भद्रा की विदाई और शुभ समय: सफलता का एक नया रास्ता-🕰️ ⌛ 🔓 ✅ 📿 🔱 🕉️ ⚖️ ⏱️ ☀️

Started by Atul Kaviraje, January 04, 2026, 07:24:19 PM

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Atul Kaviraje

भद्रा (विष्टि करण): क्योंकि सुबह 10:12 AM के बाद कोई विष्टि करण (भद्रा) नहीं है, इसलिए बाकी दिन शुभ कामों की प्लानिंग के लिए अच्छा है।

यह ज्ञान देने वाली और भक्ति से भरी कविता पंचांग के अनुसार इस दिन रहने वाले भद्रा काल और उसके बाद खुलने वाले शुभ कामों के रास्ते पर आधारित है:

भद्रा की विदाई और शुभ समय: सफलता का एक नया रास्ता
तारीख: 29.12.2025, सोमवार

विशेष: सुबह 10:12 बजे के बाद भद्रा खत्म (शुभ समय शुरू)

कड़वे 1:
सोमवार की नई सुबह, भद्रा लेकर आई,
विष्टि करण की यह छाया, नौ को ढक चुकी है।
दस बज रहे हैं, बारह मिनट हैं, थोड़ा इंतज़ार करें,
संयम के इन पलों में, अपने मूल की पूजा करें।
(मतलब: सोमवार की सुबह भद्रा काल के साथ शुरू हुई है। चूंकि विष्टि करण सुबह 10:12 बजे तक है, इसलिए कोई भी ज़रूरी कदम उठाने से पहले थोड़ी देर संयम रखना फ़ायदेमंद है।) 🕰� ⌛ 🚫 🧘�♂️ 🗓�

कड़वे 2:
भद्रा काल मना है, शुभ काम तोड़ दो,
लेकिन भक्ति की धुन में, संयम क्या है?
जब तक नाम जपो, शिव शंभू का ध्यान करो,
डर और बीमारी नहीं रहेगी, आत्मा का यह ज्ञान बढ़ेगा।
(मतलब: भद्रा काल में भले ही शुभ काम करना मना हो, लेकिन महादेव की पूजा और ध्यान करने में कोई रुकावट नहीं आती। इससे मन को शांति मिलती है।) 📿 🔱 🕉� 🛡� ✨

कड़वे 3:
दस से बारह का समय बीत गया, भद्रा काल बीत गया,
अब देखो, शुभ काम का रास्ता साफ हो गया।
अब नए संकल्पों का यह इंतज़ाम करो,
सफलता का यह रास्ता रोशन होगा, खुशियाँ बोई जाएँगी।
(मतलब: सुबह 10:12 के बाद भद्रा काल खत्म होने से, बाकी दिन सभी शुभ कामों के लिए बहुत अच्छा है। अब आप नए कामों की प्लानिंग कर सकते हैं।) 🔓 ✅ 🚀 📈 🌟

कड़वे 4:
यह सोमवार है, शिव पूजा का यह दिन,
अब मुश्किलों के पहाड़ पार हो जाएँगे। भद्रा चली गई,
शुभता आई, यही किस्मत का फ़ायदा है,
इस किस्मत के मालिक को, यही भगवान का फ़ायदा है।
(मतलब: चूँकि आज सोमवार है और भद्रा काल खत्म हो गया है, इसलिए भगवान की कृपा से सभी परेशानियाँ दूर हो जाएँगी। अब किस्मत के सहारे से तरक्की के रास्ते खुल गए हैं।) 🌙 🏺 💎 🤲 🌈

कड़वे 5:
विष्टि करण ज्योतिष है, यही समय का महत्व है,
आइए नियमों का पालन करें, आइए जीवन का सार खोजें।
जिसने समय को पहचान लिया, वही सच्चा ज्ञानी है,
भगवान की इस कीमिया का यह नया तीर पेश किया गया है।
(मतलब: पंचांग में विष्टि करण के महत्व को पहचानना और समय के अनुसार काम करना ही समझदारी की निशानी है। प्रकृति के इस चक्र को समझकर हमें अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।) 📖 ⚖️ ⏱️ 🧠 🎯

कड़वे 6:
ये ठंडी बूंदाबांदी और, सूरज की ये हल्की गर्मी,
भद्रा खत्म, ज़िंदगी की ये नई धुन बज गई है।
चलो, अब जोश के साथ, एक नया काम शुरू करते हैं,
चलो, कामयाबी की इस चोटी पर एक कदम बढ़ाते हैं।
(मतलब: सर्दी की ठंड और भद्रा के खत्म होने के बाद, हमारी ज़िंदगी में नया जोश आ गया है। अब नए जोश के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें।) ❄️ ☀️ 🏃�♂️ 🚩 ⛰️

कड़वे 7:
आज, 29 दिसंबर, सोमवार, फलदायी है,
भद्रा, दुर्लभ तरक्की आई है, ये भगवान की जल्दी है।
शिव और शक्ति का आशीर्वाद हम पर बना रहे,
इस रोशनी के रास्ते पर, भक्ति की जीत हो।
(मतलब: इस खास दिन पर, जैसे ही भद्रा काल खत्म होता है, हर जगह शुभता फैल जाती है। शिव-शक्ति के आशीर्वाद से हमारे कर्म और भक्ति की जीत हो।)
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समरी इमोजी: 🕰� ⌛ 🔓 ✅ 📿 🔱 🕉� ⚖️ ⏱️ ☀️ 🏃�♂️ 🗓� 🌟 🏆

सुबह 10:12 AM के बाद भद्रा खत्म होने पर आपका बाकी दिन बहुत शुभ और सफल हो!

--अतुल परब
--दिनांक-29.12.2025-सोमवार. 
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