🌸 संतोषी माता व्रत: विश्वास की शक्ति और मन की संतुष्टि 🌸🙏 ✨ 🚩 🌸 😊 🌼 🌞 💖

Started by Atul Kaviraje, January 16, 2026, 10:25:10 PM

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Atul Kaviraje


(संतोषी माता और उनकी प्रतिज्ञाएं जो 'धार्मिक आस्था' को मजबूत करती हैं)
संतोषी माता और उनकी मन्नतें जो 'धार्मिक आस्था' को मज़बूत करती हैं
(संतोषी माता और उनके व्रत जो 'धार्मिक आस्था' को मजबूत करते हैं)
(Santoshi Mata and Her Vows That Strengthen 'Religious Faith')
Santoshi Mata and her fasts that increase 'religious faith'-

संतोषी माता और उनके 'धार्मिक विश्वास' व्रत पर आधारित एक भक्तिपूर्ण और रसीली लंबी कविता यहाँ है।

🌸 संतोषी माता व्रत: विश्वास की शक्ति और मन की संतुष्टि 🌸

माँ का तेजस्वी रूप
आप गणेश की पुत्री हैं, सिद्धि-बुद्ध की भतीजी हैं, संतुष्टि देने वाली माँ हैं, मानवता की मूर्ति हैं।
हाथ में तलवार और त्रिशूल लेकर भक्तों की रक्षा करती हैं, आपके दर्शन से हर घर में सुख और शांति आती है।
(अर्थ: संतोषी माता भगवान गणेश की पुत्री हैं। वे हाथ में हथियार लेकर भक्तों की रक्षा करती हैं और सभी को संतुष्टि देती हैं।)
🙏✨🚩🌸 😊🌼🌞💖

शुक्रवार के व्रत की महिमा
सोलह शुक्रवार का व्रत, जो भी श्रद्धा से करता है, उसके जीवन के दुख, माँ हरि पल भर में दूर कर देती हैं।
आपका यह कठोर अनुशासन, नियमों का यह पालन, देखिए, यह व्रत धार्मिक आस्था को मजबूत करता है।
(अर्थ: सोलह शुक्रवार का कठोर व्रत रखने और उसके नियमों का पालन करने से व्यक्ति का भगवान पर विश्वास मजबूत होता है।)
📅📿🕯� नियम ✨🌟🔥🧿

भोग की मिठास
गुड़ और फुलवा का प्रसाद, आप मुझे इतने प्यारे हैं, सरल भक्ति से ही आप सक्रिय हो गए।
कुछ भी खट्टा न खाने का यह कठोर नियम, भक्त को इससे आपका अपार प्रेम मिलता है।
(मतलब: गुड़ और फुलवा माँ का पसंदीदा प्रसाद है। व्रत के दिन खट्टी चीज़ों से परहेज़ करने से सब्र और विश्वास बढ़ता है।)
🥣🍬🚫🍋 ❤️🤝🙌✨

विश्वास का फल मिलता है
जो भी काम किए, माँ की कृपा से हुए, इस अंधेरी ज़िंदगी में, सफलता की रोशनी चमकती है।
विश्वास के साथ मन्नत कहते हुए, मैं इस संतुष्ट माँ को देखूँ, उनके पैर हमेशा भक्तों की भलाई के लिए तैयार रहते हैं।
(मतलब: जो लोग विश्वास के साथ मन्नत पढ़ते हैं, उनके गंभीर संकट दूर हो जाते हैं और उनके जीवन में खुशियों का उजाला आता है।)
🌟💡📈🚀 🚩🛡�💪🏆

संतुष्टि और मन की शांति
धार्मिक आस्था बढ़ती है, जब आत्मसाक्षात्कार होता है, बुरी आदतें खत्म होती हैं, और अच्छा नज़रिया मिलता है।
व्रतवैद्यालय के योग से मन स्थिर होता है, संतोषी माता के आशीर्वाद से व्यक्ति धैर्यवान बनता है।
(अर्थ: जब भक्त को अनुभव से आत्मसाक्षात्कार हो जाता है, तो भगवान में उसकी आस्था बढ़ जाती है और उसका मन शांत और स्थिर हो जाता है।)
🧘�♂️🌈🕊� सात्विकता ✨🌟🕯�🍀

उद्यापन संस्कार
व्रत पूरा करने के बाद सोलह बार बच्चों को भोजन कराकर और माता का नाम याद करके उद्यापन करना चाहिए।
यह संतोष का अमृत, जो भी चख लेता है, वह भक्त दुनिया का असली सार जान जाता है।
(मतलब: व्रत के आखिर में बच्चों को खाना खिलाने से व्रत का पूरा फल मिलता है और भक्त को सच्ची संतुष्टि मिलती है।)
🧒🍛🙏🎊 ✨🌟💎👑

भक्त का आखिरी समर्पण
जय देवी संतोषी माता, आपके चरणों में नमन, आपके नाम के स्मरण से, यह सुगंधित जीवन-नंदन है।
विश्वास ही हमारी ताकत है, आप ही हमारा भरोसा हैं, हमें हमेशा आपका, आशीर्वाद का साथ मिलता रहे।
 (मतलब: संतोषी माता के चरणों में सिर झुकाकर, हम प्रार्थना करते हैं कि हमारी आस्था हमेशा बनी रहे और हमें आपका आशीर्वाद मिलता रहे।)
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🌿 सिर्फ़ इमोजी समरी
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📝 Only Word Summary
संतोषी माता • गणपति कन्या • सोलह शुक्रवार • व्रत • आस्था • जल-फूटने • उद्यापन • संतोष • नियम • भक्ति • प्रचिति • आशीर्वाद • धार्मिक आस्था • सात्विकता • शांति • नवस • समर्पण

--अतुल परब
--दिनांक-16.01.2026-शुक्रवार.
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