⚖️ न्याय का झंडा: जस्टिस के. जी. बालकृष्णन ⚖️🏛️ ⚖️ ✨ 📜 🙏 📖 🏛️ ⚖️ 🏛️ 🚩 💎

Started by Atul Kaviraje, January 18, 2026, 03:16:28 PM

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Atul Kaviraje

1996: भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश के. जी. बालकृष्णन ने कार्यभार संभाला।

भारत के पूर्व चीफ जस्टिस, के. जी. बालकृष्णन के मंगलवार, 13 जनवरी, 2026 (1996 - गुजरात हाई कोर्ट रेफरेंस/ज्यूडिशियल प्रोफेशन) को पद संभालने की ऐतिहासिक याद के मौके पर पेश है एक शानदार मराठी कविता।

⚖️ न्याय का झंडा: जस्टिस के. जी. बालकृष्णन ⚖️

1.
साल 1999 में, न्याय का सूरज उगा,
के. जी. बालकृष्णन के रूप में, ज्ञान का यह दीया जला।
न्याय के इस पवित्र मैदान में, एक बड़ा कदम उठाया,
शोषितों के हक के लिए, उन्होंने न्याय का ज़ोर दिया।

(मतलब: 1996 में जस्टिस बालकृष्णन ने एक अहम पद संभाला, उन्होंने ज्यूडिशियरी में अपनी समझदारी की रोशनी फैलाई।) 🏛� ⚖️ ✨ 📜

2.
सादा जीवन, उच्च विचार, विनम्रता का यह आभूषण,
संविधान की रक्षा के लिए, उन्होंने हमेशा पुकारा।
दलितों और वंचितों के जीवन में नई उम्मीद आई,
कानून के इस राज्य में, उन्होंने मन का बंटवारा खत्म किया।

(मतलब: संविधान की रक्षा करते हुए, उन्होंने समाज के वंचित वर्गों को न्याय दिलाने का ऐतिहासिक काम किया।) 🙏 📖 🏛� ⚖️

3.
चाहे गुजरात हो या दिल्ली, निष्पक्षता उनकी पहचान थी,
सत्य और वैराग्य उनके बड़े गुण थे।
वे चीफ जस्टिस के पद पर शान से बैठे,
लोकतंत्र का यह मंदिर उनके सम्मान से रोशन हुआ।

(मतलब: अलग-अलग कोर्ट में काम करते हुए उन्होंने सच्चाई और निष्पक्षता बनाए रखी, बाद में वे देश के पहले दलित चीफ जस्टिस बने।) 🏛� 🚩 💎 🦁

4.
13 जनवरी का यह दिन, कामयाबी का यह मीठा खज़ाना,
यह न्याय के देवता के चरणों में उनकी अटूट सेवा थी।
संविधान का सम्मान करते हुए उन्होंने साफ़ फ़ैसला सुनाया,
न्याय व्यवस्था के इतिहास में इस काम का कोई जोड़ नहीं है।

(मतलब: आज हम उनकी ऐतिहासिक यात्रा को याद करते हैं; कानून के लिहाज़ से उनके नतीजे बहुत अहम थे।) 🗓� 🖋� 📜 ✅

5.
मेहनत और पक्के इरादे से वे इस महान शिखर पर पहुँचे,
वे आम आदमी के लिए न्याय के लिए हमेशा तैयार रहते थे।
केरल के इस बेटे ने पूरे देश का नाम रोशन किया,
इंसानियत और बराबरी की अहमियत सबको समझाई।

(मतलब: केरल के एक आम परिवार से निकलकर, वे अपने पक्के इरादे से देश के सबसे ऊंचे पद पर पहुंचे।) 🚀 🌳 🇮🇳 🌟

6.
इस मंगलवार की सुबह, हिम्मत का यह नया आइडिया,
कानून के इस दायरे में, उन्होंने नैतिकता पेश की।
भ्रष्टाचार की इस आंधी में, उन्होंने अपनी वफ़ादारी बनाए रखी,
न्याय के इस काम में, हर कोई इस गरिमा को महसूस करता है।

(मतलब: उन्होंने अपने कार्यकाल में वफ़ादारी और ईमानदारी बनाए रखी, जिससे न्यायपालिका की इज़्ज़त बढ़ी।) 🛡� 🤝 🏛� 🌟

7.
आइए आज हम उस महान इंसान को याद करें जिसने न्याय दिया,
हमें अन्याय के खिलाफ लड़ना सिखाया, यही रास्ता है।
लोकतंत्र का यह स्तंभ हमेशा ऐसे ही चमकता रहे,
आने वाली पीढ़ी को उनसे हमेशा प्रेरणा मिले।

(मतलब: नई पीढ़ी जस्टिस बालकृष्णन के काम से प्रेरणा ले और न्याय पर कायम रहे, यही उम्मीद है।) 🙏 🕯� 🏆 🚩

📑 सिर्फ़ शब्दों में:
जस्टिस बालकृष्णन - 1996 - न्याय - संविधान की रक्षा - निष्पक्षता - चीफ़ जस्टिस - डेमोक्रेसी - केरल - समानता - गरिमा - कानून - प्रेरणा।

📑 सिर्फ़ इमोजी समरी:
🏛� ⚖️ ✨ 📜 🙏 📖 🏛� ⚖️ 🏛� 🚩 💎 🦁 🗓� 🖋� 📜 ✅ 🚀 🌳 🇮🇳 🌟 🛡� 🤝 🏛� 🌟 🙏 🕯� 🏆 🚩

--अतुल परब
--दिनांक-13.01.2026-मंगळवार.
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