🪁 संक्रांति: तिलगुला की मिठास और त्योहार का उत्साह 🪁🗓️ 🪁 🍬 ✨ ⚪ 🍯 👩‍🍳 🏠

Started by Atul Kaviraje, January 18, 2026, 02:25:45 PM

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Atul Kaviraje

मकर संक्रांति की तैयारी: मकर संक्रांति (14 जनवरी) में अब सिर्फ 5 दिन बाकी हैं, इसलिए बाजार में तिलगुला की भीड़ है।

मकर संक्रांति और तिलगुला की मिठास पर आधारित एक भक्ति और रसीली लंबी मराठी कविता, जो त्योहार की तैयारियों को दिखाती है।

🪁 संक्रांति: तिलगुला की मिठास और त्योहार का उत्साह 🪁

स्पेशल: 9 जनवरी 2026, शुक्रवार - संक्रांति बस 5 दिन दूर है!

परिचय:
मकर संक्रांति का त्योहार अब बहुत करीब है। बाजार तिलगुला से सज गए हैं, और आसमान में पतंगों के रंग दिखने लगे हैं। "तिलगुला लो, मीठा बोलो" का संदेश देने वाले इस त्योहार की तैयारियां हर घर में बड़े जोश के साथ चल रही हैं।

कविता

1.
सिर्फ पांच दिन में त्योहार आ गया है, मकर संक्रांति का उत्साह आंगन में भर गया है।
बाजार तिलगुला से सज गए हैं, भक्त आज खुशी की रोशनी में नहा रहे हैं।

मतलब:
संक्रांति का त्योहार अब पांच दिन दूर है और बाजार में तिलगुले की बहुत भीड़ है। 🗓� 🪁 🍬 ✨

2.
सफेद तिल और पीला गुड़, यही है रिश्तों को बचाने का मूल।
घर-घर लड्डुओं की ये धूम मची है, संक्रांति के गीतों की ये धूम मची है।

मतलब:
तिल और गुड़ की तरह, औरतें घर पर लड्डू और वड़े बनाने में बिज़ी हैं, इस मकसद से कि इंसानी रिश्ते भी मीठे हों। ⚪ 🍯 👩�🍳 🏠

3.
रंग-बिरंगी पतंगें अब आज़ादी से उड़ेंगी, काटा-कटी का खेल रंग लाएगा।
सूर्य का मकर राशि में गोचर, चलो गम भूलकर खुशियों को बुलाएं।

अर्थ:
आसमान में रंग-बिरंगी पतंगें उड़ेंगी और सूर्य के राशि बदलने के साथ ही हमारी ज़िंदगी में भी अच्छे दिन आएंगे। 🪁 🌤� ✂️ 😊

4.
सुगंध पूजा की तैयारियां चल रही हैं, मिट्टी की यह दुल्हन अभिषेक के लिए सजी हुई है।
चना, गन्ना और बोरेक्स का यह सम्मान, संस्कृति का यह गौरव हमारा गौरव बढ़ाता है।

अर्थ:
संक्रांति पर मिट्टी की सुगंध की पूजा की जाती है। उनमें नए अनाज और फल भरकर प्रकृति के प्रति आभार जताया जाता है। 🏺 🌾 🎋 🍎

5.
हलवे के गहने और काली साड़ियां, अब सुवासिनी की जोड़ी सजी हुई है।
तरह-तरह की चीज़ें लूटने की यह होड़ बस आने ही वाली है, पूरी सृष्टि खुशी में नहा रही है।

अर्थ:
संक्रांति पर काले कपड़ों और हलवे के गहनों का खास महत्व है। महिलाएं एक-दूसरे को तरह-तरह की चीजें देकर खुश होती हैं। 🖤 💍 🎁 🌸

6.
तिल और गुड़ लेकर मीठा बोलें, कड़वाहट भूलकर, यही प्यार की झोली है।
आइए संकट को दूर करें और आगे बढ़ें, आइए खुशी से इंसानियत के गीत गाएं।

मतलब:
यह त्योहार पुराने गिले-शिकवे भुलाकर, मीठा बोलकर और इंसानियत को बचाकर रखने का संदेश देता है। 🍬 🤝 🗣� ❤️

7.
भविष्य सूर्य की चमक से रोशन हो, संक्रांति का त्योहार सभी के लिए आशीर्वाद लेकर आए।
9 जनवरी के इस पवित्र शुक्रवार को तिलगुला की मिठास इस अंधेरे को खत्म करे।

मतलब:
आने वाली संक्रांति सभी के जीवन में रोशनी लाए और आज का शुक्रवार इस तैयारी के लिए शुभ हो। 🙏 ☀️ 🌍 🎂

इमोजी समरी

सिर्फ़ सिंबल:

🗓� 🪁 🍬 ✨ ⚪ 🍯 👩�🍳 🏠 🌤� ✂️ 😊 🏺 🌾 🎋 🍎 🖤 💍 🎁 🌸 🤝 🗣� ❤️ 🙏 ☀️ 🌍 🎂

सिर्फ़ शब्द: संक्रांति, लगबग, तिलगुल, कितांग, प्रशांत, सुगद, हलवा, वन, काली साड़ी, मिठास, एकता, सूरज, तैयारी, बाज़ार, खुशी.

मकर संक्रांति की तैयारी: माइंड मैप 🗺�📊

[ संक्रांति का लगबग ]
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[मार्केटप्लेस] [घर के काम] [धार्मिक तैयारी] [एंटरटेनमेंट]
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- तिलगुल खरीदना - लड्डू और वड़े बनाना - शक्कर खरीदना - पतंग और मांझा
- काली साड़ी खरीदना - हलवे के गहने बनाना - अलग-अलग सामान इकट्ठा करना - गाछी तैयार करना
- नया अनाज और फल - घर की सफाई - सूर्य पूजा की प्लानिंग - त्योहार मनाना

आने वाली मकर संक्रांति आपके जीवन में तिलगुल की मिठास और पतंग की उड़ान लाए!

--अतुल परब
--दिनांक-09.01.2026-शुक्रवार.
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