🪁 संक्रांति का लगबाग: शाम का उत्साह 🪁🪁 🍬 🛍️ 🗓️ 🥣 👗 🍯 🏺 🎋 🍓 🧵 🌤️ 🙌

Started by Atul Kaviraje, January 18, 2026, 03:13:50 PM

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Atul Kaviraje

मकर संक्रांति की तैयारी: चूंकि कल (14 जनवरी) मकर संक्रांति है, इसलिए आज महिलाएं अपने पकवान बनाने और तिलगुल बनाने में व्यस्त हैं।

मंगलवार, 13 जनवरी, 2026 को 'मकर संक्रांति' की शाम को घर में चल रही तैयारियों पर आधारित एक बहुत ही रसीली, घरेलू और भक्ति से भरी मराठी कविता।

🪁 संक्रांति का लगबाग: शाम का उत्साह 🪁

1.
कल संक्रांति का त्योहार है, आज घर में तैयारियां हैं,
औरतों का लगबाग बड़ा है, उत्साह कितना भारी है।
मंगलवार शुभ दिन है, बाजार में यह भीड़ है,
तिलगुला की खुशबू, मन की यह ठंड गायब हो गई है।

(मतलब: कल 14 जनवरी को मकर संक्रांत है, इसलिए आज हर जगह शॉपिंग और तैयारियों की धूम है और खुशी का माहौल है।) 🍬 🛍� 🗓� ✨

2.
तिल और गुड़ का मेल, वो चीनी का सफ़ेद टुकड़ा,
आज हाथों से लड्डू बनाए जाते हैं, उस मिठास के तोहफ़े के लिए।
बच्चों को हाथ हिलाने की तैयारी शुरू हो गई है,
आज घर में नए कपड़े बन रहे हैं।

(मतलब: घर-घर में औरतें तिल के लड्डू बना रही हैं और कल के त्योहार के लिए नए कपड़ों और दूसरी चीज़ों की तैयारी पूरी कर रही हैं।) 🥣 🍬 👗 🍯

3.
राखी का सारा सामान आज चाव से इकट्ठा किया गया है,
पसंद से चीनी, गन्ना और गन्ने के बीज सजाए गए हैं।
हल्दी और कुंकवा के लिए लोगों को बुलाने की भागदौड़ चल रही है,
दोस्तों से मिलने की होड़ लगी हुई है।

(मतलब: औरतें कल के लिए हल्दी और कुंकवा का सामान इकट्ठा करके एक-दूसरे को बुला रही हैं।) 🏺 🎋 🍓 🤝

4.
छत पर पतंगें और मांझे का बड़ा स्टॉक,
गड़रियों के उत्साह की यह बड़ी लहर दिख रही है।
'काट रे कट' चिल्लाने का रिवाज आज से शुरू हुआ,
आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर गया।

(मतलब: बच्चे पतंग और मांझे तैयार कर रहे हैं, और कल की पतंगबाजी के लिए उनका उत्साह आज से ही चरम पर पहुंच गया है।) 🪁 🧵 🌤� 🙌

5.
13 जनवरी की आज शाम, तिलों की होड़,
संक्रांति का यह त्योहार, यह मिठास ही मिठास है।
सुख-शांति के संकल्प के साथ, आओ सूर्यनारायण की पूजा करें,
आओ नेगेटिविटी को दूर भगाएं, आओ यह भक्ति जप करें।

(मतलब: आज की शाम कल के त्योहार के इंतज़ार में है, और हम भक्ति के साथ सूरज के डूबने का स्वागत करने की तैयारी कर रहे हैं।) ☀️ 🪔 🛐 🌈

6.
भोगी की यह स्वादिष्ट सब्ज़ी, बाजरे की रोटी का प्लान,
आज से शुरू हुआ, इस त्योहार का यह सुंदर इरादा।
आओ रिश्तों के बीच की दूरी को पाटें, तिलगुल देकर मीठा बोलें,
भारत की यह संस्कृति, दुनिया में टूटी नहीं।

(मतलब: आज भोगी होने की वजह से खाने का खास प्लान है और कल सबने तिलगुल देकर प्यार बढ़ाने का संकल्प लिया है।) 🥗 🥖 ❤️ 🌍

7.
अगली तैयारी पूरी हो गई है, अब सुबह का इंतज़ार करते हैं,
संक्रांति के इस पावन दिन पर भगवान के दर्शन की ज़रूरत है।
यह शुभ और समृद्ध हो, आपके चरणों में यही शुभकामना है,
मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर सभी को ढेर सारी शुभकामनाएं।

(मतलब: सारी तैयारियां पूरी करने और कल के शुभ दिन का इंतज़ार करने के बाद, हम सबकी भलाई के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं।) 🙏 🌞 🎊 🚩

📑 सिर्फ़ शब्दों का सारांश:
संक्रांति की तैयारी - तिलगुल लड्डू - वैरायटी लूट - सुगद - पतंगबाज़ी - हल्दी-शंक - लगबग - शॉपिंग - उत्साह - भोगी - उत्तरायण - कल्चर।

📑 इमोजी समरी सिर्फ़:
🪁 🍬 🛍� 🗓� 🥣 👗 🍯 🏺 🎋 🍓 🧵 🌤� 🙌 ☀️ 🪔 🛐 🥗 🥖 ❤️ 🌍 🙏 🌞 🎊 🚩

कल की मकर संक्रांति के लिए, आपके पास एक खास 'तिलगुल लो, मीठा बोलो' है

--अतुल परब
--दिनांक-13.01.2026-मंगळवार.
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