� 💎

कड़वे 7:
आज, 29 दिसंबर, सोमवार, खुशी का दिन है,
भगवान के इन चरणों में, हम अपने शब्द अर्पित करते हैं।
गांव को सुख और शांति दें, यही प्रार्थना है,
आपके आशीर्वाद से, सभी दुख दूर हों। (मतलब: इस पवित्र सोमवार को हम स्वामी के चरणों में शब्दों के फूल चढ़ाते हैं। वे पूरे गांव और भक्तों को खुश रखें, यही हमारी दिली दुआ है।) 🗓� 🙇�♂️ 🚩 🍯 🌈

समरी इमोजी: 🏘� 🚩 🛐 🧘�♂️ 🕉� 📿 🥁 🔴 🍲 🤝 🏛� 🗓� ✨ 🌈

शिवदाव में श्री कैवल्य आश्रम स्वामी की पुण्यतिथि के मौके पर सभी भक्तों को शुभकामनाएं! स्वामी की कृपा हम पर हमेशा बनी रहे।

--अतुल परब
--दिनांक-29.12.2025-सोमवार. 
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