🕉️ कालभैरव कृपा: कालाष्टमी और शनिवार का महायोग 🕉️🕯️ 📿 ⚫ 🥣 ⚫ 🔱 🙏 ⚔️ 🔱 🛡

Started by Atul Kaviraje, January 18, 2026, 02:35:26 PM

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Atul Kaviraje

🕉� ⚫ कालाष्टमी (Kalashthami)
आज माघ महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी (Kalashtami) है।
इस दिन भैरव देव की पूजा की जाती है और कालाष्टमी का व्रत रखा जाता है।
यह व्रत खास तौर पर शनि, राहु, केतु के दोषों को शांत करने या परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए माना जाता है।
➡️ महत्व: शनिवार होने की वजह से कालाष्टमी का पुण्य और प्रभाव ज़्यादा माना जाता है।
भैरव देव शस्त्रधारी देवता हैं, जिनकी पूजा से नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है।
🔹 कालाष्टमी व्रत की गाइडलाइन:
इस दिन भक्त भैरव देव की पूजा करते हैं, दीपक जलाते हैं और मंत्रों का जाप करते हैं।
कालाष्टमी का व्रत करने वालों के लिए भैरव से जुड़े देवी-देवता और मंत्र खास तौर पर फायदेमंद माने जाते हैं।
✅ आज कालाष्टमी व्रत और पूजा का महत्व है। ✅ यह दिन विशेष रूप से भैरव देव की पूजा और ध्यान के लिए शुभ माना जाता है।
कालाष्टमी: पौष कृष्ण अष्टमी को 'कालाष्टमी' कहा जाता है। इस दिन भगवान कालभैरव की पूजा की जाती है।
भैरव पूजा महाराष्ट्र के कई भैरवनाथ मंदिरों (जैसे जेजुरी, सोनोरी) में कालाष्टमी के अवसर पर विशेष पूजा की जाती है।
🔹 कालाष्टमी
आज माघ महीने की कृष्ण पक्ष अष्टमी - कालाष्टमी है।
इस दिन भैरव देव की पूजा और व्रत का विशेष महत्व माना जाता है।
कालाष्टमी को विशेष पुण्यदायी माना जाता है क्योंकि यह शनिवार को पड़ती है।
📌 कालाष्टमी व्रत का महत्व:
ऐसा माना जाता है कि भैरव देव की कृपा से शत्रु, दोष, भय और रोगों से सुरक्षा मिलती है।
कालाष्टमी: पौष माह की कृष्ण अष्टमी को कालाष्टमी कहते हैं। इस दिन भगवान कालभैरव की पूजा का महत्व है। कई जगहों पर भैरवनाथ मंदिरों में खास उत्सव या पालकी समारोह आयोजित किए जाते हैं।

शनिवार, 10 जनवरी, 2026 को कालाष्टमी और भगवान कालभैरव की पूजा पर आधारित एक दमदार, भक्ति और रसीली लंबी मराठी कविता पेश है।

🕉� कालभैरव कृपा: कालाष्टमी और शनिवार का महायोग 🕉�

स्पेशल: आज पौष/माघ कृष्ण अष्टमी यानी 'कालाष्टमी' है। शनिवार होने की वजह से इस तिथि का महत्व और बढ़ गया है, और भगवान कालभैरव की पूजा करने से नेगेटिविटी, डर और ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है।

 कविता

1.
शनिवार का यह पावन दिन, कालाष्टमी की तिथि आ गई है,
आज भक्तगण कालभैरव के चरणों में शीश झुकाते हैं।
आप महादेव का रौद्र रूप हैं, आप काल भी हैं,
आपके दर्शन से, अज्ञान का यह जाल टूट जाता है।

अर्थ:
आज, शनिवार, कालाष्टमी का शुभ दिन आ गया है और भक्त भगवान कालभैरव के चरणों में सिर झुका रहे हैं। भैरवनाथ, जो शंकर का रूप हैं, मुसीबतों का नाश करने वाले हैं। 🕉� ⚫ 🔱 🙏

2.
आप हमारे रक्षक हैं, आपके हाथ में डंडा और त्रिशूल है,
आप नेगेटिव एनर्जी की जड़ हैं, आप पल भर में सभी बुरी ताकतों की जड़ हैं।
शनि, राहु और केतु के सभी दोष शांत हो जाएंगे,
भैरवनाथ के इस स्मरण से मन को यह महान आनंद मिले।

अर्थ:
भैरवनाथ, जिनके हाथ में त्रिशूल और डंडा है, बुरी ताकतों का नाश करते हैं। आज की पूजा शनि और दूसरे ग्रहों के दर्दनाक दोष दूर करती है। ⚔️ 🔱 🛡� ✨

3.
कुत्ता आपका प्रिय वाहन है, बटुक भैरव आपका नाम है,
इस काशी नगरी में आपका महान धाम है।
जेजुरी और सोनोरी में आपके जयकारे गूंजते हैं,
भक्तों के कल्याण के लिए, मन के सारे संताप दूर हो जाते हैं।

अर्थ:
काशी भैरवनाथ का मुख्य स्थान है, जिनका वाहन कुत्ता है। आज महाराष्ट्र में सोनोरी और जेजुरी जैसी जगहों पर बड़ा त्योहार है। 🐕 🏰 🚩 🔔

4.
आइए आज हम श्रद्धा से दीपक जलाएं और मंत्रों का जाप करें,
यह भगवान हमें विपत्ति की इस छाया से बचाएं।
काले तिल और उड़द चढ़ाकर आपकी सेवा करें,
हमें अपार पुण्य मिले, भक्ति का यह फल हमें मिले।

अर्थ:
इस दिन हमें दीपक जलाकर और मंत्रों का जाप करके भैरवनाथ की सेवा करनी चाहिए। काले तिल चढ़ाने से खास पुण्य मिलता है और भगवान हमारी रक्षा करते हैं। 🕯� 📿 ⚫ 🥣

⚫ 🔱 🙏 ⚔️ 🔱 🛡� ✨ 🐕

--अतुल परब
--दिनांक-10.01.2026-शनिवार.
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