भक्ति की यह गोधूलि बेला: मार्गशीर्ष खत्म और पौषरंभ- 🙏 🏵️ 🕯️ ❄️ 🧘‍♂️ 🏺 🔱 ☀️

Started by Atul Kaviraje, January 04, 2026, 07:22:35 PM

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Atul Kaviraje

मार्गशीर्ष का अंत और पौष का आरंभ: मार्गशीर्ष महीने में गुरुवार को होने वाले महालक्ष्मी व्रत अभी-अभी समाप्त हुए हैं, इसलिए पौष महीने का धार्मिक अनुष्ठान किया जाता है।
मार्गशीर्ष महीने को अलविदा और पौष महीने का स्वागत, बदलते मौसम के हिसाब से मनाए जाने वाले धार्मिक नियम पर आधारित यह रसीली कविता:

भक्ति की यह गोधूलि बेला: मार्गशीर्ष खत्म और पौषरंभ
तारीख: 29.12.2025, सोमवार

मौका: मार्गशीर्ष महीने का अंत और पौष महीने की शुरुआत

कड़वी कविता 1:
मार्गशीर्ष महीना अब बीत गया, मैं तुमसे विदा लेता हूँ,
महालक्ष्मी की भक्ति का वह मीठा साथ खत्म हो गया।
गुरुवार की उन कसमों की याद बाकी है,
मौली को विदा करके, यह धरनी तैयार हो गई है। (मतलब: मार्गशीर्ष का महीना अब खत्म हो गया है और हम महालक्ष्मी के व्रतों की खुशी को अपने दिल में रखकर उन्हें विदा कर रहे हैं। भक्ति का वह सुनहरा दौर अब याद आ रहा है।) 🙏 🏵� 🕯� 👣 🌙

कड़वा 2:
पौष महीने के कदम पड़ रहे हैं, ठंड की यह सख्ती,
प्रकृति का बदलता रूप, ठंडी हवा चल रही है।
चलो अब धार्मिक अनुशासन का पालन करें, सब्र से जिएं,
नए महीने के नए व्रत में, भक्ति की यह बहार देखें।
(मतलब: ठंड की तेज़ी बढ़ाने वाला पौष महीना शुरू हो गया है। इस महीने में हम नया धार्मिक नियम और सब्र रखेंगे और भगवान की पूजा करेंगे।) ❄️ 🌬� 🧘�♂️ 🗓� 🏛�

कड़वे 3:
इस सोमवार की सुबह, महादेव की यह पूजा,
मार्गशीर्ष की मदद से, यह भजन शुभ हो गया।
कलश हिल गया, अब व्रत का आशीर्वाद बाकी रहा,
सुख-समृद्धि की किरणों से, यह दहलीज़ भर गई।
(मतलब: आज, सोमवार, दिन की शुरुआत महादेव की पूजा से हुई है। भले ही लक्ष्मी व्रत पूरे हो गए हैं, लेकिन हर घर में उनकी कृपा बनी हुई है।) 🏺 🔱 🕉� 🏠 ✨

कड़वे 4:
पौष की यह गर्म गर्मी, सेहत को ताकत देती है,
इस नियम के पालन का मीठा फल मिलता है।
भक्ति की यह धारा अब शिव शंभू की ओर मुड़ गई है,
शांति का यह रास्ता खोजा गया है, मन अब भगवान की ओर है।
(मतलब: पौष महीने की हल्की गर्मी शरीर को ताकत देती है। लक्ष्मी व्रत के बाद, भक्तों का ध्यान अब महादेव की पूजा और नियम की ओर मुड़ गया है।) ☀️ 💪 📿 🏔� 🕯�

कड़वे 5:
अनाज और गर्म खाना, कुदरत हमें रास्ता बताती है,
पौष महीने की ठंड में, सेहत का गीत गाओ।
पुरानी कसमों की शिदोरी, नए दिन की उम्मीद,
ये भगवान का दर है, कभी कोई भेदभाव न हो।
(मतलब: इस मौसम में खाने-पीने और रहने का खास ध्यान रखा जाता है। पुरानी यादों और नई उम्मीद के साथ भगवान के चरणों में सिर झुकाएं।) 🥣 🥗 🧤 🤝 💎

कड़वे 6:
महालक्ष्मी ने वैभव दिया, शिव ने अब शांति दी,
पौष की इस यात्रा में, विचारों की क्रांति हो।
ये सब्र का समय है, ये पूजा का समय है,
ये भक्ति और कर्म का समय है, आओ मिलजुल कर बैठें।
 (मतलब: लक्ष्मी से खुशहाली मिलने के बाद अब शिव से शांति पाने का समय है। यह महीना सब्र और पूजा के लिए बहुत ज़रूरी माना जाता है।) 💰 🕊� 🐚 🔄 🌈

कड़वे 7:
आज, 29 दिसंबर, सोमवार सुहावना है,
मार्गशीर्ष-पौष का यह संगम है, ऐसा संगम है।
आइए, समय को अपने हाथों में लेकर नई तारीख का स्वागत करें,
भगवान की यह छाया हमेशा हम पर बनी रहे।
(मतलब: इस खास सोमवार को हम मार्गशीर्ष को अलविदा कहते हैं और पौष का स्वागत करते हैं। भगवान की कृपा हमेशा हम पर बनी रहे, यही हमारी प्रार्थना है।) 🗓� 🪔 🚩 🍯 🌟

समरी इमोजी: 🙏 🏵� 🕯� ❄️ 🧘�♂️ 🏺 🔱 ☀️ 💪 📿 🥣 💰 🕊� 🗓� 🌟

मार्गशीर्ष महीने के खत्म होने के बाद, पौष महीने का यह नया नियम और भक्ति हमारे जीवन में सेहत और शांति लाए!

--अतुल परब
--दिनांक-29.12.2025-सोमवार. 
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