🏵️ रेवासा चैतन्य: ब्रह्मचारी महाराज पुण्यतिथि 🏵️🕉️ ✨ 🚩 🙏 🧘‍♂️ ❤️ 🌍 🕊️ 🪔

Started by Atul Kaviraje, January 18, 2026, 03:12:35 PM

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Atul Kaviraje

ब्रह्मचारी महाराज की पुण्यतिथि: आज रेवासा (अमरावती) के ब्रह्मचारी महाराज की पुण्यतिथि है।

अमरावती जिले के रेवासा के परम पूज्य ब्रह्मचारी महाराज को उनकी पुण्यतिथि पर मंगलवार, 13 जनवरी, 2026 को समर्पित एक भक्तिपूर्ण और रसीली मराठी कविता।

🏵� रेवासा चैतन्य: ब्रह्मचारी महाराज पुण्यतिथि 🏵�

1.
रेवासा की इस पवित्र भूमि पर, भक्ति का यह झरना बहता है,
ब्रह्मचारी महाराज की याद से, भक्तों का सीना भर जाता है।
पुण्यतिथि के इस पावन दिन पर, आइए हम समाधि के सामने सिर झुकाएं,
आइए हम महाराज की दिव्य चमक में खो जाएं।

(मतलब: अमरावती के पास रेवासा में ब्रह्मचारी महाराज की पुण्यतिथि पर भक्ति का माहौल है, और भक्तों में उनके लिए बहुत सम्मान है।) 🕉� ✨ 🚩 🙏

2.
सादा जीवन, उच्च विचार, यही उनका मंत्र था,
इंसानियत की सेवा, यही उनकी जीवन-तकनीक थी।
उन्होंने दुखियों के आंसू पोंछे, प्यार से सबका साथ दिया,
अमरावती की यह धरती धन्य है, जहां उनका अवतार हुआ।

(मतलब: महाराज ने सादा जीवन और जनसेवा का संदेश दिया, उनके काम से अमरावती की धरती पवित्र हो गई है।) 🧘�♂️ ❤️ 🌍 🕊�

3.
मंगलवार का यह शुभ समय, नाम जाप से रोशन हुआ,
सौभाग्य का यह दिन ब्रह्मचारी बाबा के दर्शन से मिला।
समाधि पर माला और धूप-दीप की आवाज़,
महाराज की नज़र भक्तों के इस कल्याण पर है।

(मतलब: भक्त महाराज की समाधि पर माला और धूप चढ़ाकर उन्हें याद कर रहे हैं, उनकी कृपा आज भी भक्तों पर है।) 🪔 🌸 🛐 🕯�

4.
वैराग्य का वह साकार रूप, ज्ञान का यह अथाह सागर,
संस्कारों का यह धन, भक्तों के लिए एक महान जागृति है।
उन्होंने अंधकार को दूर भगाया, उन्होंने हमें भक्ति का मार्ग दिखाया,
महाराज के चरणों में, हमें असली स्वर्ग मिला।

(मतलब: महाराज वैराग्य और ज्ञान के प्रतीक थे, उनकी भक्ति के मार्ग पर चलना हमारे लिए खुशी की निशानी है।) 💡 🌊 📜 ✨

5.
आइए हम 13 जनवरी के इस पल को कृतज्ञता के साथ याद करें,
आइए हम उनके पवित्र विचारों को अपने जीवन में अपनाएं।
अनुशासन और नेकी उनके जीवन की धुन है,
रेवास की इस धरती पर आज उनकी आवाज़ गूंज रही है।

(मतलब: महाराज की पुण्यतिथि के मौके पर, आइए हम उनके विचारों और नेकी पर चलने का संकल्प लें।) 🗓� 🏢 🤝 🛡�

6.
भंडारे का यह महाप्रसाद, स्नेह का यह महामिलन,
अमरावती के लोगों की भक्ति का यह समारोह, आज रंगीन हो गया है।
विठु के नाम के जयकारे में, बाबा की यह याद जाग उठी है,
यहां का हर वैरागी दुनिया की इस गर्मी से मुक्त हो जाए।

(मतलब: सभी भक्तों ने पुण्य तिथि के मौके पर हुए महाप्रसाद और भक्ति समारोह में खुशी-खुशी हिस्सा लिया है।) 🍲 🚩 🥁 🙌

7.
ब्रह्मचारी महाराज की जय, ये अलार्म बज रहा है,
भक्ति की ये दिव्य खुशबू, आज आसमान में तैर रही है।
आने वाली पीढ़ी को रास्ता दिखाए, यही हमारी उनके चरणों में प्रार्थना है,
आपकी कृपा से हमारे सभी अच्छे विचार पूरे हों।

(मतलब: महाराज के नाम के जयकारे में, हम उनसे विनती करें कि वो हमें हमेशा सही रास्ता दिखाएं।) 🙏 👑 ✨ 🚩

📑 सिर्फ़ शब्द सारांश:
ब्रह्मचारी महाराज - रेवासा - अमरावती - पुण्य तिथि - समाधि - लोक सेवा - वैराग्य - ज्ञान - भक्ति - महाप्रसाद - कृतज्ञता - नामस्मरण - संस्कार।

📑 सिर्फ़ इमोजी समरी:
🕉� ✨ 🚩 🙏 🧘�♂️ ❤️ 🌍 🕊� 🪔 🌸 🛐 🕯� 💡 🌊 📜 🗓� 🏢 🤝 🛡� 🍲 🥁 🙌 👑

--अतुल परब
--दिनांक-13.01.2026-मंगळवार.
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