🌿 माता शाकंभरी: प्रकृति की माँ और सृष्टि की रक्षक 🌿🌿 🌽 🏵️ 🙏 🥦 🍆 🎨 ✨ 👁️

Started by Atul Kaviraje, January 18, 2026, 02:20:33 PM

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Atul Kaviraje

शाकंभरी नवरात्रि (दूसरा दिन): पौष शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होने वाली शाकंभरी नवरात्रि शुरू हो चुकी है। आज देवी की पूजा के लिए खास दिन है।
शाकम्भरी उत्सव: कोल्हापुर और तुलजापुर के अंबाबाई मंदिर में शाकम्भरी नवरात्रि के मौके पर देवी की खास सजावटी पूजा की जाती है।
शाकम्भरी नवरात्रि खत्म होने वाली है: पौष के शुक्ल पक्ष में शुरू हुआ शाकम्भरी देवी का उत्सव अब अपने दूसरे हिस्से में है।

यहाँ शाकंभरी नवरात्रि और प्रकृति की दी हुई सब्ज़ियों से सजे देवी के रूप पर आधारित एक भक्तिपूर्ण और रसीली लंबी मराठी कविता है।

🌿 माता शाकंभरी: प्रकृति की माँ और सृष्टि की रक्षक 🌿

विशेष: 9 जनवरी 2026, शुक्रवार - शाकंभरी नवरात्रि (दूसरा दिन)

प्रस्तावना:
शाकंभरी नवरात्रि पौष महीने में मनाई जाती है। जब धरती पर बहुत बड़ा सूखा पड़ा, तो देवी ने अपने शरीर से कई तरह की सब्ज़ियाँ (शाक) और फल पैदा किए और सृष्टि को अन्न का भंडार दिया, इसलिए उन्हें 'शाकंभरी' कहा जाता है। कोल्हापुर और तुलजापुर में, इस दौरान देवी को अलग-अलग सब्ज़ियों से सजाया जाता है।

लंबी मराठी कविता

1.
पौष महीने के शुद्ध पक्ष में, नवरात्रि आ गई है,
शाकंभरी के आने से, आसमान खुशी से नहा गया है।
प्रकृति के दिए रूप में सजा हुआ, यह संसार मेरा घर है,
भक्ति के इस उत्सव में, यह भव्यता मौजूद है।

अर्थ:
पौष शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू हुए इस शाकंभरी उत्सव में देवी के सुंदर रूप को देखकर भक्त आनंदित हो रहे हैं। 🌿 🌽 🏵� 🙏

2.
माँ का यह पवित्र शरीर हरी सब्जियों से ढका हुआ है,
भक्ति का यह नया रंग सृष्टि के इस रंग में घुला हुआ है।
अन्नपूर्णा तुम हो, तुम ही संसार की पालनहार हो,
तुम्हारी कृपा से माँ, इस ब्रह्मांड को नई प्रेरणा मिलती है।

अर्थ:
देवी विभिन्न सब्जियों से सजी हुई हैं। वह इस संसार की अन्नपूर्णा हैं और पूरी सृष्टि का पालन-पोषण करती हैं। 🥦 🍆 🎨 ✨

3.
सूखे के उस समय में माँ, तुमने अन्न का उपहार दिया,
तुमने सौ आँखों से संसार को देखा, तुमने हमारा सम्मान बढ़ाया। शताक्षी और शाकंभरी, आपके नाम महान हैं,
आज मैं आपके चरणों में प्रणाम करता हूँ, इस महान भक्त को।

अर्थ:
पौराणिक कथा के अनुसार, देवी ने अपनी सौ आँखों (शताक्षी) से दुनिया का दुख देखा और सब्जी बनकर सबकी भूख मिटाई। 👁� 🍎 🥗 🚩

