🚩 अष्टक श्राद्ध और भक्ति पर्व: पितृस्मरण और आत्म सुख 🚩☀️ 🙏 🕊️ ✨ ❄️ 🥣 👕 🏠

Started by Atul Kaviraje, January 18, 2026, 02:41:53 PM

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Atul Kaviraje

अष्टक श्राद्ध: पौष कृष्ण अष्टमी को अष्टक श्राद्ध करने की परंपरा है। इस दिन पितरों को याद करना और तर्पण या दान करना शुभ माना जाता है।
माघ कृष्ण पक्ष में अष्टमी तिथि → धार्मिक व्रत, भजन और पूजा के लिए सही है।
📌 11 जनवरी, 2026 – रविवार
📿 धार्मिक महत्व: माघ महीने की अष्टमी तिथि, कालाष्टमी व्रत का अंत
इस दिन व्रत, भजन, पूजा या धार्मिक सत्संग में शामिल होना शुभ माना जाता है।
अष्टक श्राद्ध: पौष कृष्ण अष्टमी को 'अष्टक श्राद्ध' करने की परंपरा है। इस दिन पितरों को संतुष्ट करने के लिए श्राद्ध कर्म करना या दान करना फलदायी माना जाता है।
माघ महीने में अष्टमी व्रत, हेमंत ऋतु में पूजा करना ज़्यादा पवित्र माना जाता है। क्योंकि आज अष्टमी है, इसलिए कई भक्ति पूजा, शिव/गणेश/दिव्य पूजा, और धार्मिक सत्संग करने की सलाह दी जाती है।

पेश है रविवार, 11 जनवरी, 2026 को अष्टक श्राद्ध और माघ कृष्ण अष्टमी के खास त्योहार पर आधारित एक भक्ति से भरी, रसीली और मतलब भरी लंबी मराठी कविता।

🚩 अष्टक श्राद्ध और भक्ति पर्व: पितृस्मरण और आत्म सुख 🚩

स्पेशल: 11 जनवरी 2026, रविवार - पौष/माघ कृष्ण अष्टमी। आज 'अष्टक श्राद्ध' है और यह पितरों के कर्ज से छुटकारा पाने और दान देने का पवित्र दिन है।

कविता

1.
आज रविवार की सुबह आई है, भक्ति की यह नई रोशनी,
अष्टक श्राद्ध की इस तिथि पर, यह आसमान पवित्र हो गया है।
अपने पितरों को याद करके, उनके चरणों में हम नमन करें,
इसी कृतज्ञता की भावना के साथ, आइए जीवन के इस रास्ते को देखें।

मतलब:
रविवार की सुबह हमारे पितरों की याद से धन्य होती है। अष्टक श्राद्ध के मौके पर हम अपने पितरों को धन्यवाद दे रहे हैं और उनके चरणों में सिर झुका रहे हैं। ☀️ 🙏 🕊� ✨

2.
पौष महीने की ठंड में, तर्पण का यह पुण्य बड़ा है,
पितरों के आशीर्वाद से, किस्मत की यह थाली खुल जाती है।
जो कोई भी इस शुभ दिन पर खाना और कपड़े दान करता है,
उसके घर में हमेशा सुख और शांति बनी रहती है।

मतलब:
कड़किया की ठंड में, पितरों को तर्पण करना और गरीबों को दान देना बहुत फलदायी होता है, जिससे घर में सुख और समृद्धि आती है। ❄️ 🥣 👕 🏠

3.
माघ महीने की इस अष्टमी पर, भक्ति की यह नमी,
भजन और सत्संग, यह मिठास बनी रहे।
दत्तगुरु और शिवराय का नाम लेकर, हमारे मन को रोशन करें,
आज हम अहंकार के इस भ्रम से दूर भागेंगे।

मतलब:
आज की अष्टमी भजन और सत्संग के लिए शुभ है। हमें भगवान का नाम लेकर अपने मन से बुरे विचार निकालने चाहिए। 📿 🎶 🕉� ❤️

