🚩 सदलगा शहर का उरुस: हज़रत शमनामीर बाबा की तारीफ़ 🚩🚩 🏰 ✨ 🙏 🤝 ☪️ 🕉️ ❤️ 🌸

Started by Atul Kaviraje, January 18, 2026, 02:30:53 PM

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Atul Kaviraje

हजरत शमनामीर उरूस-सदलगा, तालुका-चिकोडी-

शनिवार, 10 जनवरी, 2026 को बेलगाम ज़िले के चिकोडी तालुका के सदलगा में मनाए जा रहे हज़रत शमनामीर उरुस के मौके पर हिंदू-मुस्लिम एकता और भक्ति दिखाती एक मज़ेदार लंबी मराठी कविता।

🚩 सदलगा शहर का उरुस: हज़रत शमनामीर बाबा की तारीफ़ 🚩

स्पेशल: 10 जनवरी 2026, शनिवार - हज़रत शमनामीर उरुस, सदलगा (ताल. चिकोडी)।

परिचय:
कर्नाटक-महाराष्ट्र बॉर्डर पर चिकोडी तालुका का सदलगा गांव हज़रत शमनामीर बाबा की दरगाह के लिए मशहूर है। यह उरुस सिर्फ़ एक धर्म का नहीं, बल्कि हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है। इस दिन हज़ारों भक्त बाबा के चरणों में अपनी चादर चढ़ाते हैं और दुआ मांगते हैं।

कविता

1.
चिकोडी तालुका में सदलगा गांव में,
शामनामीर बाबा के नाम पर, दुमदुमाले जगह है।
उर्स का यह दिन आया है, भक्ति का यह मंच,
भक्तों की इस भीड़ से, रास्ता सजा है।

मतलब:
चिकोडी के सदलगा गांव में, शामनामीर बाबा का उर्स बड़े जोश के साथ चल रहा है, और भक्तों की भीड़ से पूरा गांव भक्तिमय हो गया है। 🚩 🏰 ✨ 🙏

2.
हिंदू-मुस्लिम एकता का यह अनोखा मेल है,
धर्म से परे जाकर, लोग इस बार भूल गए हैं।
शामनामीर बाबा के दर पर, उनका सम्मान झुका है,
यही इंसानियत के धर्म की शान है।

मतलब:
इस उर्स में सभी धर्मों के लोग एक साथ आते हैं। बाबा के दरबार में, इंसानियत ही एकमात्र सच्चा धर्म है। 🤝 ☪️ 🕉� ❤️

3.
चप्पल और चादरी की रस्म भारी है,
फूलों की इस खुशबू से, ये शहर झूमता है।
फिर, कव्वाली की धुनों से रात जगी,
बाबा की इस कृपा से, मुरादें पूरी हुईं।

मतलब:
दरगाह पर चादर और चन्दन चढ़ाने का रिवाज है, और रात में, कव्वाली की धुनों से उर्स का रंग और बढ़ जाता है। 🌸 🕯� 🎤 🌌

4.
शनिवार, 10 जनवरी को, उर्स का ये शोर,
ढोल और डफली की आवाज़ गूंज रही है।
आज, सदलगा शहर में, खुशियों का ये सैलाब,
अब, मुसीबतों के सारे पहाड़ हट जाएंगे।

मतलब:
इस शनिवार को, बाजे-गाजे की धुन के साथ उरुस मनाया जा रहा है, और भक्तों का मानना ��है कि बाबा के आशीर्वाद से सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी। 🥁 🎊 🔔 🛡�

5.
वो कुश्ती का अखाड़ा और, तीर्थ यात्रा का ये पड़ाव,
छोटे से लेकर बूढ़े तक पालन का ये रास्ता।
मिठाई और खिलौनों की दुकानें सजी हैं,
आज सदलगा गांव पर भक्ति की छाया छाई है।

मतलब:
उर्स के मौके पर, कुश्ती का मेला और मेला लगता है। मेले में मीठी मिठाइयों और खिलौनों की दुकानें सजी हैं। 🤼�♂️ 🎡 🍭 🧸

6.
गांव की इस धारा में, दासियां ��भी झुंड में आती हैं,
मिठास के साथ प्रसाद और प्रसाद का स्वाद लेती हैं।
शामनामीर बाबा के नाम पर यह संदेश दिया गया,
यह देश शांति और खुशहाली से फले-फूले।

मतलब:
जो लोग देहात में गए हैं, वे उर्स के लिए आते हैं। बाबा का आशीर्वाद लेकर, वे प्रार्थना करते हैं कि देश खुशहाल और खुशहाल रहे। 🚆 🍛 🌍 ✨

7.
बाबा, अब मैं आपको प्रणाम करता हूं, आपका आशीर्वाद हमेशा बना रहे,
आपकी घाटी में भक्ति की इस ध्वनि से हमें लाभ हो।
अगले साल फिर आएं, इसी उम्मीद के साथ,
सदलगा उर्स सभी के लिए खास हो।

मतलब:
आखिर में, बाबा को प्रणाम करने के बाद, भक्त अगले साल फिर आने का संकल्प लेते हैं। यह दिन सभी के लिए शुभ हो। 🙏 🔱 🎁 🎂

इमोजी समरी

सिर्फ़ सिंबल:

🚩 🏰 ✨ 🙏 🤝 ☪️ 🕉� ❤️ 🌸 🕯� 🎤 🌌 🥁 🎊 🔔 🛡� 🤼�♂️ 🎡 🍭 🧸 🚆 🍛 🌍 ✨ 🙏 🔱 🎁 🎂

सिर्फ़ शब्द: सदलगा, चिकोडी, उरुस, शमशानी बाबा, हिंदू-मुस्लिम एकता, चादर, संदल, कव्वाली, जात्रा, कुश्तिया, प्रसाद, शांति, आशीर्वाद, श्रद्धा, उत्सव।

हज़रत शमनामीर बाबा का आशीर्वाद आपके जीवन में खुशी, शांति और एकता लाए!

--अतुल परब
--दिनांक-10.01.2026-शनिवार.
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