🔱 षटतिला एकादशी शुरू: भक्ति का महामंत्र 🔱🔱 🗓️ ✨ 🙏 🥣 🧼 🍚 📜 🌿 📿 💖 🌞

Started by Atul Kaviraje, January 18, 2026, 03:10:34 PM

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Atul Kaviraje

षटतिला एकादशी शुरू: आज दोपहर दशमी खत्म हो रही है और तिथि के अनुसार एकादशी शुरू हो रही है, इसलिए आज से ही कई जगहों पर एकादशी व्रत की तैयारियां शुरू हो गई हैं। (मुख्य एकादशी व्रत कुछ जगहों पर 14 जनवरी को मकर संक्रांति के साथ होगा)।
षटतिला एकादशी शुरू: हालांकि तिथि के अनुसार एकादशी दोपहर में शुरू होगी, लेकिन मुख्य 'षटतिला एकादशी' व्रत और उपवास कल (14 जनवरी) मकर संक्रांति के साथ रखा जाएगा।

मंगलवार, 13 जनवरी, 2026 से शुरू होने वाली 'षटतिला एकादशी' के मौके पर पेश है एक भक्ति से भरी और रसीली मराठी कविता।

🔱 षटतिला एकादशी शुरू: भक्ति का महामंत्र 🔱

1.
पौष महीने की वद्य एकादशी, षटतिला नाम मनाया गया,
मंगलवार दोपहर को दशमी आई, विठु के कदम दिखे।
व्रत की यह तैयारी, भक्तों के दिलों में भर गई,
पंढरी के उस पांडुरंग की चाहत, सबको महसूस हुई।

(मतलब: पौष महीने की वद्य एकादशी यानी 'षटतिला एकादशी' आज, मंगलवार दोपहर को दशमी खत्म होने के बाद शुरू हो रही है और भक्तों में उत्साह का माहौल है।) 🔱 🗓� ✨ 🙏

2.
तिल इस्तेमाल करने के छह तरीके, यही इस व्रत का सार है,
स्नान, उताने और अर्पुणि तिल, इस संसार से निकल जाएं।
इससे पाप नष्ट होते हैं, पुराणों में एक कहानी है,
जब विष्णु चरणों में लीन हो गए, तो कोई दुख नहीं रहा।

(मतलब: इस एकादशी पर तिल का छह तरह से (स्नान, दान, तर्पण, आदि) इस्तेमाल करने का महत्व है, और इससे सभी परेशानियां और पाप दूर होते हैं।) 🥣 🧼 🍚 📜

3.
कल की संक्रांति और एकादशी का, संयोग बड़ा है,
भक्ति का यह मौसम आज से शुरू हुआ है।
वह तुलसी की माला, आज गले में सजी,
षटतिला एकादशी की महिमा, आज मन में अंकित हो गई है।

(मतलब: चूंकि कल की मकर संक्रांति के साथ एकादशी का व्रत भी है, इसलिए आज से ही भक्ति का माहौल बन गया है।) 🌿 📿 💖 🌞

4.
चेहरे पर हमेशा नाम रहे, 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय',
मुसीबतों के इस तूफान में, आप ही हमारी मां-पत्नी हैं।
मंगलवार शुभ समय है, इस व्रत को शक्ति मिले,
हमारे जीवन को चेतना का प्रकाश मिले।

(अर्थ: आइए वासुदेव के मंत्र का जाप करके इस व्रत की तैयारी करें; भगवान की कृपा से हमारे जीवन में प्रकाश आएगा।) 🕉� 🔱 🛡� ✨

5.
आज तिल दान करें, ज़रूरतमंदों के हाथ में,
इस मानवता धर्म से, नए रिश्ते बनते हैं।
धैर्य और विश्वास के साथ, विष्णु-भक्ति का यह मार्ग,
षटतिला एकादशी से, स्वर्ग का लाभ मिलता है।

(अर्थ: इस एकादशी पर तिल दान करना बहुत ज़रूरी माना जाता है, जिससे मानवता बनी रहती है और पुण्य मिलता है।) 🎁 🥣 🤝 🌈

6.
तिल वाला पानी पिएं, तिल मिलाकर नहाएं,
यह मंत्र सेहत देता है, यह देवताओं का कथन है।
दिन भले ही दोपहर में शुरू हो, व्रत कल रखेंगे,
आज से ही विठु के नाम पर ध्यान रखें।

(मतलब: दिन भले ही आज शुरू हो, मुख्य व्रत कल है, संक्रांति, लेकिन भक्ति आज से ही शुरू हो गई है।) 💧 🧼 🧘�♂️ 🚩

7.
हे शुभ भगवान विष्णु, मैं आपके चरणों में प्रणाम करता हूँ,
षटतिला एकादशी पर, हमारा मन पवित्र हो।
अगले जन्म में भक्ति मिले, यही मेरी आपके चरणों में प्रार्थना है,
इस दिन सभी के अच्छे विचार पूरे हों।

(मतलब: आइए हम भगवान विष्णु के चरणों में प्रणाम करें और प्रार्थना करें कि इस एकादशी के व्रत से हमारा मन और बुद्धि पवित्र हो जाए।) 🙏 🐚 👑 ✨

📑 सिर्फ़ शब्दों का सारांश:
षटतिला एकादशी - विष्णु भक्ति - तिल का महत्व - दशमी का अंत - व्रत - दान - सेहत - मंत्र - आस्था - शुरुआत - पुण्य - विट्ठल नाम।

📑 सिर्फ़ इमोजी समरी:
🔱 🗓� ✨ 🙏 🥣 🧼 🍚 📜 🌿 📿 💖 🌞 🕉� 🛡� 🎁 🤝 🌈 💧 🧘�♂️ 🚩 🐚 👑 ✨

--अतुल परब
--दिनांक-13.01.2026-मंगळवार.
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