॥ स्वराजजननी जिजाऊ: संस्कारों की मूरत ॥☀️ 🚩 🛐 ✨ 🛡️ 🧠 🌟 🚩 🗡️ 🏛️ 🌸 🏠 🌕

Started by Atul Kaviraje, January 10, 2026, 08:35:12 PM

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Atul Kaviraje

राजमाता जीजाऊसाहेब भोसले जयंती (तारीख के अनुसार)-
राजमाता जिजाऊ भोसले जयंती (तारीख के अनुसार): आज राजमाता जिजाऊ की जयंती तिथि के अनुसार मनाई जाती है।
राजमाता जिजाऊ जयंती (तारीख के अनुसार): कुछ जगहों पर राजमाता जिजाऊ की जयंती पौष पूर्णिमा की तिथि के अनुसार मनाई जाती है।

पौष पूर्णिमा के पावन दिन, शनिवार, 3 जनवरी, 2026 को, स्वराजजननी राजमाता जिजाऊ भोसले की जयंती के मौके पर, यह खास गौरव कविता:

॥ स्वराजजननी जिजाऊ: संस्कारों की मूरत ॥

1.
शनिवार, पौष पूर्णिमा का यह पावन दिन, सिंदखेड की इस धरती पर आया है।
रत्नों की यह खान निकली है।
लखुजीराव का यह सरोवर।
जिजाऊ के नाम बांटे हैं।
उनकी वजह से पूरा महाराष्ट्र शहर रोशन हुआ है।
☀️ 🚩 🛐 ✨

2.
शिव के इस साहस को, खुद जिजाऊ ने रामायण और महाभारत को आकार दिया।
महाभारत के संस्कार दिए।
अन्याय के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा दी।
यह स्वराज्य का सपना देखने वाली महान मूरत है। 🛡� 🧠 🌟 🚩

3️⃣
हाथ में भवानी तलवार पकड़कर, उन्होंने शिव को लड़ना सिखाया।
उन्होंने आम लोगों की भलाई का सुंदर सपना रंगा।
उन्होंने पुणे में गणपति शहर बसाया।
उन्होंने महाराष्ट्र की मिट्टी को एक नई चेतना दी। 🗡� 🏛� 🌸 🏠

4️⃣
शनिवार का यह योग मिला, चाँद हँसी से भरा है।
जिजाऊ के इन विचारों में, स्वराज्य की यह चमक दिख रही है।
नारी शक्ति का यह रूप दिख रहा है।
हिम्मत का यह महान पहाड़ आम लोगों की माँ है। सभी जानवरों का सम्मान है। 🌕 👸 🤲 ✅

5️⃣
सरल शब्दों में, उन्होंने नैतिकता का पाठ दिया।
मराठा क्रांति के इस रास्ते पर, उन्होंने चमक का यह दीया जलाया।
यह आम लोगों का राज्य हो।
संकट के इस समय में भी यही उनकी महत्वाकांक्षा थी। उन्होंने बड़ा इनाम दिया। 🤝 🏹 🌟 🛡�

6.
शाहजीराज की यह रानी, ��स्वराज्य का यह स्तंभ महाराष्ट्र यह धर्म का वृक्ष
तुम ही मूल शुरुआत हो स्वराज्य का यह स्तंभ
तुम्हारी ज़िद से, महाराष्ट्र खड़ा हो गया धन्य, जिसने यह सूरज देखा 🌳 ❤️ 🛡� 😇

7.
पौष पूर्णिमा की इस जयंती पर, आइए जिजाऊ का जश्न मनाएं उनके आशीर्वाद से
यह हिंदू संस्कार खड़ा हो गया है आइए अगले साल फिर से जश्न मनाएं
आइए जिजाऊ के विचारों के इस पवित्र सत्र का जश्न मनाएं
आइए इस विजय मंत्र का जाप करें 🙌 🎊 🌙 😊

कविता का छोटा अर्थ:
यह कविता राजमाता जिजाऊ के काम को उनकी जयंती के मौके पर गौरवान्वित करती है, जो इसी तिथि (पौष पूर्णिमा) को पड़ती है। जिजाऊ ने न सिर्फ़ छत्रपति शिवाजी महाराज को जन्म दिया, बल्कि उनमें स्वराज्य के मूल्य भी डाले।
वह बहादुरी, धैर्य और दूर की सोच की निशानी थीं।
उनके मार्गदर्शन की वजह से ही हिंदू स्वराज्य का सपना पूरा हुआ। यह कविता उनकी मातृत्व और उपलब्धियों को श्रद्धांजलि है।

सिर्फ़ इमोजी समरी:
☀️ 🚩 🛐 ✨ 🛡� 🧠 🌟 🚩 🗡� 🏛� 🌸 🏠 🌕 👸 🤲 ✅ 🤝 🏹 🌟 🛡� 🌳 ❤️ 🛡� 😇 🙌 🎊 🌙 😊

सिर्फ़ वर्ड समरी:
हीरोइन: राजमाता जिजाऊ, स्वराजजननी, औसासाहेब, संस्कारमूर्ति।

तारीख: पौष पूर्णिमा, शनिवार, सिंदखेड राजा, महाराष्ट्र।

काम: शिव में गुण डालना, मार्शल आर्ट सिखाना, स्वराज्य का सपना देखना, लोगों की सेवा करना।

गुण: साहस, दूरदर्शिता, नैतिकता, मातृत्व, गहरी देशभक्ति।

फल: हिंदू स्वराज्य, अन्याय से मुक्ति, नारी शक्ति का गौरव, आत्म-सम्मान।

--अतुल परब
--दिनांक-03.01.2026-शनिवार.
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