॥ नागवे शहर के राजा थापलिंग ॥⛰️ 🚩 🛐 ✨ 🟡 🗣️ 🎊 🏔️ 🥁 🎶 🌸 🏠 🍛 🌕 🙏 ✅ 🚩

Started by Atul Kaviraje, January 10, 2026, 08:23:08 PM

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Atul Kaviraje

थापलिंग यात्रा-नागवे, तालुका-आंबेगाव, जिल्हा-पुणे-

शनिवार, 3 जनवरी 2026 को पौष पूर्णिमा के मौके पर, अम्बेगांव तालुका के नागवे में श्री थापलिंग देव की पवित्र यात्रा के मौके पर, यह खास भक्ति कविता:

॥ नागवे शहर के राजा थापलिंग ॥

1.
अम्बेगांव का यह इलाका पवित्र है, कुदरत खूबसूरत है। थापलिंग देव का मंदिर वहीं है।
भक्तों की जुबान पर तुम्हारा नाम है। पौष पूर्णिमा की रोशनी भक्तों की जुबान पर पड़ी है।
आज इस तीर्थ यात्रा के लिए किले पर भक्तों का सैलाब उमड़ा है।
⛰️ 🚩 🛐 ✨

2.
यह मंदिर पहाड़ पर है, यह पवित्र रूप जागा हुआ है।
थापलिंग के दर्शन से मन को शांति मिलती है।
'थापलिंग के नाम से सब कुछ अच्छा है।'
जो मंत्र घूमता है वह पहाड़ के खजाने का ओवरफ्लो था। नागवे का यह शहर सुनहरा हो गया है। 🟡 🗣� 🎊 🏔�

3.
पालकी धूम-धाम से निकली, झंडा लिए भक्त खुशी से नाचे,
भक्ति का यह त्योहार एक परंपरा है,
बूढ़े थापलिंगा के आशीर्वाद से,
मुसीबतों की जाति भाग गई 🥁 🎶 🌸 🏠

4.
यह शनिवार सौभाग्य का दिन है,
भगवान को बहुत प्यारे हैं, पूर्णिमा की इस ठंडी रात में,
भक्ति चिता की सक्रिय भेंट थी, आओ भगवान को प्रसन्न करें,
घर सुख-समृद्धि वाला हो, आओ यह मन थामे रहें 🍛 🌕 🙏 ✅

5.
इस सीधे-सादे और भोले नागरिक के सच्चे सहारे हो तुम,
दुनिया की इस राह पर, हवा तुम्हारी है,
यह झंडा शिखर पर लहराता है, हवा आज थापलिंगा के दरबार में खुशी से खेलती है,
आओ हम खुशी के गीत गाएं 🚩 🐎 🔱 ��🌟

6.
गांव के देवता की इस यात्रा में, आस्था के इस पवित्र रास्ते पर एकता का ये नज़ारा है
पौलुस भक्त खुश दिलों से, नाम लेकर आगे बढ़ते हैं
दुख के ये पहाड़ मां जोगेश्वरी के सानिध्य में छूट जाते हैं
भाग्य की ये बेलें आशीर्वाद से भर जाती हैं 🤝 ❤️ 🛤� 😇

7.
पौष पूर्णिमा का ये मेला, नागवे शहर की खुशियां, आपकी कृपा हम पर बनी रहे, अगले साल फिर आएं
आइए आपका न्योता स्वीकार करें, आपके नाम की याद में रहें
ये सार्थक जीवन पूर्ण हो 🙌 🎆 🌙 😊

कविता का छोटा मतलब:
पुणे जिले के अंबेगांव तालुका में 'नागवे' में श्री थापलिंग देव का मंदिर भक्तों के लिए पूजा की जगह है।
पौष पूर्णिमा पर यहां एक बड़ी यात्रा निकलती है। भंडारा टूटने, पालकी की रस्म और 'चंगभालम' की आवाज़ से पूरा इलाका भक्ति से भर जाता है।
यह कविता गांववालों और भक्तों के भगवान के प्रति परंपरा के प्यार और खुशी को दिखाती है।

सिर्फ़ इमोजी समरी:
⛰️ 🚩 🛐 ✨ 🟡 🗣� 🎊 🏔� 🥁 🎶 🌸 🏠 🍛 🌕 🙏 ✅ 🚩 🐎 🔱 ����🌟 🤝 ❤️ 🛤� 😇 🙌 🎆 🌙 😊

सिर्फ़ वर्ड समरी:
जगह: नागवे, अम्बेगांव, पुणे ज़िला, माउंटेन पीक।

देवता: श्री थापलिंग, गांव के देवता, रक्षक, जागृत देवस्थान।

यात्रा: पौष पूर्णिमा, पालकी, भंडार-गुलाल उद्घलन, चंगभालम, काठी समारोह।

रिवाज: नैवेद्य, अभिषेक, जागर, जयजयकार, नमन।

भावनाएं: आस्था, परंपरा, एकता, गांव की पहचान, भक्ति।

--अतुल परब
--दिनांक-03.01.2026-शनिवार.
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