🌾 भोगी त्योहार: खुशी और खुशहाली का ज़रिया 🌾🌾 🌞 🔥 🏺 🙏 🌸 🥖 🥗 🥣 😋 🛖 ❄️

Started by Atul Kaviraje, January 18, 2026, 03:03:02 PM

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Atul Kaviraje

भोगी-
🎉 भोगी / भोगीपन (मकर संक्रांति के साथ)
🔸 भोगी उत्सव/भोगी पूजन:
13 जनवरी को भोगी को मकर संक्रांति का एक कॉम्प्लिमेंट्री त्योहार माना जाता है, जिसमें शक्कर की पूजा, भाजी और अजानी की जाती है — जिसे हर घर में खुशी के साथ मनाया जाता है।
👉 भोगी में, अच्छे खाने का उदाहरण देकर, घर में पुरानी चीज़ों को जलाकर नई पॉजिटिव एनर्जी की पूजा की जाती है। ✅ भोगी पूजन और शक्कर पूजा
✨ भोगी उत्सव
✨ मुख्य पूजा: भोगी पूजा, शक्कर पूजा, दान/दीपदान
✨ त्योहार का संदर्भ: मकर संक्रांति से एक दिन पहले की तैयारी
✨ कई लोक परंपराएं: तिल, गुड़ी, त्योहार की पारंपरिक परंपराएं
भोगी (प्री-भोगी) की तैयारी: क्योंकि 'मकर संक्रांति' कल 14 जनवरी को मनाई जाएगी और महाराष्ट्र में 'भोगी', इसलिए आज बाजार में खास भीड़ है। आज मुख्य रूप से तिल, गुड़, नया अनाज और भोगी भाजी के लिए सब्जियां खरीदी जाती हैं।
भोगी: मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाने वाला 'भोगी' का त्योहार आज है। महाराष्ट्र में इस दिन तिल बाजरे की रोटी, भोगी (लेकुरवाली भाजी) के लिए मिक्स सब्जियां और मूंग दाल की खिचड़ी बनाने का रिवाज है। 👉 भोगी त्योहार 12/13 जनवरी को मकर संक्रांति के मौके पर मनाया जाता है, जिसमें शक्कर की पूजा, घर में सब्जियां पकाना और पुरानी चीजों को जलाकर नई शुभ शुरुआत करना शामिल है।
✔️ भोगी पूजा: घर में आग के पास सब्जियां चढ़ाना और नई शुरुआत का जश्न मनाना (परंपरा
✨ परंपरा: भोगी त्योहार की पूजा और घर में आग जलाने की परंपरा

मंगलवार, 13 जनवरी, 2026 को मनाए जाने वाले 'भोगी' त्योहार के मौके पर पेश है एक मज़ेदार, पारंपरिक और भक्ति से भरी मराठी कविता।

🌾 भोगी त्योहार: खुशी और खुशहाली का ज़रिया 🌾

1.
भोगी का त्योहार आ गया है, खुशी की यह सुबह,
मकर संक्रांति के स्वागत के लिए रास्ता पूरी तरह तैयार है।
चलो अब पुराने को जलाते हैं, चलो नए को अपनाते हैं,
चलो नई एनर्जी, नई ताकत में सांस लेते हैं।

(मतलब: मकर संक्रांति से एक दिन पहले भोगी का त्योहार आ गया है, चलो पुराने बुरे ख्यालों को छोड़कर नई पॉजिटिविटी के साथ ज़िंदगी शुरू करते हैं।) 🌾 🌞 ✨ 🔥

2.
सुगंध पूजा, हे धरती की मिट्टी, हे धरती माँ,
चलो आज खेत में उगे नए अनाज का अभिनंदन करते हैं।
पांच फूलों की माला चढ़ाकर, सुगद की यह पूजा,
धन्य-लक्ष्मी के आशीर्वाद से, खुशियां आपके घर आएं।

(मतलब: मिट्टी की खुशबू की पूजा करके, हम नए अनाज के लिए आभार जताते हैं और घर में खुशहाली की प्रार्थना करते हैं।) 🏺 🌸 🙏 🌾

3.
वो बाजरे की रोटी गरम है, तिल से सजी हुई है,
साली की लेकुरवाली सब्जी, आज चूल्हे पर पकी है।
बैंगन, घेवर, चना और गाजर, ये स्वादिष्ट मेल,
चलो सब मिलकर अब खाते हैं, खुशियों का यही समय है।

(मतलब: भोगी के दिन तिल के साथ बाजरे की रोटी और मिक्स सब्जियों की स्वादिष्ट 'लेकुरवाली' सब्जी बनाने का मुख्य रिवाज है।) 🥖 🥗 🥣 😋

4.
घर के सामने आग, आग जमकर लगी है,
मेहनत का ये फल मिला है, बलिराजा के दर पर।
इस कड़ाके की सर्दी में भी प्यार की गर्माहट मिली है,
त्योहार हमारी संस्कृति हैं, खुशियों की चाबी हैं।

(मतलब: सुबह आग जलाकर पुरानी चीजों को जलाने और ठंड में गर्म होने का पारंपरिक तरीका इस त्योहार के महत्व को बताता है।) 🔥 🛖 ❄️ ❤️

5.
साधारण मूंग खिचड़ी, सादा घी की धार,
सेहत का मंत्र देती है, मौज-मस्ती का ये त्योहार बड़ा है।
कुदरत का ये खेल है, मौसम बदलने का समय है,
सब खुशियां और संतोष पाएं, ये सूखा खत्म हो।

(मतलब: ठंड के दिनों में मूंग की खिचड़ी और घी सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, जो इस त्योहार का खास हिस्सा है।) 🍚 🧈 🥗 🌿

6.
अब अपने दिल से तिल और गुड़ की मिठास बोएं,
आइए शान से जश्न मनाएं, यही हमारी विरासत है।
मंगलवार का योग आया है, भोगी घर आए हैं,
आइए भक्ति से झूमें, गणेश और शंकर।

(मतलब: इस दिन लोगों के दिलों की कड़वाहट दूर कर मिठास पैदा करनी चाहिए और भक्ति की खुशबू हर जगह फैलानी चाहिए।) 🍬 🤝 🕉� 🔔

7.
दान, पुण्य और दीपदान, संक्रांति का ये संदेश,
भोगी त्योहार खुशहाली का है, सारे संकटों को खत्म कर देगा।
हर आत्मा खुश रहे, महाराष्ट्र खुश रहे,
भोगी के इस शुभ दिन पर, यह देश जगमगाए।

(मतलब: दीपदान और मदद से परेशानियां दूर हों और पूरा देश खुश रहे, यही इस त्योहार की मुख्य भावना है।) 🪔 🎁 🇮🇳 🚩

📑 वर्ड समरी:
भोगी त्योहार - सुगद पूजा - बाजरे की रोटी - लेकुरवाली सब्जी - आग - नया अनाज - तिल-गुड़ - खुशहाली - परंपरा - महाराष्ट्र कल्चर।

📑 इमोजी समरी:
🌾 🌞 🔥 🏺 🙏 🌸 🥖 🥗 🥣 😋 🛖 ❄️ ❤️ 🍚 🧈 🌿 🍬 🤝 🕉� 🔔 🪔 🎁 🇮🇳 🚩

--अतुल परब
--दिनांक-13.01.2026-मंगळवार.
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