🪁 संक्रांति आ रही है: रविवार की छुट्टी और मज़ेदार शॉपिंग 🪁☀️ 🗓️ 🍬 🛍️ ⚪ 🍯

Started by Atul Kaviraje, January 18, 2026, 02:47:46 PM

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Atul Kaviraje

मकर संक्रांति की तैयारी: महाराष्ट्र में मकर संक्रांति (14 जनवरी) में सिर्फ़ 3 दिन बचे हैं, इसलिए रविवार को छुट्टी होने की वजह से बाज़ार में तिलगुल और दूसरी वैरायटी खरीदने के लिए भारी भीड़ होगी।

पेश है एक मज़ेदार लंबी मराठी कविता जो रविवार, 11 जनवरी, 2026 को महाराष्ट्र के बाज़ारों में मकर संक्रांति की तैयारियों और उत्साह को दिखाती है।

🪁 संक्रांति आ रही है: रविवार की छुट्टी और मज़ेदार शॉपिंग 🪁

स्पेशल: मकर संक्रांति बस 3 दिन दूर है (14 जनवरी), और आज रविवार की छुट्टी होने की वजह से, बाज़ार तिलगुल, पतंग और तरह-तरह की चीज़ें खरीदने वालों से भरे पड़े हैं।

कविता

1.
ये रविवार की छुट्टी आ गई है, संक्रांति का उत्साह शुरू हो गया है,
हर घर और बाज़ार में, खुशी का ये एहसास।
तिलगुल की मिठास के साथ, त्योहार अब पास आ रहा है,
शॉपिंग ज़ोरों पर है, देखो ये रिवाज़ कैसे बढ़ रहा है।

मतलब:
रविवार की छुट्टी की वजह से संक्रांति की तैयारियों ने ज़ोर पकड़ लिया है। बाज़ार में हर जगह तिलगुल और त्योहार के सामान की भारी भीड़ देखी जा रही है। ☀️ 🗓� 🍬 🛍�

2.
सफेद तिल और नए गुड़ से बने ये लड्डू,
रसोई में खुशबू फैली, मिठास की ये सुबह आई है।
औरतों की घनी भीड़, तरह-तरह की चीज़ें खरीदती दुकानों में,
काली साड़ियों का रंग, इस दुनिया में खूबसूरती लाया है।

मतलब:
हर घर में तिल के लड्डू बनाने की तैयारी चल रही है। औरतें त्योहार के लिए 'तरह-तरह की चीज़ें' और पारंपरिक काली साड़ियाँ उत्साह से खरीद रही हैं। ⚪ 🍯 👗 🏘�

3.
वो छोटे मिट्टी के बर्तन, पूजा के लिए घर लाए गए,
गन्ने, सुहागा और चने का, ढेर साफ़-सुथरा दिखता है।
नए अनाज की ये पूजा, प्रकृति का ये महान त्योहार,
मन सूर्य देव के स्वागत के लिए तैयार है।

मतलब:
संक्रांति पूजा के लिए ज़रूरी मसाले और मौसमी फल (बोर, गन्ना) खरीद लिए गए हैं और मन ही मन सूरज के लौटने का इंतज़ार कर रहा है। 🏺 🎋 🍎 ✨

4.
बच्चे माला और पतंग लेकर छत पर जमा हुए,
आज रंग-बिरंगा आसमान देखने लायक है।
'काटा काटी' की आवाज़ से इलाका उत्साह से भर गया,
रविवार की दोपहर है, और सब लोग खेल खेलने के लिए जमा हुए।

मतलब:
रविवार होने की वजह से बच्चे छत पर पतंग उड़ाने की प्रैक्टिस कर रहे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे आसमान में रंग-बिरंगी पतंगों का कॉम्पिटिशन चल रहा हो। 🪁 🌤� ✂️ 🙌

5.
तिलगुल लो और मीठा बोलो, घर-घर यही पैगाम है,
चलो अब कड़वाहट छोड़ो, चलो आपस में प्यार बढ़ाओ।
संक्रांति का यह त्योहार, इन टूटे हुए रिश्तों को जोड़ता है,
एकता के इस दीये से, यह मिट्टी रोशन होती है।

मतलब:
संक्रांति मीठा बोलकर प्यार बढ़ाने का त्योहार है। यह त्योहार हमें पुराने गिले-शिकवे भुलाकर इंसानियत और रिश्तों को मजबूत करने का मौका देता है। 🤝 🍬 😊 ❤️

6.
सिर्फ तीन दिन में, यह शुभ घड़ी आ गई है,
तैयारी के इस उत्साह में, हम यह आसमान भूल गए हैं।
परिवार के इस आने से, सभी घरवाले मुस्कुराते हैं,
त्योहारी खुशी के इस त्योहार में, खुशियां दरवाज़े पर रहती हैं।

मतलब:
सिर्फ 3 दिन में त्योहार आने से, उत्साह का माहौल है। रविवार की छुट्टी होने के कारण, पूरा परिवार मिलकर त्योहार की तैयारी कर रहा है। 🏡 👨�👩�👧�👦 🎉 ☀️

7.
11 जनवरी के इस रविवार, संकल्पों के इस समय पर,
आने वाली इस संक्रांति के लिए, आइए हम यह सभा करें।
भगवान से हमारी प्रार्थना समृद्धि और शांति हो,
तिलगुला की मिठास पूरी दुनिया को लाभ पहुंचाए।

मतलब:
तैयारी के इस दिन, आइए हम आने वाले त्योहार का स्वागत करें और प्रार्थना करें कि सभी को खुशी और समृद्धि मिले। 🙏 🔱 🌍 🎂

इमोजी समरी

सिर्फ़ सिंबल:

☀️ 🗓� 🍬 🛍� ⚪ 🍯 👗 🏘� 🏺 🎋 🍎 ✨ 🪁 🌤� ✂️ 🙌 🤝 🍬 😊 ❤️ 🏡 👨�👩�👧�👦 🎉 ☀️ 🙏 🔱 🌍 🎂

सिर्फ़ शब्द: रविवार, संक्रांति, तिलगुला, लगबाग, वन, सुगद, किटांग, गाछी, काला साड़ी, मिठास, प्यार, सूर्य देव, तैयारी, उत्सव, समृद्धि।

संक्रांति की तैयारी: संडे स्पेशल (माइंड मैप) 🗺�📊

[ संक्रांति शॉपिंग और लगबैग ]
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[मार्केटप्लेस] [घर के काम] [बच्चों का मनोरंजन] [पारंपरिक पोशाक] [धार्मिक तैयारी]
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- तिल और गुड़ खरीदना - लड्डू और वड़े - पतंग और मांझा खरीदना - काली साड़ी - सुगन्धित वस्तुएँ खरीदना
- तरह-तरह की चीज़ें - सामान सजाना - छत पर पूजा करना - हलवे की सजावट - सुगन्धित स्नान की तैयारी करना
- बोरान, गन्ना, गाजर - घर की सफाई करना - परेशानियों से लड़ना - नए कपड़े - सुगन्धित वस्तुएँ पूजना

आने वाली मकर संक्रांति आपके जीवन में पतंग जैसी ऊँची उड़ान और तिलगुले जैसी मिठास लाए!

--अतुल परब
--दिनांक-11.01.2026-रविवार.
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