॥ कोरथनचा मल्हारी: पिंपलगांवचा लोकोत्सव ॥⛰️ 🚩 ⛪ 👣 ✨ 🟡 🙌 🗣️ ☀️ 🌀 🥁 🐎 🎊

Started by Atul Kaviraje, January 13, 2026, 07:07:15 PM

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Atul Kaviraje

लोकल तीर्थयात्रा: * कोरथन खंडोबा यात्रा: इस दौरान पिंपलगांव रोथा (तालुका पारनेर, जिला अहिल्यानगर) में श्री खंडोबा की एक बड़ी तीर्थयात्रा होती है।
श्री खंडोबा यात्रा-कोरथन पिंपलगांव रोथा, तालुका-पारनेर-

यह खास कविता सोमवार, 5 जनवरी, 2026 को पारनेर तालुका के पिंपलगांव रोथा में होने वाली श्री कोरथन खंडोबा यात्रा के मौके पर है:

॥ कोरथनचा मल्हारी: पिंपलगांवचा लोकोत्सव ॥

1. कोरथन गाड की शान
पारनेर तालुका का पिंपलगांव रोथा, गांव एक दावत है, कोरथन गाड पर भगवान रहते हैं, तुम्हारा रूप एक दावत है।
यह अहिल्यानगर की शान है, भक्ति का यह दिखावा, भक्त देखने आते हैं, घर की राह छोड़कर।
(मतलब: पारनेर के पिंपलगांव रोठा में कोरथन खंडोबा का एक सुंदर मंदिर है, पूरे जिले से भक्त इस पवित्र किले की ओर खिंचे चले आते हैं।) ⛰️ 🚩 ⛪ 👣 ✨

2. भंडारा और येलकोट
'येलकोट येलकोट' के नारे से आसमान गरज उठता है, सोनिया का यह भंडारा, आसमान में बिखर जाता है।
बस भक्त भक्ति में नहाए, जंगल पीला हो गया, मल्हारी के चरणों में आकर, शरीर का भान भूल गए।
(मतलब: सभी भक्त 'येलकोट येलकोट' के जयकारों और भंडारे के बीच नहाते हैं, जिससे पूरा इलाका सोने जैसा पीला दिखता है।) 🟡 🙌 🗣� ☀️ 🌀

3. तीर्थ यात्रा की धूम
मेला देखो, बड़ा मेला है, पिंपलगांव के उस जंगल में, भगवान की पालकी सजी है, ढोल और ताशा बज रहे हैं।
नंदी और घोड़े के साथ कीचड़ में चलते हैं, भक्तों के बुलाने पर, मार्तंड देव पावती।
(मतलब: तीर्थयात्रा में खंडोबा की पालकी ढोल और ताशे की आवाज़ के साथ निकलती है। भगवान की सवारी और भक्तों के जोश से माहौल खुशनुमा हो जाता है।) 🥁 🐎 🎊 🏛� 🚩

4. आस्था और कावड़ का जागरण
भक्त दूर-दूर से कावड़ लेकर, खंडोबा के नाम पर, भक्तिभाव से नाचते हुए आते हैं।
यह आस्था का जागरण है, कोरथन की पवित्र धरती पर, हे भगवान, आपकी कृपा हमेशा हमारे सिर पर बनी रहे।
(मतलब: कई भक्त नंगे पैर कांवड़ लेकर और भगवान के नाम पर नाचते हुए आते हैं, प्रार्थना करते हैं कि कोरथन खंडोबा की कृपा हमेशा बनी रहे।) 🏺 🚶�♂️ 💃 🕯� 🙏

5. प्रसाद और परंपराएं
हे भगवान, आप पूरनपोली का प्रसाद खुशी से स्वीकार करते हैं, भक्तों के इस संकट में, आप दौड़े चले आते हैं।
बणाई और म्हालसा, आपकी संगति सुंदर है, आप हमेशा मेरे दिल में रहते हैं।
(मतलब: खंडोबा अपने भक्तों के संकट में दौड़े चले आते हैं। बणाई और म्हालसा के साथ, भगवान का रूप भक्तों के मन में बसा हुआ है।) 🥘 👑 🛡� 💖 ✨

6. लोक संस्कृति की हवा
वाघ्या-मुरली की धुन में, हम आपकी महिमा गाते हैं, तीर्थ यात्रा के इस मौके पर, हम भक्ति में नहाते हैं।
जलकोट के ये राजा, तुम हो कोरथान के राणा, हम देते हैं तुम्हारे नाम, ये है खुशी का गीत।
(मतलब: लोक कलाकार वाघ्या-मुरली अपने गीतों के ज़रिए खंडोबा की तारीफ़ करते हैं। कोरथान के ये राजा सबको खुशी देने वाले हैं।) 🎻 🎙� 🎶 😊 👑

7. भक्ति का ये समारोह
5 जनवरी का ये दिन, ये लकी सोमवार, पिंपलगांव रोथा नटले, भक्ति के इस दरबार जैसा है।
आपके इस कमरे में हमेशा जलती रहे, हम सबके जीवन में खुशियाँ और खुशहाली आए।
(अर्थ: सोमवार के इस पावन दिन भरा यह दरबार सभी के जीवन में खुशियाँ और समृद्धि लाए, यही चरणों की सेवा है।) 📅 🌙 🏛� 🌻 🛐

इमोजी सारांश
⛰️ 🚩 ⛪ 👣 ✨ 🟡 🙌 🗣� ☀️ 🌀 🥁 🐎 🎊 🏛� 🚩 🏺 🚶�♂️ 💃 🕯� 🙏 🥘 👑 🛡� 💖 ✨ 🎻 🎙� 🎶 😊 👑 📅 🌙 🌻 🛐

शब्द सारांश
कोरथन खंडोबा - पिंपलगांव रोथा - पारनेर - भंडारा - येलकोट - पालखी - कावड़ - वाघ्या मुरली - भक्ति - जात्रा

--अतुल परब
--दिनांक-05.01.2026-सोमवार.
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