॥ वलाने गांव के राजा श्री उत्तरेश्वर ॥⛰️ 🚩 🛐 ✨ 🐚 🔔 🕉️ 🗣️ 🟡 💧 🥁 🎊 🌿 🌕

Started by Atul Kaviraje, January 10, 2026, 08:21:05 PM

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Atul Kaviraje

उत्तरेश्वर यात्रा-वाळणे-गावदुस, तालुका-महाबळेश्वर-

पौष पूर्णिमा के शुभ अवसर पर, 3 जनवरी 2026, शनिवार को, महाबलेश्वर तालुका के वलाने-गावडूस में श्री उत्तरेश्वर देव के भव्य तीर्थ को समर्पित यह भक्ति कविता:

॥ वलाने गांव के राजा श्री उत्तरेश्वर ॥

1.
महाबलेश्वर की गोद में बसा, वालेन-गावडूस के खूबसूरत गांव में उत्तरेश्वर देव का मंदिर
पौष पूर्णिमा की रोशनी में भक्तों की जुबान पर आया है आपका नाम
पहाड़ों पर यह खूबसूरत प्रकृति भक्तों के कल्याण के लिए दौड़ी चली आती है
देवों के देव महादेव की छाया है आपकी

2.
महादेव का यह जागृत स्थान, वालेन शहर के इस राजा, महान तीर्थ के इस पावन दिन
भक्तों ने 'हर हर महादेव' की गर्जना के साथ किले में हुजूम लगा दिया
उत्तरेश्वर के पैरों की आहट से पूरा आसमान भर गया है
आज आस्था का यह जमावड़ा 🐚 🔔 🕉� 🗣�

3.
शिखर पर भंडार छलक उठा, पूरी धरती सुनहरी हो गई।
गंगा का पानी कावड़िए लाए थे।
भगवान को पवित्र करने के लिए पालकी निकली, बजती-बजती।
ढोल-नगाड़ों और झांझ-मजीरों की आवाज़ में
भक्ति की यह खुशबू गाँव के हर घर में सुनाई दे रही थी। 🟡 💧 🥁 🎊

4.
यह शनिवार सौभाग्य का दिन है, पूर्णिमा हँसी नहीं कर रही है।
कठोर तपस्या और भक्ति से भगवान के इस रूप के दिव्य दर्शन होते हैं।
बेल-बूटे और फूल चढ़ाकर इन मानसिक विकारों को शांत करना चाहिए।
उत्तरेश्वर के आशीर्वाद से जीवन पूरी तरह बच जाएगा। 🌿 🌕 🙏 ✅

5.
सरल, भोले-भाले, पहाड़ी लोगों,
भगवान विश्वास की इसी एक पुकार से हमेशा हाज़िर रहते हैं।
वे मुसीबत के समय भक्तों पर मुस्कुराते हैं।
पूरनपोली का प्रसाद चढ़ाकर, आइए हम भगवान को प्रसन्न करें और एक रहें। 🍛 🥣 🏠 🌟

6.
झंडा चोटियों पर लहराता है, कुदरत की ये हवा चलती है, वल्लने-गवड़ूस के ये देवता
भक्तों के लिए हमेशा प्यार देखते हैं, मन खुशी से उनका नाम लेता है
उत्तरेश्वर के इस दरबार में दुख के पहाड़ हिल जाएंगे
खुशियों के ये झरने भर जाएंगे 🚩 🌳 ❤️ 😇

7.
पौष पूर्णिमा का ये तीर्थ, उत्तरेश्वर भगवान का गुणगान, हमेशा आपके साथ खड़े रहें
आपकी कृपा हम पर बनी रहे, अगले साल फिर आएं
हम सब तैयार रहें, हम सब आपके नाम की याद में बहें
भक्ति की ये ठंडी हवा 🙌 🌸 🌙 😊

कविता का छोटा मतलब:
सतारा जिले के महाबलेश्वर तालुका में वल्लने-गवड़ूस श्री उत्तरेश्वर (महादेव) भगवान की पूजा की जगह है। पौष पूर्णिमा पर यहां एक बड़ी तीर्थयात्रा होती है, जहां भक्त कांवड़ में जल लाते हैं और भगवान का अभिषेक करते हैं और पालकी समारोह मनाया जाता है।
यह कविता उत्तरेश्वर देव के प्रति गांव वालों की भक्ति, सुंदर माहौल और तीर्थयात्रा के आध्यात्मिक आनंद के बारे में बताती है।

सिर्फ़ इमोजी समरी:
⛰️ 🚩 🛐 ✨ 🐚 🔔 🕉� 🗣� 🟡 💧 🥁 🎊 🌿 🌕 🙏 ✅ 🍛 🥣 🏠 🌟 🚩 🌳 ❤️ 😇 🙌 🌸 🌙 😊

सिर्फ़ वर्ड समरी:
जगह: वल्लाने-गावडूस, महाबलेश्वर, पहाड़, उत्तरेश्वर मंदिर।

भगवान: महादेव, शंकर, उत्तरेश्वर, कैलाश के राजा, रक्षक।

तीर्थयात्रा: पौष पूर्णिमा, कावड़, पालकी समारोह, भंडार उद्धाटन, मेला।

रस्में: अभिषेक, बेल-पान, नैवेद्य, जयजयकार, हर हर महादेव।

भावनाएँ: आस्था, परंपरा, एकता, शांति, भक्ति का आनंद।

--अतुल परब
--दिनांक-03.01.2026-शनिवार.
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