🕉️ धम्मचक्र प्रवर्तन: बुद्ध का दिव्य 'मिडिल पाथ' 🕉️🧘‍♂️ ✨ 🏰 🕉️ 🚫 🍲 ☸️ 🧘‍

Started by Atul Kaviraje, January 21, 2026, 08:52:19 PM

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Atul Kaviraje

बुद्ध और उनका दर्शन 'मध्यम मार्ग'-
(बुद्ध और 'मध्यम मार्ग' का सिद्धांत)
(Buddha and the Doctrine of the 'Middle Path')
Buddha and his philosophy 'middle path'-

भगवान गौतम बुद्ध और उनके शांतिपूर्ण 'मिडिल पाथ' थ्योरी पर आधारित यह भक्ति से भरी लंबी कविता:

🕉� धम्मचक्र प्रवर्तन: बुद्ध का दिव्य 'मिडिल पाथ' 🕉�

टाइटल: "शांतिपूर्ण महामेरु: मिडिल पाथ"

(1)
राजमहल छोड़कर, सिद्धार्थ जंगल चले गए,
उन्होंने सच की तलाश में कड़ी मेहनत की।
उन्होंने बहुत ज़्यादा सुख और बहुत ज़्यादा सज़ा को छोड़ दिया,
फिर सही विचारों का दीया जलाया। 🧘�♂️ ✨ 🏰 🕉�
(मतलब: महल के सुख छोड़कर, सिद्धार्थ सच की तलाश में जंगल चले गए। उन्होंने शरीर को बहुत ज़्यादा सुख या बहुत ज़्यादा दर्द देने से परहेज किया और सच का दीया जलाया।)

(2)
न तो कठोर उपवास, जो शरीर को सुखा देता है,
और न ही ऐशो-आराम, जो मन को उलझा देता है। इन दो छोरों के बीच एक रास्ता, एक रास्ता मिला,
फिर खुशी की नींव रखी गई, 'बीच का रास्ता'। 🚫 🍲 ☸️ 🧘�♀️
(मतलब: ऐसा कोई उपवास नहीं होना चाहिए जो शरीर को सुखा दे और ऐसा कोई सुख नहीं जो मन को भटका दे। इन दो छोरों के बीच का रास्ता 'बीच का रास्ता' है।)

(3)
सही नज़र, सही वाणी और शुद्ध आचरण होना चाहिए,
यही तुम्हें इस दुख के सागर से बचाएगा।
विचारों की पवित्रता और, यह कर्मों की पवित्रता,
यही इंसानियत का धर्म है, यही बुद्ध का चरित्र है। 👁� 🗣� 🔱 🌊
(मतलब: सिर्फ़ अच्छी नज़र, अच्छी वाणी और शुद्ध व्यवहार से ही इंसान दुखों से बच सकता है। शुद्ध विचार और काम ही बुद्ध का मुख्य दर्शन है।)

(4)
वीणा इतनी ढीली नहीं होनी चाहिए कि तार टूट जाए,
और न ही इतनी ढीली होनी चाहिए कि धुन खो जाए।
सही तनाव और सही धुन ही संगीत का सार है,
बीच के रास्ते पर चलना ही इंसान का सच्चा फ़र्ज़ है। 🎸 🎼 🕊� 💠
(मतलब: वायलिन के तार को ज़्यादा ज़ोर से खींचने पर वह टूट जाता है, और ढीला छोड़ देने पर उसकी आवाज़ नहीं आती। इसी तरह इंसान की ज़िंदगी का भी सही बैलेंस होना चाहिए, यही जीने का सार है।)

(5)
गुस्सा, नफ़रत और लालच छोड़कर चलना चाहिए,
दोस्ती और दया से पूरी दुनिया जीत लेनी चाहिए। अहिंसा का रास्ता आसान है, यही शांति का मंत्र है,
यही इंसानियत की भलाई की दिव्य तकनीक है। 😡 🤝 🌿 🕊�
(मतलब: गुस्सा और लालच छोड़कर दोस्ती और दया से दुनिया को जीतना चाहिए। अहिंसा और शांति ही इंसानियत की भलाई का सच्चा रास्ता है।)

(6)
अहंकार और लालच की ज़रूरत नहीं, डर की वजह से त्याग की ज़रूरत नहीं,
इंसान बड़ी हिम्मत से दुनिया में जी सकता है।
मन का यह बैलेंस कभी डगमगाने मत देना,
बीच के इस रास्ते को कभी मत छोड़ना। ☸️ ⚖️ 🧘�♂️ 🚶�♂️
(मतलब: डर के मारे त्याग मत करो और लालच की इच्छा मत करो। दुनिया में रहते हुए भी बीच के रास्ते का बैलेंस बनाए रखना मुमकिन है।)

(7)
बुद्ध की आवाज़ फैलने दो, गूंजने दो,
धम्म की आवाज़ फैलने दो, रास्ते को फ़ायदा पहुँचाने दो।
संघ के प्रति वफ़ादारी और, सच का यह साथ,
सिर्फ़ बीच के रास्ते से ही अंधेरे का अंत होगा। ☸️ 🙏 🕯� 🚩
(मतलब: बुद्ध, धम्म और संघ की शरण लेने और बीच का रास्ता अपनाने से जीवन में अज्ञान का अंधेरा हमेशा के लिए खत्म हो जाता है।)

🧩 इमोजी समरी

🧘�♂️ ✨ 🏰 🕉� 🚫 🍲 ☸️ 🧘�♀️ 👁� 🗣� 🔱 🌊 🎸 🎼 🕊� 💠 😡 🤝 🌿 🕊� ☸️ ⚖️ 🧘�♂️ 🚶�♂️ ☸️ 🙏 🕯� 🚩

📝 वर्ड समरी

त्याग: सिद्धार्थ गौतम का अपना शाही घर छोड़ना।

बैलेंस: बहुत ज़्यादा भोग-विलास और बहुत ज़्यादा दुख के बीच का रास्ता।

आठ गुना रास्ता: सही नज़रिए, वाणी और व्यवहार का महत्व।

करुणा: दोस्ती और अहिंसा से इंसानियत की भलाई।

शांति: बीच के रास्ते से मिलने वाला हमेशा का संतोष।

धम्म: बुद्ध का दिया हुआ आचार-विचार।

भगवान बुद्ध के इस विचार के बारे में आपको कैसा लगा?

--अतुल परब
--दिनांक-21.01.2026-बुधवार. 
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