🪔 दीपोत्सव: घरों और मंदिरों में दीपदान 🪔🕯️ ✨ 🏠 🚩 🪔 🙏 🕉️ 🌟 🌿 💖 🏛️ 🔥

Started by Atul Kaviraje, January 18, 2026, 03:07:44 PM

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Atul Kaviraje

✅ घर और मंदिर में दीपदान

मंगलवार, 13 जनवरी, 2026 को 'मकर संक्रांत' और 'धनुर्मास समाति' के बैकग्राउंड में किए जाने वाले 'दीपदान' रिवाज के मौके पर पेश है एक भक्ति और सुंदर मराठी कविता।

🪔 दीपोत्सव: घरों और मंदिरों में दीपदान 🪔

1.
संक्रांति का त्योहार शुरू हो गया है, रोशनी का यह त्योहार आ गया है,
आज घरों और मंदिरों में दीपदान की रस्म हुई।
मंगलवार का यह पावन दिन, दीयों की रोशनी से जगमगा उठा,
भक्ति का यह पवित्र मार्ग, सबके दिल में बस गया।

(मतलब: संक्रांति की शाम को, हम घरों और मंदिरों में दीये जलाकर रोशनी का स्वागत कर रहे हैं, जिससे हर जगह खुशी का माहौल बन जाता है।) 🕯� ✨ 🏠 🚩

2.
वह छोटा सा मिट्टी का बर्तन, आज तेल से भरा हुआ,
यह लौ अंधेरे को दूर भगाने के लिए तैयार हो गई है।
भगवान के सामने सिर झुकाकर, यह शुभ दीया जलाकर,
जीवन की परेशानियां अब दूर हो जाएंगी।

(मतलब: भगवान के सामने जलाए गए ये दीये न सिर्फ रोशनी देते हैं, बल्कि हमारे जीवन के सभी दुखों और अंधेरे को दूर करने की ताकत भी रखते हैं।) 🪔 🙏 🕉� 🌟

3.
तुलसी के उस वृंदावन में, कतारों में दीये जलाकर,
घर-आंगन नहा गए, चेतना के रंग से।
शुभ मूर्ति का ध्यान करके, मैंने आज यह दीपदान किया,
मुझे सौभाग्य का वरदान मिले, और घर की शान बढ़े।

(मतलब: तुलसी के पास जलाए गए दीये घर को पवित्रता देते हैं और भगवान के ध्यान से मन को शांति मिलती है।) 🌿 🕯� 💖 🏠

4.
मंदिर के उस भीतरी कमरे में, समय की यह चमक,
भक्तों की इन प्रार्थनाओं से, खुशियों का यह मंच खुल गया है।
धनुर्मास के आखिर में, रोशनी का यह जोड़ दिया,
भक्ति की इसी खुशबू से, मन की यह कली खिल गई।

(मतलब: मंदिर में जलते दीयों की टिमटिमाहट से, भक्तों को दिव्य चेतना का अनुभव हो रहा है और उनका जीवन खुशहाल हो रहा है।) 🏛� 🔥 🛐 ✨

5.
आइए, ज्ञान का यह दीया जलाकर अज्ञानता का नाश करें,
इंसानियत के हिस्से के तौर पर, आइए, हम सबकी यह झोली भरें।
दीपक देने का पुण्य बहुत बड़ा है, शास्त्रों में इसका वर्णन है,
जहां भी दीया जलता है, वहां दिव्य गुण फैलते हैं।

(मतलब: दीया देना सिर्फ बाहरी रोशनी नहीं है, यह ज्ञान का प्रतीक है, जिसके ज़रिए हमें समाज में अज्ञानता को दूर करना चाहिए और इंसानियत को बचाना चाहिए।) 💡 📜 🤝 🌍

6.
13 जनवरी का यह पल, दीपावली जैसा लगता है,
पॉजिटिव एनर्जी की यह चाहत दिल से निकलती है।
तिल और गुड़ की मिठास के आगे, रोशनी का यह सलाम,
पूरा देश रोशन हो जाए, खुशबूदार जन्नत की तरह।

(मतलब: संक्रांति से पहले किया गया यह दीपदान मन में नई उम्मीद जगाता है और पूरे देश को रोशनी से रोशन करता है।) 🗓� 🕯� 🍬 🇮🇳

7.
दीप ज्योति नमोस्तुते, आइए इस मंत्र का जाप करें,
आइए हम अपनी आंखों से भगवान की इस चमक को देखें।
दीपों का दान पूरी दुनिया में खुशियां और खुशहाली लाए,
इन दीपों की रोशनी में, सौभाग्य और खुशहाली हो।

(मतलब: आइए हम दिल से प्रार्थना करें कि इस दीये की रोशनी में सबका भला हो और दुनिया में सुख-शांति बनी रहे।) 🙏 🪔 🌏 🚩

📑 सिर्फ़ शब्दों का सारांश:
दीपदान - प्रकाश - मंदिर - घर - चैतन्य - तुलसी - भक्ति - ज्ञान - पुण्य - संक्रांति - मंगल - प्रार्थना - सेहत - खुशहाली।

📑 सिर्फ़ इमोजी समरी:
🕯� ✨ 🏠 🚩 🪔 🙏 🕉� 🌟 🌿 💖 🏛� 🔥 🛐 💡 📜 🤝 🌍 🗓� 🍬 🇮🇳 🌏 🚩

--अतुल परब
--दिनांक-13.01.2026-मंगळवार.
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