4.
सर्दी के मौसम की ठंड भगवान की शांति है,
इस धार्मिक व्रत से जीवन में एक नई क्रांति आती है।
अष्टक श्राद्ध का कथन परंपरा की विरासत है,
पूर्वजों के पुण्य से, खुशियों का यह आईना दिखता है।

मतलब:
ठंड के दिनों में ये धार्मिक व्रत जीवन में अच्छे बदलाव लाते हैं। पितृ पूजा हमारी महान संस्कृति का एक अहम हिस्सा है। 🍂 🧘�♂️ 🛡� 💎

5.
यह दान का समय है, यह हाथ जरूरतमंदों को देना चाहिए,
इंसानियत के इस काम से, यह दुख दूर होगा।
इस पुण्य अष्टमी पर, आइए आस्था का दीया जलाएं,
हमारे पूरे शरीर से अंधेरा दूर हो जाएगा।

मतलब:
इस दिन दान करके इंसानियत को बचाना ही भगवान की सच्ची सेवा है। आस्था का दीया जलाने से मन से अज्ञानता दूर होती है। 🤝 🕯� 💡 🌟

6.
आज रविवार है, छुट्टी का यह पावन योग है,
आइए भक्ति में रम जाएं, सभी बीमारियों को दूर करें।
आज शिव-गणेश और भगवान की पूजा करें, दिल से करें,
सभी चिंताएं और परेशानियां अब दूर हो जाएं।

मतलब:
आज रविवार है, इसलिए भगवान की पूजा और ध्यान के लिए समय निकालें, ताकि मानसिक और शारीरिक बीमारियां दूर हो जाएं। 🗓� 🕉� 🐘 ✅

7.
11 जनवरी का यह दिन हमेशा आपकी याद में रहे,
हमारे पूर्वजों की कृपा से ये सारी मुसीबतें दूर हो जाएं।
हमें खुशहाली और शांति मिले, यही हमारी भगवान से प्रार्थना है,
आइए हम इस दुनिया को भक्ति के इस अमृत में नहलाएं।

मतलब:
यह पवित्र दिन हमारे लिए शुभ हो। हमारे पूर्वजों की कृपा से सारी परेशानियां दूर हों और दुनिया में शांति बनी रहे, यही हमारी कामना है। 🙏 🔱 🌍 🎂

इमोजी समरी

सिर्फ़ सिंबल:

☀️ 🙏 🕊� ✨ ❄️ 🥣 👕 🏠 📿 🎶 🕉� ❤️ 🍂 🧘�♂️ 🛡� 💎 🤝 🕯� 💡 🌟 🗓� 🕉� 🐘 ✅ 🙏 ����🔱 🌍 🎂

सिर्फ़ शब्द: अष्टका श्राद्ध, पितृस्मरण, रविवार, अष्टमी, तर्पण, दान, हेमंत ऋतु, भजन, सत्संग, आभार, दान, शांति, समृद्धि, भक्ति, पुण्य।

आज की धार्मिक प्लानिंग (माइंड मैप) 🗺�📊

[ 11 जनवरी: धार्मिक महत्व ]
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[अष्टका श्राद्ध] [दान और सेवा] [भक्ति पाठ] [स्वास्थ्य/प्रकृति] [अच्छे संकल्प]
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- पितृ तर्पण - भोजन दान - नामस्मरण (भजन) - सुबह स्नान - सत्य का पालन
- पूर्वजों की पूजा - गर्म कपड़े बांटना - काकड़ आरती - सात्विक भोजन - सेवा भावना बनाए रखना
- तिल दान का महत्व - गरीबों की मदद करना - सत्संग में भाग लेना - मेडिटेशन और योग - परोपकारी रवैया

यह पवित्र दिन आपके पूर्वजों के आशीर्वाद और भक्ति के आनंद से भरा हो!

--अतुल परब
--दिनांक-11.01.2026-रविवार.
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