॥ हज़रत अली: ज्ञान का दरवाज़ा और बहादुरी की निशानी ॥🌙🕌 ✨ 🌙 🙏 🗡️ 🧠 🌟 🕋 🤝

Started by Atul Kaviraje, January 10, 2026, 08:33:41 PM

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Atul Kaviraje

हज़रत अली का जन्मदिन: यह मुस्लिम भाइयों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक दिन है।

3 जनवरी, 2026, शनिवार, रजब महीने की 13वीं तारीख को 'हज़रत अली' का जन्मदिवस (महान जन्मदिन) मनाया जाएगा। इस मौके पर उनकी बहादुरी और ज्ञान की तारीफ़ करते हुए यह खास कविता:

॥ हज़रत अली: ज्ञान का दरवाज़ा और बहादुरी की निशानी ॥

1️⃣
मक्का शहर में, काबा में, हज़रत अली के रूप में यह दिव्य जन्म समारोह हुआ।
आज, गौरव का यह बड़ा जमावड़ा लगा है।
रजब महीने की यह तारीख तेरहवीं है।
खुशी का यह त्योहार इंसानियत का पैगाम देने आया है।
इस महान व्यक्ति का जन्म हुआ। 🕌 ✨ 🌙 🙏

2️⃣
पैगंबर के प्यारे भाइयों, जिन्होंने अन्याय को खत्म करने के लिए ज्ञान के 'दरवाज़े' को माना।
जिन्होंने बहादुरी का हथियार बढ़ाया।
अपार बुद्धि और अटूट ताकत का यह अनोखा संगम।
अली के इन महान विचारों से दुनिया शुभ हो गई है। 🗡� 🧠 🌟 🕋

3️⃣
वो गरीबों के हिमायती बने, हमेशा इंसाफ के लिए लड़े,
उनकी आवाज़ ने इंसानियत का ये खूबसूरत सबक बोला,
पवित्र आचरण, अटूट विश्वास, यही उनकी महान शिक्षा है,
हज़रत अली को याद करके, आज मेरा दिल खुश है 🤝 🕯� ❤️ 📜

4️⃣
ये शनिवार एक खास दिन है, भक्ति का ये नया दिन,
अल्लाह के इस प्यारे बंदे, आओ हम शांति और भाईचारे का ये गीत गाएं,
उन्होंने शांति और भाईचारे का रास्ता दिखाया,
उन्होंने विश्वास के इस एक धागे से रास्ता दिखाया, पूरा समाज एकजुट हुआ 🛐 🤝 🕊� ✅

5️⃣
ये सीधे-सादे और भोले-भाले भक्त, इस अंधेरे रास्ते पर सिर्फ़ अली ही असली सहारा हैं,
इसी शुक्र, त्याग और समर्पण की ज़रूरत है,
वो उनकी कृपा के अवतार हैं,
ये खुशी का रूप हैं 🛡� 📈 🌟 🔱

6.
'इल्म' का शहर पैगंबर है, अली इसका गेटवे हैं। ज्ञान की यह रोशनी
दुनिया इस खुशी, बहादुरी, सब्र और विद्वता से भरी है,
जिसमें अली का कोई तोड़ नहीं सकता
उनके नाम की याद से ज़िंदगी में यह मिठास आ जाती है
📖 🏯 🛡� 😇

7.
रजब की यह 13वीं तारीख, मुबारक का यह महान त्योहार, हज़रत अली की याद को समर्पित होना चाहिए
आइए इसे अगले साल फिर से मनाएं
आइए शांति और खुशहाली के इस पवित्र सत्र को मनाएं
आइए दोस्ती के इस मंत्र का जाप करें 🙌 🎆 🌙 😊

कविता का छोटा मतलब:
यह कविता हज़रत अली की जयंती (विलादह) के मौके पर उनके अलौकिक गुणों के बारे में बताती है।
मक्का के पवित्र काबा में जन्मे अली, पैगंबर मुहम्मद (PBUH) के दामाद और चचेरे भाई थे।
उन्हें बहुत बहादुर, बुद्धिमान और न्याय का प्रतीक माना जाता है।
यह कविता शांति, भाईचारे और अपार ज्ञान की उनकी शिक्षाओं का सम्मान करती है।

सिर्फ़ इमोजी समरी:
🌙🕌 ✨ 🌙 🙏 🗡� 🧠 🌟 🕋 🤝 🕯� ❤️ 📜 🛐 🤝 🕊� ✅ 🛡� 📈 🌟 🔱 📖 🏯 🛡� 😇 🙌 🎆 🌙 😊

सिर्फ़ शब्द समरी:
व्यक्तित्व: हज़रत अली, मौला अली, शेर-ए-खुदा, ज्ञान का द्वार।

जन्म: काबा (मक्का), 13 रजब, खुशी का त्योहार।

गुण: बहादुरी, त्याग, न्याय, बहुत ज्ञान (इल्म), सब्र।

शिक्षाएँ: इंसानियत, भाईचारा, अल्लाह पर भरोसा, गरीबों की सेवा।

अवसर: जन्मदिन, मुबारक, जश्न, भक्ति, शांति संदेश।

--अतुल परब
--दिनांक-03.01.2026-शनिवार.
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