॥ माशेल की पवित्र देवकी-कृष्ण जात्रा ॥🤱🌴 ✨ 🤱 🕉️ 🌕 👶 ❤️ 🙏 🪔 🌸 🥁 🛕 ✨ 🌙

Started by Atul Kaviraje, January 10, 2026, 08:16:52 PM

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Atul Kaviraje

देवकी-कृष्ण जत्रा-माशेल-गोवा-

3 जनवरी 2026, शनिवार, पौष पूर्णिमा के मौके पर, गोवा के माशेल में मनाई जाने वाली अनोखी 'देवकी-कृष्ण जात्रा' के लिए यह एक खास भक्ति कविता है:

॥ माशेल की पवित्र देवकी-कृष्ण जात्रा ॥

1.
गोवा की इस खूबसूरत धरती पर, माशेल गांव बहुत खूबसूरत है
भक्ति की ये खुशबू फैली है, खुशियों की ये हवाएं बह रही हैं
देवकी-कृष्ण रूप का नज़ारा, दुनिया में बस यही है
लेकर को गले लगाने वाली मां, भक्तों के दिलों में हमेशा रहे 🌴 ✨ 🤱 🕉�

2.
पौष पूर्णिमा का शुभ समय, मेले का ये दिन सोनिया का है
प्यार का संगद पहनना, रस्म है मां-लेकर की
बाल कृष्ण को ले जाना, देवकी माता वो प्यारी बड़ी हैं
आज भक्तों के होठों पर सुंदर दर्शन हैं 🌕 👶 ❤️ 🙏

3.
ये मेला अनोखा है, पालकी सजी-धजी है
भजन-कीर्तन की गूंज, फूलों से भरा इलाका
रंग-बिरंगे फूलों की मालाएं, मंदिर रोशन है
आज, बुलावे पर भक्तों की, माशेल की माँ दौड़ी चली आती है 🪔 🌸 🥁 🛕

4.
इस शनिवार का योग आया है, चाँद हँसी से भरा है
माँ के इस दिव्य रूप की, पूरी दुनिया दीवानी है
कंस के अत्याचार से बचकर, यह दिव्य रूप यहाँ आया है
शांति और समृद्धि का उपहार, भक्त के लिए हमेशा उपलब्ध है ✨ 🌙 🧘�♂️ ✅

5.
आइए यह सरल भक्ति माँ के चरणों में अर्पित करें
कृष्ण की लीला को याद करके, आइए हम दुनिया की इस गाड़ी को भर दें
स्नेह का यह झरना बहता है, माशेल की यह पवित्र नगरी
आशीर्वाद का हाथ हमेशा हमारे घर पर बना रहे 🍼 🤝 🏠 🌟

6.
मेले में यह उत्साह बड़ा है, गोमांतक की यह संस्कृति
लोग इकट्ठे हुए, आपकी प्रसिद्धि के गीत गाते हुए
फल और मिठाई का प्रसाद, हम रखते हैं भगवान के चरणों में
माँ, तेरा नाम याद करके, हम इस जीवन को सार्थक बनाते हैं 🥥 🍬 🎶 😊

7.
पौष पूर्णिमा की इस रात, ठंडी चांदनी देखो
देवकी-कृष्ण की इस जोड़ी पर, हमेशा प्यार भरी भक्ति बनी रहे
अगले साल फिर आना, हमें अपने दर्शन देना
माँत्व की इस महिमा से, हमारा जीवन समृद्ध हो 🙌 🎊 🎇 😇

कविता का छोटा मतलब:
गोवा के माशेल में देवकी-कृष्ण मंदिर दुनिया का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहाँ देवकी माता और बालकृष्ण की एक साथ पूजा होती है।
पौष पूर्णिमा पर यहाँ एक बड़ा मेला लगता है।
यह कविता देवकी माता के स्नेह और बालकृष्ण की दिव्यता का वर्णन करती है।
यह मेला सिर्फ़ एक त्योहार नहीं बल्कि माँ-बच्चे और गोमांतक संस्कृति के अटूट बंधन का एक शानदार उत्सव है।

सिर्फ़ इमोजी समरी:
🤱🌴 ✨ 🤱 🕉� 🌕 👶 ❤️ 🙏 🪔 🌸 🥁 🛕 ✨ 🌙 🧘�♂️ ✅ 🍼 🤝 🏠 🌟 🥥 🍬 🎶 😊 🙌 🎊 🎇 😇

सिर्फ़ शब्द समरी:
जगह: मचेल, गोवा, गोमांतक, इकलौता मंदिर।

रूप: देवकी माता, बालकृष्ण, वात्सल्य, माई-लेकरू, दिव्य।

त्यौहार: जात्रा, पौष पूर्णिमा, पालकी सोहाला, रोशनाई, जल उत्सव।

भक्ति: भजन, कीर्तन, नामस्मरण, दर्शन, अर्पण।

चिह्न: मातृत्व, शांति, संस्कृति, आशीर्वाद, विश्वास।

--अतुल परब
--दिनांक-03.01.2026-शनिवार.
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