🌺 सांगली के चैतन्य: सद्गुरु श्री कोटनीस महाराज महापुण्यतिथि 🌺✨📅 ✨ 🚩 🙏 🕉️

Started by Atul Kaviraje, January 14, 2026, 02:31:41 PM

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Atul Kaviraje

कोटनीस महापुण्यतिथि-सांगली-

सांगली के आराध्य देव और दत्त के महान भक्त, सद्गुरु श्री कोटनीस महाराज की महापुण्यतिथि (08 जनवरी 2026) के मौके पर पेश है एक भक्ति से भरी और रसीली लंबी मराठी कविता।

🌺 सांगली के चैतन्य: सद्गुरु श्री कोटनीस महाराज महापुण्यतिथि 🌺

प्रस्तावना: परमहंस सद्गुरु श्री कोटनीस महाराज, जिन्होंने सांगली की पवित्र धरती पर दत्त भक्ति की गंगा बहाई! आज उनकी महापुण्यतिथि का पवित्र दिन है। यह काव्यात्मक श्रद्धांजलि महाराज की याद में समर्पित है, जो अपने शिष्यों के लिए स्नेह और भगवान के प्रति अनोखी भक्ति की प्रतिमूर्ति हैं।

🔱 लंबी मराठी कविता 🔱

1.
सांगली की धरती पर याद का यह पवित्र समारोह,
भक्ति का यह दरवाल,
कोटनीस महाराज का,
स्मृति दिवस निकट है। महापुण्यतिथि का यह पावन समय है,
भक्तों के इन दिलों में, भक्ति की यह माला। 📅 ✨ 🚩 🙏

मतलब: आज सांगली में महाराज की महापुण्यतिथि का उत्सव है। सभी भक्तों ने उनकी यादों और भक्ति की माला अपने दिलों में पिरो ली है।

2.
दत्त भक्ति के सागर, दत्त गुरु के असीम भक्त,
मूर्ति एक उत्सव है,
आपकी मौजूदगी से,
सांगली एक पावन पंढरी है।
जिनकी आँखें करुणा से भरी हैं,
चेहरे पर एक शांतिपूर्ण मुस्कान है,
भक्तों का कल्याण, गीत गाते रहो। 🕉� 🌊 🧘�♂️ 😊

मतलब: महाराज खुद दत्त के रूप में थे। उनकी मौजूदगी के कारण, सांगली को एक तीर्थ स्थल का रूप मिला। उनके खुश मिजाज से भक्तों का कल्याण हुआ।

3.
अद्वैत ज्ञान की उनकी सीधी-सादी शिक्षा,
अद्वैत की यह समझ,
तुम्हारे चरणों में आओ,
खुद को खोजो।
अहंकार छोड़कर, चरणों में समर्पण करो,
सद्गुरु का ये प्रसाद, यह कर्म धन्य हो जाता है। 📖 💡 🛐 💎

अर्थ: महाराज ने अद्वैत ज्ञान की सीधी-सादी शिक्षा दी। जब इंसान उनके चरणों में आता है, तो वह अपने आत्म-स्वरूप को पहचान लेता है और जीवन धन्य हो जाता है।

4.
उन्होंने अपने बच्चों के लिए स्नेह का सहारा दिया,
भक्तों को यह महान मिलता है,
संकट के समय,
आपकी कृपा महान है।
जिसने भी कोटनिस का नाम लिया है, जिसने उनसे प्यार कर लिया है,
उसका दुनिया का डर, हमेशा के लिए टूट गया है। 🤱 🛡� 🤝 🧿

अर्थ: महाराज अपने सभी भक्तों से माँ की तरह प्यार करते थे। जो कोई भी उनका नाम लेता था, वह दुनिया और मौत के डर से हमेशा के लिए आज़ाद हो जाता था।

5.
कृष्णा के इस किनारे सांगली का रूहानी श्रंगार,
चेतना की यह खुशबू,
कोटनीस महाराज,
हर सांस में याद आते हैं।
उनकी पुण्यतिथि के इस दिन, हम सब नमन करते हैं,
संदुनी शरीर का एहसास है, संदुनी गर्व है। 🌊 🏰 👣 🌟

मतलब: कृष्णा नदी के किनारे बसे सांगली के महाराज रूहानी श्रंगार हैं। इस खास दिन पर, आइए हम अपना घमंड छोड़कर उन्हें नमन करें।

6.
समाधि समारोह और भक्ति उस समाधि स्थल पर,
अनुभव दिव्य है,
महाराज का अस्तित्व,
आज भी, शानदार है।
चुप रहकर, भक्तों के मन से संवाद करता है,
शांति और संतुष्टि मिलती है, आपके चरणों में आइए। 🧘�♂️ 🤐 🕯� 🌈

मतलब: आज भी महाराज की समाधि की जगह पर उनके दिव्य अस्तित्व का अनुभव होता है। भले ही वे चुप रहते हैं, लेकिन भक्तों के दिलों का दर्द पहचान लेते हैं और उन्हें शांति देते हैं।

7.
कोटनीस महाराज की सेवा बिना रुके हो,
यही आनंद घूमता है,
आपकी कृपा से हो,
यही जीवन का अंत है।
पुण्य तिथि के मौके पर, अब मेरी बस एक ही विनती है,
हे सद्गुरु, दाता, आपकी सेवा बिना रुके हो। 🙌 🔔 💐 🛐

मतलब: महाराज के जयकारों से आसमान गूंज रहा है। हे सद्गुरु, आपकी सेवा और भक्ति हमेशा हमारे द्वारा की जाती रहे, आज के दिन मैं यही मांगता हूं।

💠 वर्ड समरी 💠
कोटनीस महाराज, सांगली, महापुण्य तिथि, दत्त भक्ति, परमहंस, कृष्णा नदी, अद्वैत ज्ञान, वात्सल्य, समाधि समारोह, विश्वास, समर्पण, चैतन्य।

💠 इमोजी समरी (इमोजी समरी) 💠
✨📅 ✨ 🚩 🙏 🕉� 🌊 🧘�♂️ 😊 📖 💡 🛐 💎 🤱 🛡� 🤝 🧿 🌊 🏰 👣 🌟 🧘�♂️ 🤐 🕯� 🌈 🙌 🔔 💐 🛐

--अतुल परब
--दिनांक-08.01.2026-गुरुवार.
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