🌺 बेलापुर के चैतन्य: सद्गुरु श्री विश्वनाथ महाराज पुण्यतिथि स्पेशल 🌺📅 🕊️ 🚩

Started by Atul Kaviraje, January 14, 2026, 02:30:10 PM

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Atul Kaviraje

विश्वनाथ महाराज पुण्यतिथी- बेलापूर-नवी मुंबई, जिल्हा-ठाणे-

नवी मुंबई के बेलापुर के आराध्य देव सद्गुरु श्री विश्वनाथ महाराज की पुण्यतिथि (08 जनवरी 2026) पर पेश है एक बहुत ही इमोशनल और रसीली लंबी मराठी कविता।

🌺 बेलापुर के चैतन्य: सद्गुरु श्री विश्वनाथ महाराज पुण्यतिथि स्पेशल 🌺

प्रस्तावना: परमहंस सद्गुरु विश्वनाथ महाराज, जिनके नवी मुंबई के बेलापुर की पावन धरती पर रहने से भक्ति की खुशबू फैल गई! उनकी पुण्यतिथि का यह दिन उनकी याद को रोशन करने और उनकी दिव्य शक्ति को याद करने का दिन है। भक्तों के उद्धारक और शांति के प्रतीक महाराज के चरणों में यह काव्यात्मक श्रद्धांजलि अर्पित है।

🔱 लंबी मराठी कविता 🔱

1.
बेलापुर की धरती पर याद का यह पावन दिन,
भक्ति का यह समागम,
विश्वनाथ महाराज की याद का यह समय।
उनकी पुण्यतिथि का यह समारोह,
महाराज का रूप दिखा, भक्तों की आँखों में। 📅 🕊� 🚩 🙏

मतलब: आज बेलापुर में भक्ति का समागम हुआ है। महाराज की बरसी के मौके पर हर भक्त का मन भर आया है और महाराज की दिव्य मूर्ति उनकी आंखों के सामने खड़ी है।

2.
उनका शांत और खुश चेहरा, जिनके चेहरे पर करुणा बसती है,
उनके चेहरे पर शांत मुस्कान है,
वे भक्तों के कल्याण के गीत गाते हैं।
विश्वनाथ के नाम से, जिनके नाम से परेशानियां भाग जाती हैं,
बेलापुर के आश्रम में खुशियों की लौ जलती है। 😊 ✨ 🕯� 🌅

मतलब: महाराज की आंखों में हमेशा दया और चेहरे पर शांति भरी मुस्कान रहती थी। उनका नाम लेने से सभी परेशानियां भाग जाती हैं और जीवन में खुशियों की रोशनी आ जाती है।

3.
आध्यात्मिकता का मूल उनकी सीधी-सादी शिक्षाएं हैं,
भक्ति का यह मार्ग,
आपके चरणों का रास्ता,
असल में यही स्वर्ग है। अहंकार छोड़कर चरणों में नतमस्तक होना चाहिए,
सद्गुरु की कृपा से यह कर्म धन्य हो जाता है। 📖 🛐 👼 💎

अर्थ: महाराज द्वारा दी गई शिक्षाएँ सरल लेकिन बहुत प्रभावी थीं। उनके चरणों में आने वाला हर भक्त स्वर्गीय सुख का अनुभव करता है और जीवन सार्थक हो जाता है।

4.
भक्तों की कैवारी दौड़ी आती है, पुकारती है,
विश्वनाथ महाराज,
भक्तों के इस संकट पर,
वह ग़ज़ पहनती है।
हमारे स्वामी हमारी रक्षा करते हैं, हमेशा हमारे पीछे,
प्रेम की यह गाँठ बाँधे, भक्ति की यह गठरी। 🛡� 💪 🤝 🧿

अर्थ: जब कोई भक्त संकट में महाराज को पुकारता है, तो वे दौड़े चले आते हैं। वे अपने भक्तों की रक्षा के लिए हमेशा उनके साथ खड़े रहते हैं।

5.
बेलापुर की शान, ठाणे जिले की शान,
बेलापुर की शान,
विश्वनाथ महाराज,
दुनिया में बड़ा सम्मान।
जहां भी उन्होंने कदम रखा, वह तीर्थ बन गए,
भक्तों के इसी सौभाग्य से उन्हें गुरु के दर्शन हुए। 🏰 📍 👣 🌟

मतलब: नवी मुंबई और ठाणे जिलों की शान हैं विश्वनाथ महाराज! जिस धरती पर वे रहे, वह तीर्थस्थल में बदल गई।

6.
बिना शब्दों के मौन और शक्ति का संचार होता है,
दिव्य अवस्था है,
अंदर की भावना को जानो,
दूर की खोज करो।
इस पुण्य तिथि के दिन, हम सब नतमस्तक हैं,
संदुनी शरीर की भावना है, संदुनी अभिमान है। 🧘�♂️ 🤐 🙇�♂️ 🌊

मतलब: महाराज बिना शब्दों के अपने भक्तों के दिल की भावना जान लेते थे। इस खास दिन, आइए हम अपना सारा अभिमान छोड़कर उनके चरणों में नतमस्तक हों।

7.
अटूट भक्ति का केंद्र है विश्वनाथ महाराज की जय,
यह जयकारों की गर्जना है,
आपकी कृपा से, यह दुनिया बीत जाए।
पुण्यतिथि के अवसर पर, अब एक ही विनती,
हे सद्गुरु दाता, आपकी सेवा निर्बाध हो। 🙌 🔔 💐 🛐

अर्थ: महाराज के जयकारों से आकाश भर गया है। हे ईश्वर, आपकी भक्ति और सेवा हमारे माध्यम से निरंतर हो, आज के दिन यही हमारी विनती है।

💠 वर्ड समरी 💠
विश्वनाथ महाराज, बेलापुर, पुण्यतिथि, नवी मुंबई, ठाणे जिला, परमहंस, भक्ति समारोह, शांति, करुणा, आत्म-साक्षात्कार, सद्गुरु की कृपा, समाधि दिवस।

💠 इमोजी समरी 💠
📅 🕊� 🚩 🙏 😊 ✨ 🕯� 🌅 📖 🛐 👼 💎 🛡� 💪 🤝 🧿 🏰 📍 👣 🌟 🧘�♂️ 🤐 🙇�♂️ 🌊 🙌 🔔 💐 🛐

--अतुल परब
--दिनांक-08.01.2026-गुरुवार.
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