लंबोदर गणेश वंदन - संकष्टी पुण्य काल 🙏🐘🕉️🙏 ✨ 🐘 🕉️ 🌞 🚩 🤝 🕯️ 🧘‍♂️ 🏠 🍛

Started by Atul Kaviraje, January 14, 2026, 02:24:17 PM

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Atul Kaviraje

लंबोदर संकष्टी चतुर्थी (अंगारकी संकष्टी): संकष्टी चतुर्थी 06 जनवरी को थी, जिसका असर 07 जनवरी तक रहेगा। गणेश पूजा, व्रत और चांद देखने का खास महत्व है।
हालांकि, पिछली चतुर्थी (संकष्टी / सकट चौथ) 06 जनवरी को थी, इसका असर आज कुछ समय तक रह सकता है।

यह भक्ति कविता 6 जनवरी 2026 को शुरू हुई लंबोदर संकष्टी चतुर्थी (अंगारखी प्रभाव) के बचे हुए हिस्से के मौके पर गणेश जी के चरणों में समर्पित है, जो 7 जनवरी की सुबह है:

कविता: लंबोदर गणेश वंदन - संकष्टी पुण्य काल 🙏🐘🕉�

1. पहली खट्टी-मीठी:
लंबोदर संकष्टी चतुर्थी आ गई है, गजानन विघ्नों का नाश करने आए हैं,
मंगलमूर्ति के इस नाम-पुकार के साथ ही भक्ति की यह बाढ़ बह गई है,
अंगारकी का इसका शुभ योग 6 जनवरी को शुरू हुआ था,
आज भी इसका असर बना हुआ है, मन के सारे दुखों का नाश हो।

मतलब:
6 जनवरी को शुरू हुई लंबोदर संकष्टी का असर 7 तारीख की सुबह तक महसूस हो रहा है, और गणपति बप्पा हमारे जीवन के सारे दुखों को दूर करने आए हैं। 🙏 ✨ 🐘 🕉�

2. दूसरी खट्टी-मीठी:
बुधवार की यह पवित्र सुबह, गणेश जी को याद करते हुए बीती,
मुश्किल के इस पवित्र समय में, भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया,
लंबोदर के चरणों में प्रणाम, आप ही हमारे दिलासा देने वाले हैं,
मुश्किलों के इस अंधेरे में, आप ही एकमात्र मार्गदर्शक हैं।

अर्थ:
मुश्किल के बचे हुए समय और बुधवार के मेल से यह सुबह खास हो गई है। मुश्किल के समय में, बप्पा ही हैं जो हमें रास्ता दिखाते हैं। 🌞 🚩 🤝 🕯�

3. तीसरी खट्टी-मीठी:
उपवास का यह व्रत महान है, मन को पवित्र करने का यही मार्ग है,
गणेश की इस पूजा से, खुशियों का स्वर्ग मिले,
सकट चौथ की इस परंपरा से, हर घर में यह उत्साह,
भक्ति की यह कभी न खत्म होने वाली बहार, कभी फीकी न पड़े।

अर्थ:
कष्ट का व्रत न केवल तन बल्कि मन को भी शुद्ध करता है। इस परंपरा के कारण घर में खुशी और उत्साह का माहौल बना हुआ है। 🧘�♂️ 🏠 🍛 🌈

4. चौथा कड़वा मीठा:
चांद देखने का महत्व बहुत है, यही विनायक का तरीका है,
हे भगवान आपके दर्शन के बिना हमारा जीवन अधूरा है,
आप मन में हैं, आप ध्यान में हैं, आप हमारी शक्ति हैं,
लंबोदर संकष्टी के दिन, यह भक्ति आपको अर्पित की जाती है।

अर्थ:
संकष्टी के दौरान चांद के दर्शन का बहुत महत्व है। बप्पा के स्मरण और दर्शन से जीवन पूर्ण हो जाता है, इसलिए उन्हें यह भक्ति अर्पित की जाती है। 🌙 👀 💪 ❤️

5. पांचवां कड़वा:
आज सुबह अंगारकी का यह छोटा सा टुकड़ा,
गणेश के इस आशीर्वाद से, यह रास्ता रोशन हो,
रुकावटों की ये जलन दूर हो, आप बप्पा हों,
खुशी और समृद्धि का यह अमृत, हमें आसानी मिले।

मतलब:
अंगारकी चतुर्थी के उस आशीर्वाद से, जो आज भी जारी है, हमारे जीवन की सभी रुकावटें दूर हों और समृद्धि आए। 🛡� 🔓 🍯 📈

6. छठा कड़वा:
बुधवार आपका दिन है, हमें बुद्धि दीजिए, हे महानुभाव,
इस दुख के व्रत के साथ, खुशी का मोर नाचें,
मोदक का यह प्रसाद मीठा हो, भक्ति की यह खुशबू हो,
आइए आपके चरणों में आएं, इस भ्रम के बंधन को तोड़ते हुए।

मतलब:
बुधवार गणपति का पसंदीदा दिन है। इस दिन हमारी बुद्धि का विकास हो, क्योंकि दुख का योग भी साथ दे, और हमें सुख मिले। 🧠 💡 🥮 🦚

7. सातवां कड़वा:

यह पावन पर्व, बुधवार, 7 जनवरी, 2026,
लंबोदर के आशीर्वाद से, आपका वैभव बढ़े,
भक्ति से भरी इस कविता के साथ, आपका मन पवित्र हो,
गणपति बप्पा मोरया, आपका हर पल मंगलमय हो।

अर्थ:
इस खास मौके पर, गणेश जी की कृपा से, सबका मान-सम्मान बढ़े और सबका जीवन मंगलमय हो, यही मेरी शुभकामना है। 🙏 🚩 😊 🌏

इमोजी समरी
🙏 ✨ 🐘 🕉� 🌞 🚩 🤝 🕯� 🧘�♂️ 🏠 🍛 🌈 🌙 👀 💪 ❤️ 🛡� 🔓 🍯 📈 🧠 💡 🥮 🦚 😊 🌏

वर्ड समरी
लंबोदर: बड़े पेट वाले गणेश, यानी पूरे ब्रह्मांड को अपने अंदर समेटने वाले।

संकष्टी: परेशानियों से मुक्ति दिलाने वाली चतुर्थी तिथि।

अंगारकी: मंगलवार को पड़ने वाली चतुर्थी, जिसका असर बुधवार सुबह भी रहता है।

व्रत: उपवास और भक्ति से की जाने वाली साधना।

सुखकर्ता: सुख देने वाले और दुख दूर करने वाले भगवान।

बुधवार: बुद्धि का दिन और गणेश जी का पसंदीदा दिन।

आशीर्वाद: परेशानियों को दूर करने और सफलता पाने की शक्ति।

संकष्टी चतुर्थी का यह पवित्र समय आपके जीवन की सभी परेशानियों को दूर करे।

--अतुल परब
--दिनांक-07.01.2026-बुधवार.
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