🌺 धेबेवाड़ी का पुण्य तीर्थ: सद्गुरु लोटांगणे महाराज पुण्य तिथि 🌺📅 ✨ 🚩 🙏 🙇‍

Started by Atul Kaviraje, January 14, 2026, 02:32:23 PM

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Atul Kaviraje

लोटांगणे महापुण्यतिथी-ढेबेवाडी, तालुका-पाटण-

पाटन तालुका के धेबेवाड़ी में सद्गुरु लोटांगणे महाराज की पूजा की जगह, उनकी महापुण्य तिथि (08 जनवरी 2026) के मौके पर एक भक्ति से भरी और रसीली लंबी मराठी कविता।

🌺 धेबेवाड़ी का पुण्य तीर्थ: सद्गुरु लोटांगणे महाराज पुण्य तिथि 🌺

प्रस्तावना: सतारा जिले के पाटन तालुका का एक इलाका धेबेवाड़ी, सद्गुरु लोटांगणे महाराज के रहने की वजह से पवित्र हो गया है। महाराज की सादगी, उनकी भक्ति और "लोटांगण" पहनने के उनके अनोखे तरीके ने उन्हें यह नाम दिलाया। उनकी पुण्य तिथि का यह दिन भक्तों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत है।

🔱 लंबी मराठी कविता 🔱

1.
पाटन के इस कोने में पवित्र धेबेवाड़ी धाम है,
धेबेवाड़ी एक खूबसूरत गांव है,
लोटांगणे महाराज की,
भक्ति है। पुण्यतिथि का यह दिन सौभाग्यशाली और शुभ है,
जिसके दर्शन से मन की ये सारी अशुभ बातें मिट जाती हैं। 📅 ✨ 🚩 🙏

मतलब: पाटन तालुका के ढेबेवाड़ी में महाराज के रहने से भक्ति की खुशबू फैल रही है। उनकी पुण्यतिथि का यह दिन भक्तों के जीवन की सारी अशुभ बातें दूर कर देता है।

2.
भक्ति का रूप है अहंकार के चरणों में झुकना,
ऐसे भक्तों पर जो झुकते हैं,
महाराज,
अपनी कृपा दिखाते हैं।
जो अनन्य भाव से समर्पण करता है, उसमें कोई द्वैत नहीं रहता,
महाराज के रूप में आनंद का अद्वैत मिलता है। 🙇�♂️ 👣 🕉� 😊

मतलब: महाराज के नाम में समर्पण है। जो भक्त अहंकार छोड़कर उनके चरणों में समर्पित हो जाता है (प्रणाम करता है), उसे जीवन में सच्चा सुख और ईश्वरीय साक्षी मिलता है।

3.
सादगी और ताकत बाहरी शान नहीं हैं,
यह सरल और मासूम रूप,
लेकिन अंदर से तेज है,
यह महान धूप जलती है।
गरीब और कमजोर की पुकार पर, ताकतवर दौड़े चले आते हैं,
आपके एक आशीर्वाद से, जीवन को मतलब मिल जाता है। 🕯� ��🧘�♂️ 💎 ✨

मतलब: महाराज का बाहरी रूप भले ही सरल है, लेकिन उनके अंदर अपार तेज है। वे हमेशा गरीबों और जरूरतमंदों की मदद के लिए आते हैं और जीवन को दिशा देते हैं।

4.
भक्तों द्वारा लाई गई यह आस्था की कल्पतरु,
बहुत सी ये शिकायतें हैं,
फिर महाराज की कृपा से,
खुशी की आवाज आती है।
यह आस्था की कल्पतरु, धेबेवाड़ी में खड़ी है,
भक्तों के कल्याण की यह गंगा, वहीं बहती है। 🌳 🌊 🤲 🧿

मतलब: धेबेवाड़ी में महाराज कल्पतरु की तरह भक्तों की इच्छाएं पूरी करते हैं। वहां भक्ति की गंगा लगातार बहती रहती है, जिससे भक्तों का कल्याण होता है।

5.
पुण्यतिथि का समारोह फूलों की बारिश और जयकारों से होता है,
आसमान घूमता है,
भक्त भक्ति से महाराज के पैर चूमते हैं।
आज का यह पवित्र पल हमेशा याद रहे,
आपके चरणों में, मैंने यह शरीर और यह धैर्य अर्पित किया है। 🌸 🎺 👟 🛐

मतलब: आज पुण्यतिथि के मौके पर फूलों की बारिश हो रही है और जयकारे लगाए जा रहे हैं। भक्तों ने महाराज के चरणों में सब कुछ अर्पित कर दिया है।

6.
महाराज के नाम पर सिर झुकाने से परेशानियां दूर होती हैं,
रुकावटें दूर भागती हैं,
आपके नाम के स्मरण से,
तरक्की के दीये जलते हैं। प्रभु हमारी रक्षा करते हैं, हमेशा हमारे पीछे रहते हैं,
ये प्रेम की गांठ बंधी है, भक्ति की ये गठरी। 🛡� 💡 🤝 🌟

मतलब: महाराज का नाम लेते ही जीवन की परेशानियां दूर हो जाती हैं। वो हमेशा अपने भक्तों के साथ खड़े रहते हैं और उनकी रक्षा करते हैं।

7.
इस पुण्यतिथि के दिन,
हम सब नतमस्तक हैं,
संदूनी अहंकार है,
संदूनी अभिमान है।
लोटांगने महाराज की जय, ये जयकारे गूंजते हैं,
आपकी कृपा से ये दुनिया खत्म हो जाए। 🙌 🔔 💐 🛐

मतलब: इस दिन, आइए हम अपना सारा अभिमान छोड़कर महाराज को नमन करें। उनकी खुशी और कृपा के जयकारों से हमारा जीवन सहने लायक हो।

💠 वर्ड समरी 💠
लोतांगणे महाराज, धेबेवाड़ी, पाटन तालुका, पुण्यतिथि समारोह, लोतांगणे, सरेंडर, आस्था, कल्पतरु, आपदा राहत, भक्ति भाव, सतारा जिला।

💠 इमोजी समरी 💠
📅 ✨ 🚩 🙏 🙇�♂️ 👣 🕉� 😊 🕯� 🧘�♂️ 💎 ✨ 🌳 🌊 🤲 🧿 🌸 🎺 👟 🛐 🛡� 💡 🤝 🌟 🙌 🔔 💐 🛐

🗺� स्पिरिचुअल माइंड मैप 🗺�
सद्गुरु लोटांगने महाराज पुण्यतिथि ➔ लोकेशन: धेबेवाड़ी (पाटन) ➔ फिलॉसफी: सरेंडर (लोटांगने) ➔ एक्सपीरियंस: क्राइसिस रिज़ॉल्यूशन ➔ भक्ति: सादगी और सेवा ➔ फल: दिव्य आनंद

--अतुल परब
--दिनांक-08.01.2026-गुरुवार.
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