शिव का पर्यावरण रूप -"प्रकृति के रूप में महादेव"🔱 🌊 🏔️ 🌙 🐍 🐂 🍃 🌳 🧘‍♂️

Started by Atul Kaviraje, January 13, 2026, 07:29:42 PM

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Atul Kaviraje

शिव का पर्यावरण से रिश्ता-
(पर्यावरण के साथ शिव का संबंध)
(Shiva's Relationship with the Environment)
Shiva's environmental relations-

📜 कविता: शिव का पर्यावरण रूप

टाइटल: "प्रकृति के रूप में महादेव"

कड़वा 1:
उनके सिर से, जिनकी गंगा बहती है, जटाओं में पानी समेटे हुए है,
शिव प्रकृति की रक्षा सिखाते हैं, यही धुनों की आवाज़ है।
वह बारिश की रफ़्तार रोकते हैं, धरती माँ मुस्कुराती हैं,
शिव के एक स्पर्श से, फिर, सृष्टि का पुनर्जन्म होता है।

मतलब:
शिव की जटाएँ बारिश के पानी को कंट्रोल करती हैं और धरती के कटाव को रोकती हैं। 🌊 🏔� 💧 🌏

कड़वा 2:
वह, जड़ी-बूटियों के राजा, अपने सिर पर, चाँद,
प्रकृति के चक्र का नियम, उसकी शांत ताज़गी बताते हैं।
अंधेरे में भी रोशनी देते हैं, उनका रूप ठंडा है,
प्रकृति के इस रूप का जश्न मनाते हैं, खुशबूदार धूप की तरह।

मतलब:
चाँद प्रकृति में समय और औषधीय पौधों के बढ़ने का प्रतीक है। 🌙 🍃 🕯� ✨

कड़वे 3:
कि साँप गले में झूले, मन को डरना नहीं चाहिए,
फ़ूड चेन का बैलेंस बनाए रखना, यही शिव की भक्ति है।
उन डरावने जीवों को भी, दिल में जगह देना,
हमें प्रकृति के हर कण का सम्मान करना चाहिए।

मतलब:
साँप जैसे जीवों की रक्षा करके, शिव हमें प्रकृति का बैलेंस बनाए रखना सिखाते हैं। 🐍 ❤️ 🕉� 🔱

कड़वे 4:
कैलाश की ऊँची चोटियाँ, ये शिव की खुशबू,
पहाड़ की चोटियाँ पवित्र रखें, ये साँसें हमारी।
चोटियाँ हमारे मंदिर हैं और, जंगल हमारी दौलत हैं,
शिव के चरणों में अर्पित करना, हमारा सुंदर नज़रिया है।

मतलब:
पहाड़ और जंगल ही असली मंदिर हैं और इनकी रक्षा करना हमारा फ़र्ज़ है। 🏔� 🌲 🧘�♂️ 🚩

कड़वे 5:
नंदी अपने दरवाज़े पर बैठे, पशुओं के रक्षक,
हल चलाने और खेती के सच्चे गाइड हैं।
पशुपतिनाथ के रूप में, पूरी दुनिया उनकी पूजा करती है,
जानवरों की भलाई के साथ, भक्ति शिव को सुशोभित करती है।

मतलब:
नंदी जानवरों और खेती का एक अहम प्रतीक हैं, और शिव सभी जानवरों के रक्षक हैं। 🐂 🌾 🚜 🐾

कड़वे 6:
बेलपान और रुद्राक्ष से शिव खुश होते हैं,
वृक्षवल्ली के साथ से मन खुश होता है।
पेड़ लगाओ, पेड़ जियो, यही शिव का मंत्र है,
धरती पर हरियाली लगाओ, यही खुशहाल जीवन की तकनीक है।

मतलब:
बेलपान और रुद्राक्ष के पेड़ों के ज़रिए, शिव पेड़ लगाने का संदेश देते हैं। 🍃 🌳 🍎 🎁

कड़वे 7:
डमरू की आवाज़ गूंजती है, पाँच महाशरीर अपनी जगह पर हैं,
शिव के इस तांडव में, प्रकृति क्रोधित हो जाती है।
प्रदूषण के भस्मासुर का अब हम वध करेंगे,
शिव के इस पर्यावरण रूप से, हम दुनिया को सुंदर बनाएंगे।

अर्थ:
आइए भगवान शिव के आशीर्वाद से प्रकृति से प्रदूषण हटाकर दुनिया को सुंदर बनाएं। 🥁 🔥 🛡� 🌍

🌟 सारांश
शब्दों में सारांश: जल संरक्षण, जल शुद्धिकरण, समय, औषधि, बायोडायवर्सिटी, पहाड़, जंगल सुरक्षा, खेती, भक्ति, पेड़ लगाना, ऊर्जा, चेतना और प्रदूषण मुक्त।

इमोजी समरी: 🔱 🌊 🏔� 🌙 🐍 🐂 🍃 🌳 🧘�♂️ 🥁 🕉� 🔥 🌍 ✨

--अतुल परब
--दिनांक-12.01.2026-सोमवार.
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