4.
कोल्हापुर की अंबाबाई को सब्जियों का यह खास श्रृंगार,
तुलजापुर की भवानी को बार-बार विजयी हो।
अलंकार पूजा की यह शोभा हम अपनी भरी आँखों से देखते हैं,
शाकंभरी के इस उत्सव में, आनंद का यह सागर बहता है।

अर्थ:
इस दौरान महाराष्ट्र के प्रमुख शक्तिपीठों पर देवी को फलों और सब्जियों से सजाया जाता है, जो बहुत ही मनोरम दृश्य होता है। 🏰 👑 🍅 🎊

5.
माँ के चरणों में रखे कंद-पौधों और फलों के ढेर,
भक्ति की इस खुशबू से, सारी दिशाएँ रोशन हो जाती हैं।
शाकंभरी के इस प्रसाद से, यह तन तृप्त होता है,
आपकी ठंडी छाया हम पर हमेशा बनी रहे।

मतलब:
देवी के दरबार में तरह-तरह के कंद-पौधों और फलों का पहाड़ बन जाता है, जिनके प्रसाद से मन और तन तृप्त होते हैं। 🥔 🍇 🕯� ❤️

6.
अब, उत्तरार्ध में, भक्ति का यह पावन पर्व आ गया है,
सभी को प्रकृति की रक्षा और उसके लिए संघर्ष करना चाहिए।
पेड़ लगाओ, पेड़ों को ज़िंदा रखो, यही आपका सच्चा संदेश है,
आपके आशीर्वाद से यह देश खुशहाल और समृद्ध हो।

मतलब:
चूँकि अब यह पर्व समाप्त हो रहा है, हमें प्रकृति की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए, यही देवी की सच्ची सेवा है। 🌳 🌱 🌍 🛡�

7.
सब्ज़ियों की माँ, हम आपको सलाम करते हैं,
हम आपके चरणों में खुशहाली का यह कलश रखते हैं।
माँ, आप ही दुख और गरीबी का नाश करती हैं,
आपकी कृपा का प्रकाश हमारे जीवन में फैलाएँ।

मतलब:
हम देवी की स्तुति कर रहे हैं और प्रार्थना कर रहे हैं कि वह हमारे जीवन से सभी दुखों को दूर करें और खुशियों का प्रकाश फैलाएँ। 🙏 🔱 🏺 🎂

इमोजी समरी

सिर्फ़ सिंबल:

🌿 🌽 🏵� 🙏 🥦 🍆 🎨 ✨ 👁� 🍎 🥗 🚩 🏰 👑 🍅 🎊 🥔 🍇 🕯� ❤️ 🌳 🌱 🌍 🛡� 🙏 🔱 🏺 🎂

सिर्फ़ शब्द: शाकम्भरी, नवरात्रि, नेचर, अन्नपूर्णा, शताक्षी, कोल्हापुर, तुलजापुर, सब्ज़ियाँ, डेकोरेशन, प्रॉस्पेरिटी, पौष महीना, डिवोशन, प्रसाद, प्रोटेक्शन, चैतन्य।

माइंड मैप: शाकम्भरी नवरात्रि और महत्व 🗺�📊

[ माता शाकम्भरी नवरात्रि ]
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[पौराणिक उत्पत्ति] [विशेष सजावट] [मुख्य स्थान] [मानव संदेश] [आध्यात्मिक फल]
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- शताक्षी रूप - विभिन्न हरी सब्जियां - कोल्हापुर - प्रकृति संरक्षण - खाद्य प्रचुरता
- सूखे से राहत - फल और कंद मूल - तुलजापुर - वृक्षारोपण संदेश - शांति और संतोष
- अन्नदाता रूप - हर्बल सजावट - बादामी (कर्नाटक) - आभार - गरीबी मुक्ति

माँ शाकम्भरी का आशीर्वाद हमेशा आपके घर में भोजन और खुशियों की समृद्धि लाए!

--अतुल परब
--दिनांक-09.01.2026-शुक्रवार.
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