🪁 संक्रांति का उत्साह: शनिवार का आना और तिलगुला की मिठास 🪁☀️ 🗓️ 🍬 🛍️ ⚪ 🍯

Started by Atul Kaviraje, January 18, 2026, 02:33:37 PM

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Atul Kaviraje

मकर संक्रांति की तैयारी: क्योंकि मकर संक्रांति अगले हफ़्ते (14 जनवरी) है, इसलिए इस दौरान महाराष्ट्र में हर जगह तिलगुल और वैरायटी खरीदने की भीड़ देखी जाती है। मकर संक्रांति की तैयारी: 14 जनवरी को पड़ने वाली मकर संक्रांति की तैयारी आज (शनिवार) की छुट्टी से ही हर घर में शुरू हो जाती है।

पेश है एक मज़ेदार लंबी मराठी कविता जो मकर संक्रांति की तैयारियों और शनिवार, 10 जनवरी, 2026 को बाज़ार में होने वाले उत्साह को दिखाती है।

🪁 संक्रांति का उत्साह: शनिवार का आना और तिलगुला की मिठास 🪁

स्पेशल: क्योंकि मकर संक्रांति सिर्फ़ चार दिन दूर (14 जनवरी) है, इसलिए आज शनिवार की छुट्टी का फ़ायदा उठाते हुए हर घर में तैयारियां शुरू हो गई हैं।

कविता

1.
यह शनिवार की छुट्टी आ गई है, संक्रांति का उत्साह शुरू हो गया है,
हर घर में खुशी का यह शुद्ध एहसास शुरू हो गया है।
बाज़ार में बड़ी मात्रा में तिलगुला लग गए हैं,
भक्त उत्साह में नहा रहे हैं, अब काम की भागदौड़ खत्म हो गई है।

मतलब:
शनिवार की छुट्टी का फ़ायदा उठाते हुए लोगों ने संक्रांति की तैयारी शुरू कर दी है। बाज़ार में हर जगह तिलगुला और त्योहार के सामान की भीड़ दिख रही है। ☀️ 🗓� 🍬 🛍�

2.
सफेद तिल और नया गुड़, लड्डुओं की ये भीड़ शुरू हो गई है,
रसोई में खुशबू फैल गई है, चलो मिठास का ये गीत गाते हैं।
औरतों की घनी भीड़, दुकानों में वैरायटी खरीद रही है,
मंगलसूत्र और काली साड़ियां, आज हर किसी में चमक रही हैं।

मतलब:
तिल के लड्डू बनाने की भीड़ हर घर में चल रही है। औरतें त्योहार के लिए ज़रूरी 'वैरायटी' और पारंपरिक काली साड़ियां उत्साह से खरीद रही हैं। ⚪ 🍯 👗 🏘�

3.
पूजा के लिए घर लाए गए वो छोटे मिट्टी के बर्तन,
सुगंध, बोरा और चना, जिनकी खूबसूरती हर कोने में दिखती है।
नए अनाज की ये पूजा, प्रकृति का ये महान त्योहार,
मन सूर्य देव के स्वागत के लिए तैयार है।

मतलब:
संक्रांति की पूजा के लिए ज़रूरी गमले और मौसमी फल (बोरा, गन्ना) खरीद लिए गए हैं और मन ही मन सूरज के लौटने का इंतज़ार कर रहा है। 🏺 🎋 🍎 ✨

4.
बच्चे माला और पतंग लेकर छत पर जमा हुए,
आज रंग-बिरंगे आसमान ने, आँखों में खुशी भर दी।
'काटा काटी' की आवाज़ से, इलाका गुलज़ार था,
आज शनिवार की दोपहर है, वे खेल खेलने के लिए जमा हुए हैं।

मतलब:
शनिवार की दोपहर होने की वजह से, बच्चे छत पर पतंग उड़ाने की प्रैक्टिस कर रहे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे आसमान में रंग-बिरंगी पतंगों का कॉम्पिटिशन चल रहा हो। 🪁 🌤� ✂️ 🙌

5.
तिलगुल लो और मीठा बोलो, सबके लिए यही पैगाम है,
चलो अब कड़वाहट छोड़ो, इन दिलों को प्यार दो।
संक्रांति का यह त्योहार, टूटे रिश्तों को जोड़ता है,
एकता के इस दीये से, यह मिट्टी रोशन होती है।

मतलब:
संक्रांति मीठा बोलकर प्यार बढ़ाने का त्योहार है। यह त्योहार पुरानी जलन को भुलाकर इंसानियत और रिश्तों को मजबूत करने का मौका देता है। 🤝 🍬 😊 ❤️

6.
इस शनिवार शाम, रोशनी देखो,
संक्रांति के इस बहाव के साथ, भक्ति में रहो।
परिवार के इस आने से, सभी घरवाले मुस्कुराते हैं,
त्योहारों के इस जश्न के समय में, खुशियां दरवाजे पर रहती हैं।

मतलब:
शनिवार शाम खुशियों भरी है और रिश्तेदार संक्रांति के मौके पर एक साथ आ रहे हैं। इस त्योहार की वजह से हर घर में खुशी का माहौल है। 🕯� 🏠 😊 👨�👩�👧�👦

7.
10 जनवरी का यह दिन, तैयारी का यह शुभ पल,
आइए इस आने वाली संक्रांति का स्वागत करें।
हमें खुशहाली और शांति मिले, यही हमारी भगवान से प्रार्थना है,
तिलगुला की मिठास, पूरी दुनिया का भला करे।

मतलब:
तैयारी के इस दिन, आइए हम आने वाले त्योहार का स्वागत करें और प्रार्थना करें कि सभी को खुशी और खुशहाली मिले। 🙏 🔱 🌍 🎂

इमोजी समरी

सिर्फ़ सिंबल:

☀️ 🗓� 🍬 🛍� ⚪ 🍯 👗 🏘� 🏺 🎋 🍎 ✨ 🪁 🌤� ✂️ 🙌 🤝 🍬 😊 ❤️ 🕯� 🏠 😊 👨�👩�👧�👦 🙏 🔱 🌍 🎂

सिर्फ़ शब्द: शनिवार, संक्रांत, तिलगुल, लगबाग, वन, सुगद, किटांग, गाछी, काली साड़ी, मिठास, प्यार, सूर्यदेव, तैयारी, जश्न, खुशहाली।

संक्रांत की तैयारी: शनिवार स्पेशल (माइंड मैप) 🗺�📊

[ मकर संक्रांत की तैयारी ]
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[मार्केट शॉपिंग] [घर की तैयारी] [छोटे बच्चों की खुशी] [धार्मिक तैयारी] [सोशल मैसेज]
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- तिल और गुड़ खरीदना - लड्डू और वड़े बनाना - पतंग और मांझा खरीदना - शक्कर पूजन का सामान - तिलगुल बांटने की प्लानिंग
- तरह-तरह का सामान - काली साड़ी बुनना - छत पर प्रैक्टिस करना - सूर्य दर्शन की तैयारी - मीठा बोलने का संकल्प
- मौसमी फल (बोरॉन, गन्ना) - हलवे की सजावट - शर्मिंदगी से लड़ना - दान की प्लानिंग - रिश्तों को बचाने का महत्व

आने वाली मकर संक्रांति आपके जीवन में पतंग जैसी ऊंची उड़ान और तिलगुल जैसी मिठास लाए!

--अतुल परब
--दिनांक-10.01.2026-शनिवार.
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