🚩 धर्म की स्थापना के लिए: कृष्ण की कूटनीति और रणनीति 🚩🏹 🚩 🧠 ✨ 🔥 🔱 ⚔️ 🏛️

Started by Atul Kaviraje, January 21, 2026, 08:53:15 PM

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Atul Kaviraje

कृष्ण का दर्शन एवं धर्म विरोधी कृत्यों का समर्थन-
(कृष्ण का दर्शन और धर्म विरोधी कृत्यों का समर्थन)
(Krishna's Philosophy and the Support of Anti-Dharmic Acts)
Support of Krishna's philosophy and anti-religious activities-

यहाँ भगवान कृष्ण की कूटनीति और धर्म की रक्षा में उनके कामों को सपोर्ट करने वाली एक लंबी भक्ति वाली  कविता है।

🚩 धर्म की स्थापना के लिए: कृष्ण की कूटनीति और रणनीति 🚩

टाइटल: "योगेश्वर कृष्ण: अधर्म का युग"

(1)
जब भी धर्म पर बड़ा संकट आता है,
तब कृष्ण की रणनीति काम आती है।
सिर्फ हथियारों से नहीं, युद्ध जीता जाता है,
इस रणनीति की ताकत से दुनिया झुक जाती है। 🏹 🚩 🧠 ✨
(मतलब: जब धर्म पर संकट आता है, तो कृष्ण की कूटनीति काम आती है। युद्ध सिर्फ हथियारों से नहीं, रणनीति से जीता जाता है।)

(2)
कृष्ण ने खुद कौरवों के अधर्म को तोड़ा,
अन्याय के गढ़ उखाड़ दिए।
जब पाप का यह घड़ा भर गया, तो उन्होंने इसे तोड़ दिया,
धर्म के लिए, श्री कृष्ण ने, नियम कब तोड़े। 🔥 🔱 ⚔️ 🏛�
(मतलब: कौरवों के अधर्म को खत्म करने के लिए कृष्ण ने अन्याय के किले गिरा दिए। जब ��पाप बढ़ा, तो उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए कुछ नियम भी अलग रखे।)

(3)
जरासंध और शिशुपाल, दुष्टों के नाम हैं,
कृष्ण ने उन्हें मारने के लिए एक नई योजना बनाई।
अधर्म के कामों को रोकने के लिए, यही नैतिकता का विज्ञान है,
दुष्टों का यह वध ही उनका हथियार है। 🩸 🗡� 🛡� 🏹
(मतलब: कृष्ण ने जरासंध और शिशुपाल जैसे दुष्टों को मारने के लिए एक नई योजना बनाई। दुष्टों को मारना अधर्म को रोकने के लिए उनका मुख्य हथियार था।)

(4)
चाहे कर्ण हो या द्रोण, अधर्म की तरफ,
कृष्ण ने खुद रास्ता बनाया, जीत की तरफ।
धर्म के लिए किया गया काम कभी पाप नहीं होता,
कृष्ण की यह कूटनीति ब्रह्मांड का भला करती है। 🎭 🏹 ☸️ ⚖️
(मतलब: जब महान योद्धा अधर्म के पक्ष में खड़े थे, तो कृष्ण ने पांडवों को जीत का रास्ता दिखाया। धर्म के लिए किया गया काम कभी पाप नहीं होता।)

(5)
यह कोई चाल नहीं, यह धर्म की रक्षा है,
उन्होंने खुद कंस जैसे राक्षस का भक्षण किया।
जब युद्ध के इस मैदान में पार्थ भ्रमित थे,
यह गीता का ज्ञान, तब वे संभले। 🕉� 📖 🦁 🚩
(मतलब: यह कोई चाल नहीं, यह धर्म की रक्षा है। कृष्ण ने कंस को मारा और अर्जुन को गीता सुनाकर युद्ध के लिए तैयार किया।)

(6)
यह बुद्धि की शक्ति हथियारों से बेहतर है,
अधर्म का कर्म फल देता है, दुख का फल। हम कृष्ण के इस काम का साथ देंगे,
जिसकी वजह से आज यह धरती सुरक्षित रही। 🧠 💪 🌍 🛡�
(मतलब: हथियारों से बेहतर है बुद्धि। कृष्ण की कूटनीति की वजह से ही आज धरती पर धर्म सुरक्षित है, इसलिए हम उनका साथ देते हैं।)

(7)
भक्तों के लिए दौड़े चले आते हैं, योगेश्वर कृष्ण हैं,
अन्याय खत्म करने का नज़रिया देते हैं।
हम सब उनके चरणों में सिर झुकाएंगे,
आइए धर्म की इस जीत का मीठा गीत गाएं। 🙏 ☸️ 🌸 🎼
(मतलब: कृष्ण हमेशा भक्तों की रक्षा के लिए दौड़ते हुए आते हैं। आइए हम उनके चरणों में सिर झुकाएं और धर्म की जीत का गीत गाएं।)

🧩 सिर्फ़ इमोजी समरी

🏹 🚩 🧠 ✨ 🔥 🔱 ⚔️ 🏛� 🩸 🗡� 🛡� 🏹 🎭 🏹 ☸️ ⚖️ 🕉� 📖 🦁 🚩 🧠 💪 🌍 🛡� 🙏 ☸️ 🌸 🎼

📝 सिर्फ़ शब्द समरी
की स्थापना धर्म: अधर्म को खत्म करके सत्य की स्थापना।

डिप्लोमेसी: युद्ध जीतने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चतुराई।

सपोर्ट: धर्म की रक्षा के लिए किए गए कामों का सपोर्ट।

स्ट्रेटेजी: दुष्टों को खत्म करने के लिए बनाई गई स्ट्रेटेजी।

गीता का ज्ञान: कर्तव्य पूरा करने के लिए दी गई दिव्य सलाह।

विजय: बुद्धि और स्ट्रेटेजी की शक्ति से मिली धर्म की विजय।

भगवान कृष्ण की यह डिप्लोमेसी और धर्म की रक्षा आपको कैसी लगी?

--अतुल परब
--दिनांक-21.01.2026-बुधवार. 
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