॥ खरसुंडी के राजा श्री सिद्धनाथ ॥⛰️ 🚩 🛐 ✨ 🙏 🔱 🗣️ 💖 🥁 🎶 🌸 🏠 🍛 🌕 🤲 ✅

Started by Atul Kaviraje, January 10, 2026, 08:28:51 PM

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Atul Kaviraje

नाथ यात्रा-खरसुंडी, तालुका-आटपाडी-

पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर, शनिवार, 3 जनवरी, 2026 को, सांगली जिले के आटपडी तालुका के खरसुंडी में श्री सिद्धनाथ (नाथ) के तीर्थ को समर्पित यह भक्ति कविता, जो लाखों भक्तों की पूजा की जगह है:

॥ खरसुंडी के राजा श्री सिद्धनाथ ॥

1.
सांगली जिले के आटपडी तालुका के पवित्र गांव खरसुंडी में सिद्धनाथ देव का मंदिर है।
भक्तों की जुबान पर, पौष पूर्णिमा की रोशनी में आपका नाम चमकता है।
तीर्थयात्रा का यह त्योहार महान है। मंदिर भक्तों से भरा है।
भक्तों का यह घना सैलाब ⛰️ 🚩 🛐 ✨ है।

2.
इसे दक्षिण काशी माना जाता है, आपका यह धाम जागता है। आप खरसुंडी नगर के नाथ हैं। भक्तों के मन में आपका आदर है 'सिद्धनाथ के नाम से, मैं समृद्ध होऊंगा'।
भक्ति के इस त्योहार में यह मंत्र लगातार घूमता रहता है।
सबके बीच का यह अंतर मिट जाता है। 🙏 🔱 🗣� 💖

3.
पालकी धमाके के साथ निकली, ढोल-नगाड़ों की आवाज़ सुनाई दी, सासन की छड़ियाँ हवा में लहराईं
हर घर में गुलाल और नारियल की खुशबू से चेतना भर गई
भक्ति के रस से मंदिर सजाए गए, सिद्धनाथ के आशीर्वाद से
भाग्य का यह मार्ग प्रशस्त हुआ 🥁 🎶 🌸 🏠

4.
यह शनिवार भाग्य का दिन है, पूर्णिमा की यह ठंडी रात भगवान को बहुत प्रिय है
भक्ति पूरनपोली के सभी प्रसादों का सक्रिय अर्पण थी
आओ भगवान को प्रसन्न करें, घर सुखी और समृद्ध हो
आओ इस मन और इच्छा को थामे रखें 🍛 🌕 🤲 ✅

5.
दुनियादारी के इस रास्ते पर इस सीधे-सादे और भोले नागरिक के सच्चे सहारे आप ही हैं
हवा आपकी है, यह कृपा, परंपरा का ये घोड़ा दौड़ता है
महल में तेरा रूप दिखता है, प्रभु के इस दरबार में
सत्य की ये जीत कायम है 🛡� 🐎 🌟 🔱

6.
मंदिर पर झंडा लहराता है, चोटियों पर सुनहरी आभा है खरसुंडी के इस तीर्थ में
आस्था का ये मूल दिखता है, प्रसन्न मन नाम लेता है
दुख में ये दुख माँ जोगेश्वरी का साथ है
भाग्य की ये लहरें भरी हैं 🚩 🌳 ❤️ 😇

7.
पौष पूर्णिमा का ये मेला, खरसुंडी शहर का उल्लास, हमेशा आपके साथ खड़ा रहे
अगले साल फिर आने के लिए हम पर आपकी कृपा बनी रहे
आइए हम आपका निमंत्रण याद रखें आपका नाम
ये सार्थक जीवन पूरा हो 🙌 🎊 🌙 😊

कविता का संक्षिप्त अर्थ:
श्री सिद्धनाथ (महादेव के अवतार) की भव्य तीर्थ यात्रा सांगली जिले के खरसुंडी में पौष पूर्णिमा।
इस तीर्थयात्रा को 'दक्षिणी काशी' का तीर्थयात्रा कहा जाता है।
सासन की छड़ियों का नृत्य, घोड़ों का बाज़ार और 'चंगभालम' का शोर इस तीर्थयात्रा की मुख्य विशेषताएं हैं।
यह कविता भक्तों द्वारा नाथ के चरणों में अर्पित की गई श्रद्धांजलि है और तीर्थयात्रा की भावना को बताती है।

सिर्फ़ इमोजी समरी:
⛰️ 🚩 🛐 ✨ 🙏 🔱 🗣� 💖 🥁 🎶 🌸 🏠 🍛 🌕 🤲 ✅ 🛡� 🐎 🌟 🔱 🚩 🌳 ❤️ 😇 🙌 🎊 🌙 😊

सिर्फ़ वर्ड समरी:
जगह: खरसुंडी, अटपडी, सांगली, दक्षिण काशी.

भगवान: श्री सिद्धनाथ, नाथ बाबा, महादेव अवतार, रक्षक.

यात्रा: पौष पूर्णिमा, सासन काठी, पालकी समारोह, गुलाल उड़ालन, चंगभाल.

रस्में: अश्व (घोड़ा) पूजा, नैवेद्य, जयजयकार, अभिषेक।

भावनाएं: आस्था, ग्रामीण संस्कृति, खुशी, भक्ति का समारोह।

--अतुल परब
--दिनांक-03.01.2026-शनिवार.
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