विट्ठल मौली - जीवन का सच्चा धर्म 🙏🚩🌊🙏 🚩 🧱 👴 🤝 🌊 ✨ ❤️ 🛡️ 🕯️ 🧘‍♂️ 🎶

Started by Atul Kaviraje, January 07, 2026, 07:59:41 PM

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Atul Kaviraje

श्रीविठोबा और उनका जीवन धर्म-
(भगवान विट्ठल का जीवन कर्तव्य)
(The Life's Duty of Lord Vitthal)
Shri Vithoba and his religion of life-

यह रसीली  कविता भगवान विट्ठल के जीवन कर्तव्य, भक्ति की महिमा और 'वरकरी' संप्रदाय का महान संदेश देती है:

कविता: विट्ठल मौली - जीवन का सच्चा धर्म 🙏🚩🌊

1. पहली कड़वी:
कमर पर हाथ रखकर, अट्ठाईस युगों तक ईंट पर खड़े रहे,
पुंडलिका की अपने माता-पिता के प्रति भक्ति से, विठु धरती पर उतरे,
भक्ति से कर्तव्य बड़ा है, यही सीख उन्होंने दी,
भक्त के लिए भगवान भी रुक गए, यह प्रेम कितना गहरा है।

मतलब:
माता-पिता की सेवा करने वाली पुंडलिका के लिए, विट्ठल अट्ठाईस युगों तक ईंट पर खड़े रहे। इससे यह सीख मिलती है कि कर्तव्य निभाना ही सच्ची भक्ति है। 🙏 🧱 👣 👴

2. दूसरी कड़वी बात:
यहां न कोई बड़ा है, न कोई छोटा,
चंद्रभागा का रेगिस्तान, सब शान छोड़ गए,
समानता का यह झंडा लेकर, विठु पंढरपुर में खड़े हुए,
जाति-भेद तोड़कर, घर-घर संदेश देते हुए।

मतलब:
विट्ठल के द्वार पर, सब बराबर हैं। उन्होंने दुनिया को समानता और इंसानियत का सबसे बड़ा जीवन धर्म सिखाया है। 🚩 🤝 🌊 ✨

3. तीसरी कड़वी बात:
विट्ठल सिर्फ एक मूर्ति नहीं, वो अंदर का एहसास हैं,
दुखी के आंसू पोंछना, यही उनका असली रूप है,
गरीबों और ज़रूरतमंदों की छाया में, विठु हमेशा रहते हैं,
भक्ति के इसी विश्वास से, वो दुनिया देखते हैं।

मतलब:
विट्ठल सिर्फ मंदिर में नहीं, बल्कि वो गरीबों और दुखियों की मदद में हैं। परोपकार ही उनके जीवन का काम है। ❤️ 🛡� 🕯� 🧘�♂️

4. चौथा कड़वा:
ताल-मृदंग की धुन में, तीनों लोकों में भ्रम की स्थिति है,
विट्ठल का नाम जपने से, इंसान का मन शांत हो जाता है,
अहंकार त्यागकर, विट्ठल का योद्धा बनो,
तुम्हें पल-पल आनंद के हृदय का आनंद मिलेगा।

अर्थ:
नाम की धुन मन को शांति देती है। विट्ठल की भक्ति में अहंकार त्यागना, यही जीवन का सच्चा मार्ग है। 🎶 🥁 😊 🛐

5. पांचवां कड़वा:
विट्ठल ने हमें सिखाया, मेहनत का यह सम्मान,
मुंह में नाम और हाथ में काम, यही जीवन का ज्ञान है,
विट्ठल लगातार संतों से बात करते हैं,
अभंग रूप में, ज्ञान का सागर खोलते हैं।

मतलब:
"मुंह में नाम और हाथ में काम" विट्ठल का मुख्य संदेश है। उन्होंने संतों के अभंग के ज़रिए जीवन का सार समझाया है। ✍️ 📖 🛠� 🚩

6. छठा कड़वा:
चांद के किनारे, भक्ति की यह बाढ़,
पाप और बुखार जल जाते हैं, भक्ति मीठी हो जाती है,
विठु मौली की यह माया, ब्रह्मांड में व्याप्त हो गई है,
विश्वास के इस एक शब्द से, इंसान की नाव पार हो गई है।

मतलब:
पांडुरंगा की हवा और विट्ठल का प्यार इंसान को मुसीबत से निकालने और पापों से आज़ाद करने का ज़रिया है। 🌊 🚣�♂️ 🌸 💎

7. सातवां कड़वा:
हे मेरे पांडुरंग, तुम्हारा रूप ही परछाई है,
मैं इसे तुम्हारे चरणों में अर्पित करता हूँ, भक्ति की ये परछाईं,
जीवन का धर्म तुम्हारा विट्ठल है, मानव का उद्धार करो,
विट्ठल, विट्ठल, जब तुम कहते हो, तो कोई और इच्छा नहीं बचती।

अर्थ:
विट्ठल का जीवन धर्म मानव का उद्धार करने वाला है। उनके चरणों में समर्पण करना ही जीवन का अंतिम लक्ष्य है। 🙏 🕉� ✨ 🚩

इमोजी समरी
🙏 🚩 🧱 👴 🤝 🌊 ✨ ❤️ 🛡� 🕯� 🧘�♂️ 🎶 🥁 🛐 ✍️ 📖 🛠� 🚣�♂️ 🌸 💎 🕉�

वर्ड समरी
विट्ठल: भगवान जो प्रकृति से घिरे हुए हैं।

विट्टेवरी: पुंडलिका की भक्ति और धैर्य का प्रतीक।

समता: बिना भेदभाव वाला समाज।

कर्तव्य: माता-पिता की सेवा सबसे बड़ी भक्ति है।

वारी: आध्यात्मिक और सामाजिक एकता के लिए आंदोलन।

नमस्मरण: वह रास्ता जो मन को शांति देता है।

माऊली: भगवान जो माँ की तरह प्यार करते हैं।

विट्ठल की भक्ति असल में "इंसानियत की भक्ति" है।

--अतुल परब
--दिनांक-07.01.2026-बुधवार.
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