निसर्गदत्त शाकंभरी मौली-🥦 🍎 🚩 ✨ 🏰 🛐 👣 🌿 🥬 🥗 🌍 🪔 🔥 🙏 🔴 🧿 🙌 🌾 🌽

Started by Atul Kaviraje, January 13, 2026, 07:02:36 PM

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Atul Kaviraje

शाकंभरी नवरात्रि खत्म (देर से): 3 जनवरी को शाकंभरी पूर्णिमा के बाद, 4 जनवरी से बाद के काम शुरू होते हैं। महाराष्ट्र (खासकर तुलजापुर और कोल्हापुर) में देवी के मंदिरों में खास पूजा और रस्में की जाती हैं।

शाकंभरी नवरात्रि के खत्म होने और व्रत के उपलक्ष्य में (4 जनवरी 2026, रविवार) आदिमाया शाकंभरी देवी के चरणों में समर्पित एक भावपूर्ण कविता।

टाइटल: निसर्गदत्त शाकंभरी मौली

कड़वे 1:
कल पूर्णिमा बीत गई, कहते थे,
शाकंभरी के रूप में, माँ, तुम प्रकृति में निवास करती हो।
सब्जियों और फलों से सजी है तुम्हारी मूर्ति,
भक्तों के इस घर में, तुम्हारा यश घना है।

मतलब: शाकंभरी पूर्णिमा के खत्म होने के बाद, आज नवरात्रि खत्म हो रही है। फलों और सब्जियों से सजे देवी के रूप की हर जगह पूजा होती है।) 🥦 🍎 🚩 ✨ 👸

कड़वे 2:
आज रविवार की सुबह आ गई है, व्रत का उपलक्ष्य शुरू हो गया है,
भक्ति के इस मार्ग पर, तुम ही हमारी गुरु हो।
भक्ति में नहाया तुलजापुर और कोल्हापुर,
अंबाबाई के दर्शन से जीवन सार्थक हो गया है।
(अर्थ: नवरात्रि के बाद के धार्मिक अनुष्ठान आज, रविवार से शुरू हो गए हैं। तुलजापुर और कोल्हापुर में भक्ति का उत्साह उमड़ रहा है।) 🏰 🛐 👣 😊 🕯�

कड़वे 3:
सूखे के समय, माँ, आप अन्नपूर्णा बनीं,
आपने सब्ज़ियाँ देकर इस दुनिया को तृप्त किया।
हरे कपड़ों में, यह सांसारिक बोझ पैदा हुआ,
आपकी कृपा से, यह परेशानी का बोझ दूर हुआ। (मतलब: देवी ने सूखे के दौरान अपने शरीर से सब्ज़ियां बनाकर दुनिया को बचाया था, इसीलिए उन्हें शाकंभरी कहा जाता है।) 🌿 🥬 🥗 🤲 🌍

कड़वे 4:
मंदिर के दिल में अखंड नंदादीप जलता है,
मां, यह तुम्हारा नाम है, रास्ता दूर है।
कुल की परंपरा भक्ति की है, हम इसे परंपरा से निभाएंगे,
मां, आपके चरणों में, हम दुख के इन पहाड़ों को जला देंगे।

(मतलब: मंदिर में नंदादीप भक्ति का प्रतीक है। हम अपने कुल के रीति-रिवाजों का पालन करते हैं और देवी से दुख के नाश के लिए प्रार्थना करते हैं।) 🪔 🔥 🙏 ⛰️ 🏵�

कड़वे 5:
माथे पर यह, यह केसर और यह भंडारा लगाते हुए,
दिखते हैं तुम, मां, यह खुशियों का किनारा। नौ रातें, नौ रूप, हमने भर-भर कर देखे हैं,
अब आपका आशीर्वाद बना रहे, ये नैया तरुण जाने दो।
(मतलब: देवी का केसर माथे पर लगाने से संतुष्टि मिलती है। नवरात्रि के बाद भी, आपका आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ रहे।) 🔴 🧿 🙌 🛶 💖

कड़वे 6:
सृष्टि की ये हरी शाल, ये माया आपकी है,
हमारा शरीर अन्न-धान्य से भरपूर हो।
शाकंभरी के त्योहार के साथ, ये आशीर्वाद घर में आया है,
जिसके पास आपकी भक्ति है, उसे कोई परेशानी नहीं है। (मतलब: प्रकृति में हरियाली देवी का प्यार है। जो उनकी पूजा करता है, उसके घर में हमेशा अन्न और अनाज का आशीर्वाद रहता है।) 🌾 🌽 🧺 ✨ 🏠

कड़वे 7:
मौली से कहो, यह आखिरी प्रणाम है,
आपके पवित्र नाम के प्रति मेरी भक्ति अटूट रहे।
अगले साल फिर आना, हम इसी जोश के साथ इंतज़ार करेंगे,
माँ के प्रति आपकी भक्ति में, हम सभी जन्मों तक हैरान रहेंगे।
(मतलब: देवी को श्रद्धांजलि देकर, हम उनके नाम पर बने रहते हैं और अगले साल के त्योहार का बेसब्री से इंतज़ार करते हैं।) 🙏 🙇�♀️ 🔔 🌻 🧡

इमोजी समरी
🥦 🍎 🚩 ✨ 🏰 🛐 👣 🌿 🥬 🥗 🌍 🪔 🔥 🙏 🔴 🧿 🙌 🌾 🌽 🧺 🙏 🌻 🧡

वर्ड समरी
शाकंभरी • नवरात्रि • शाक्त • प्रकृति • अन्नपूर्णा • भक्ति • कोल्हापुर • तुलजापुर • समृद्धि • आशीर्वाद

--अतुल परब
--दिनांक-04.01.2026-रविवार.
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