🌺 श्री गुरुदेव दत्ता: गुरु-शिष्य एकरूपता 🌺🌊🙏 ✨ 🕯️ 🕉️ 🐢 🌊 🤚 🔱 🏵️ 🙇‍♂️

Started by Atul Kaviraje, January 11, 2026, 09:12:39 PM

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Atul Kaviraje

(श्री गुरु देव दत्त: गुरु और शिष्य के बीच एकता)
(Shri Guru Dev Datta: The Unity Between Guru and Disciple)

श्री गुरुदेव दत्ता और गुरु-शिष्य एकरूपता के टॉपिक पर आधारित एक बहुत ही इमोशनल और रसीली लंबी मराठी कविता यहाँ है।

🌺 श्री गुरुदेव दत्ता: गुरु-शिष्य एकरूपता 🌺

प्रस्तावना: दत्त संप्रदाय में गुरु का बहुत महत्व है। श्री गुरुदेव दत्ता सिर्फ़ एक गुरु नहीं हैं, बल्कि ब्रह्मा, विष्णु और महेश का मिला-जुला रूप हैं। जब शिष्य अपना वजूद भूलकर गुरु में मिल जाता है, तभी उसे 'अद्वैत' आनंद मिलता है।

🔱  कविता 🔱

1.
अद्वैत दर्शन गुरु और शिष्य दोनों एक थे,
जब दत्ता उनके चरणों में पैर रखते हैं, तो यह रोशनी चमकती है।
जब शरीर का यह पर्दा हट जाता है,
तब शिष्य को गुरु में खुद की याद आती है। 🙏 ✨ 🕯� 🕉�

मतलब: जब शिष्य की गुरु के प्रति असीम भक्ति होती है, तो उनके बीच की दूरी खत्म हो जाती है और एक अद्वैत प्रकाश पैदा होता है।

2.
दत्त रूप में गुरु, दत्त गुरु मौली, कृपा का सागर,
जहां शिष्य है, भक्ति की नगरी है।
धागे के धागे पर चलते हुए, हाथ पर आशीर्वाद लिए,
हमेशा उसके साथ रहता है, गुरु का यह साथी। 🐢 🌊 🤚 🔱

मतलब: भगवान दत्तात्रेय सच में कृपा के सागर हैं और उनका आशीर्वाद देने वाला हाथ हमेशा शिष्य के सिर पर रहता है।

3.
मुझे अहंकार छोड़ देना चाहिए, मुझे उनके चरणों में समर्पित हो जाना चाहिए,
फिर गुरु के चरणों में, फिर सब कुछ अर्पित कर देना चाहिए।
कस्तूरी मृग परी, बाहर जो है उसे ढूंढती है,
जो अपने अंदर गुरु, मालिक के मिलने से मिलता है। 🏵� 🙇�♂️ 💎 🏠

मतलब: शिष्य को अपना अहंकार छोड़कर गुरु के सामने सरेंडर कर देना चाहिए। सच्चा सुख उसके अंदर ही है, गुरु उसे अपने मिलने से यकीन दिलाते हैं।

4.
ज्ञान का प्रकाश अज्ञान के अंधेरे को दूर करता है, गुरु तुरंत दूर कर देते हैं,
फिर, शिष्य के अंदर ज्ञान का दीया जलता है।
त्रिदेवों का एहसास होता है, फिर आंखें देखती हैं,
दत्त के नाम से डर और भय गायब हो जाते हैं। 📖 💡 🕉� 🔱

मतलब: गुरु शिष्य के जीवन से अज्ञान को दूर करके ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं और उसे जन्म-मृत्यु के चक्कर से आज़ाद करते हैं।

5.
एकता का एहसास यह है कि गुरु ही भगवान है, भगवान ही गुरु है,
भक्ति का यह बहाव, यह लगातार चलता रहता है।
अब द्वंद्व हल्का हो गया है, दत्ता भस्म हो गया है,
शिष्य का यह रवैया, प्रेम-पागल हो गया है। 🤝 🌀 ❤️ 🌟

मतलब: गुरु और भगवान में कोई फर्क नहीं है। इस एकता के कारण, शिष्य को हर जगह सिर्फ दिव्य चेतना महसूस होती है।

6.
नाम के नाम की शक्ति "दिगंबर दिगंबर" है, नाम का नाम सुनाई देता है,
शिष्य का स्नान पूरा है, यह गुरु की आवाज है।
औदुंबर की छाया में, मुझे आराम मिलता है,
अब गुरु की कोई जरूरत नहीं है, कोई जलन नहीं है। 🌳 👣 🎼 🧘�♂️

मतलब: शिष्य 'दिगंबर दिगंबर श्रीपाद वल्लभ दिगंबर' के नाम से स्नान करता है और गुरु के चरणों के अलावा कुछ और नहीं चाहता है।

7.
पूरा समर्पण गुरु-शिष्य एक हैं, जैसे गंगा और सागर,
दत्त भक्ति से सुशोभित हैं, जीवन का मूल।
अनंत कोटि प्रणाम, गुरु के चरणों में,
हम धन्य हैं, ऐसे चरणों में। 🌊 🐚 🚩 🛐

मतलब: जैसे गंगा नदी सागर में मिल जाती है, वैसे ही शिष्य गुरु में मिल जाता है। यही समर्पण जीवन का अर्थ है।

💠 वर्ड समरी 💠
अद्वैत, एकात्मता, दत्तगुरु, समर्पण, अज्ञान का नाश, नाम का जाप, औदुंबरा, आत्मा क्यान, विदेही अवस्था, भक्ति, समर्पण।

💠 इमोजी समरी (इमोजी समरी) 💠
🌊🙏 ✨ 🕯� 🕉� 🐢 🌊 🤚 🔱 🏵� 🙇�♂️ 💎 🏠 📖 💡 🕉� 🔱 🤝 🌀 ❤️ 🌟 🌳 👣 🎼 🧘�♂️ 🌊 🐚 🚩 🛐

--अतुल परब
--दिनांक-08.01.2026-गुरुवार.
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