🕉️ षटतिला एकादशी: तिल का दान और पुण्य का वरदान 🕉️हवन 🔥 | तर्पण 🌊 | भोजन 🍚)

Started by Atul Kaviraje, January 21, 2026, 09:40:28 PM

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Atul Kaviraje

षटतिला एकादशी-
🕉� षटतिला एकादशी
एकादशी पर एक खास व्रत रखा जाता है, व्रत रखने और तिल (षटतिला) चढ़ाने से पुणे का फल मिलता है।
षटतिला एकादशी:
यह भगवान विष्णु को समर्पित दिन है।
इस दिन तिल का छह तरह से इस्तेमाल करने (नहाना, तिल लगाना, तिल चढ़ाना, तिल दान करना, तिल खाना और तिल खाना) का खास महत्व है।
षटतिला एकादशी
पौष कृष्ण एकादशी को 'षटतिला एकादशी' कहा जाता है। इस दिन तिल के छह मतलब होते हैं: पानी में तिल मिलाकर नहाना, तिल लगाना, तिल चढ़ाना, तिल चढ़ाना, तिल दान करना और तिल खाना। 🕉� षटतिला एकादशी
यह भगवान विष्णु को समर्पित एक एकादशी व्रत है जिसमें पूजा, भोजन, दान, स्नान, भोग आदि में छह (6 तरीके) तिलों का इस्तेमाल किया जाता है।
यह व्रत पाप नाश करने वाला, पुण्य देने वाला और मोक्ष के मार्ग के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

बुधवार, 14 जनवरी, 2026 को आने वाली 'षटतिला एकादशी' के मौके पर एक भक्ति भरी लंबी  कविता और जानकारी:

🕉� षटतिला एकादशी: तिल का दान और पुण्य का वरदान 🕉�

पौष महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी को 'षटतिला एकादशी' कहते हैं। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और तिल के दाने का छह खास तरीकों से इस्तेमाल करके पाप धोए जाते हैं।

📜 कविता 📜

1.
पौष महीने की इस कृष्ण एकादशी पर,
इस शुभ दिन सभी को पुण्य मिलता है।
विष्णु के चरणों में खास तौर पर नाम मंत्र का जाप करें,
षटतिला एकादशी की यह सुंदर खुशबू। 🗓�🙏✨🌼

मतलब: पौष महीने की यह एकादशी बहुत शुभ है। इस दिन भगवान विष्णु का नाम लेने से सभी को पुण्य मिलता है।

2.
तिल के इस्तेमाल के छह तरीके,
भक्त पापों का नाश करके पुण्य जीवन जीते हैं।
स्नान करके तिल का उबटन लगाना चाहिए,
हरि को सच्चे मन से याद करना चाहिए। 🧼🛀🧖�♂️🧼

अर्थ: इस दिन तिल मिले पानी से नहाने और शरीर पर तिल लगाने का शास्त्रों में बहुत महत्व है, क्योंकि इससे तन और मन पवित्र होता है।

3.
तिल का तर्पण करने और तिल का भोग लगाने की रस्म पूरी की जाए,
तो भक्तों को मोक्ष की यह प्राप्ति होती है।
अपने पितरों की शांति के लिए तिल का दान करें,
हमेशा विष्णु के रूप का ध्यान करें। 🏺🌊🪷🙌

अर्थ: पूजा में भगवान को तिल चढ़ाने और अपने पितरों के लिए तिल चढ़ाने से भक्त को मोक्ष और पितरों का आशीर्वाद मिलता है।

4.
तिल का हवन अग्नि में करें,
विष्णु के इस रूप को हमेशा याद रखें।
तिल खाने और तिल के लड्डू खाने से
भक्तों का तन और मन तृप्त होता है। 🔥🥣🍚🍯

मतलब: इस एकादशी पर तिल से हवन किया जाता है। साथ ही, खाने में तिल का इस्तेमाल करने से सेहत और रूहानी ताकत बढ़ती है।

5.
उदार हाथों से तिल दान करें,
तो कमज़ोर आत्माओं के दुख हरेंगे।
इस दान से स्वर्ग का दरवाज़ा खुलता है,
तो भक्ति की यह लौ कभी कम नहीं होगी। 🎁🤲✨🕊�

मतलब: तिल दान करना इस व्रत का मुख्य हिस्सा है। जो लोग ज़रूरतमंदों को तिल दान करते हैं, उन्हें विष्णु के लोक में जगह मिलती है।

6.
काम, क्रोध, लोभ को त्याग दें,
अपने दिल में सिर्फ़ विष्णु का नाम रखें।
षटतिला एकादशी पापों का नाश करने वाली है,
भक्तों के दुखों को पूरी तरह कंट्रोल करती है। 🚫👹🧘�♂️🛡�

मतलब: इस व्रत के मौके पर बुरे विचारों को छोड़ देना चाहिए। यह एकादशी सभी पापों का नाश करती है और भक्त को मानसिक शांति देती है।

7.
इस व्रत से वैकुंठ का रास्ता आसान हो जाता है,
भक्तों पर विष्णु की यह कृपा बहुत बड़ी है।
यह बुधवार आ गया है,
आइए इस एकादशी के बारे में जानते हैं। 🏰🚶�♂️🌈🙏

मतलब: 14 जनवरी 2026, बुधवार को पड़ने वाला यह व्रत मोक्ष का रास्ता आसान बनाता है। विष्णु की कृपा से भक्तों का जीवन सुखी और सफल होता है।

📊 समरी सेक्शन

1. वर्ड समरी:
तिल के छह प्रकार: नहाना, तर्पण, दान और खाना।

मकसद: पापों का नाश, पुण्य की प्राप्ति और मोक्ष का रास्ता।

देवता: भगवान विष्णु (नारायण)।

दिन: 14 जनवरी 2026, बुधवार।

2. इमोजी समरी:
🗓�

🗺� षट्तिला एकादशी माइंड मैप (हॉरिजॉन्टल माइंड मैप चार्ट)

षट्तिला एकादशी ➔ महत्व (पाप विनाशक 🛡� | पुण्य ✨) ➔ 6 उपयोग (स्नान 🧼 | उतान 🧴 | दान 🎁 | हवन 🔥 | तर्पण 🌊 | भोजन 🍚) ➔ देवता (विष्णु 🙏) ➔ दिन (14 जनवरी 2026 🗓�)

--अतुल परब
--दिनांक-14.01.2026-बुधवार.
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