🌞 सूर्य देव का मकर राशि में ट्रांज़िट: चमक का महान शुभ समय 🌞🌞 ✨ 🕒 ⏳ 🌈 🌊 💧

Started by Atul Kaviraje, January 21, 2026, 09:42:11 PM

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Atul Kaviraje

सूर्याचा मकर राशी संक्रमण पुण्यकाल-

एस्ट्रोनॉमिकल और स्पिरिचुअल घटना 'सूर्य का मकर राशि में ट्रांज़िट' पर आधारित एक खास भक्ति कविता, जो बुधवार, 14 जनवरी, 2026 को होगी:

🌞 सूर्य देव का मकर राशि में ट्रांज़िट: चमक का महान शुभ समय 🌞

जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे 'संक्रांति' कहा जाता है। 2026 में, यह पल 03:13 PM पर आएगा, और उसके बाद के समय को 'महापुण्यकाल' के नाम से जाना जाता है।

📜 लंबी मराठी कविता 📜

1.
चमक का त्योहार नभंगनी आज मनाया गया,
सूर्य देव ने मकर राशि को सजाया है।
यह बुधवार दोपहर सुनहरे पलों की खान है,
इस ट्रांज़िशन के साथ पशुधन का यह सम्मान बढ़ गया है। 🌞✨🗓�🚩

मतलब: जब सूर्य देव आसमान में मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो यह एक दिव्य समारोह होता है। बुधवार, 14 जनवरी को बदलाव का यह पल एक सुनहरे मौके जैसा है।

2.
तीन बजकर तेरह मिनट बदलाव का पल है,
प्रकृति भी सूरज का पूरा स्वागत करती है।
अंधेरे से रोशनी की ओर, उत्तरायण की यह यात्रा शुरू हो गई है,
उत्तरायण की यह यात्रा बहुत प्यारी है। 🕒⏳🌈🌅

मतलब: दोपहर 3:13 बजे सूरज अपनी जगह बदलता है। यहीं से 'उत्तरायण' शुरू होता है, जिसे जीवन में अज्ञानता को दूर करके रोशनी की ओर ले जाने वाला माना जाता है।

3.
बहुत पुण्य का यह समय बहुत खास है,
तीन बजकर तेरह मिनट से पांच बजे तक किसी भी चीज़ पर ध्यान नहीं दिया जाता।
नहाने और दान से शरीर शुद्ध होता है,
फिर मन भक्ति के इस सागर में स्थिर हो जाएगा। 🌊💧🙏💎

मतलब: 3:13 से 4:58 बजे तक बहुत पुण्य का समय है। इस दौरान किया गया दान और स्नान इंसान के सारे दोष दूर करता है और मन को शांति देता है।

4.
सूर्य को अर्घ्य देकर यही तोहफ़ा मांगना चाहिए,
बुद्धि को तेज मिले और तन को सम्मान मिले।
रुकावटों के सारे पहाड़ अब हट जाएंगे,
ज़िंदगी में खुशियों की ठंडी हवाएं बहने लगेंगी। 🏺🌞👐🍃

मतलब: हमें सूर्य भगवान को जल चढ़ाना चाहिए और तेज बुद्धि की प्रार्थना करनी चाहिए। सूर्य के गोचर के साथ ही हमारे जीवन की परेशानियां भी दूर हो जाती हैं।

5.
एकादशी का यह मेल पुणे का मेला है,
गोचर के दौरान भक्ति के इस संग्राम का जाप करना चाहिए।
हमें इन पवित्र विचारों को थामे रखना चाहिए,
यह सांस लगातार नारायण के चरणों में होनी चाहिए। 🕉�📿🧘�♂️✨

मतलब: चूंकि इस दिन षटतिला एकादशी भी है, इसलिए यह संगम बहुत पवित्र है। गोचर काल में भगवान का नाम लेने से दोगुना पुण्य मिलता है।

6.
दक्षिणायन बीत गया और उत्तरायण आ गया,
प्रकृति के इस चक्र को देखो और आनंद में नहाओ।
दिन अब लंबे होंगे, रोशनी का यह त्योहार,
पापों का यह बोझ संक्रांति के पुण्य से उतर जाए। 🔄☀️📈🕊�

मतलब: जैसे-जैसे सूर्य उत्तर की ओर अपनी यात्रा शुरू करता है, दिन लंबे होते जाते हैं। यह बदलाव इंसानी जीवन के साथ-साथ प्रकृति में भी पॉजिटिविटी और पापों से मुक्ति लाता है।

7.
सूर्य की यह चमक हमेशा आपके साथ रहे,
संक्रमा का यह पुण्य सिर्फ आपके लिए है।
आइए इस शुभ समय में भक्ति की इस गंगा में नहाएं,
खुशियों की इस कतार में सभी को आनंद मिले। 🙏🎁🔥🌅

मतलब: सूर्य का आशीर्वाद हमेशा आपके साथ रहे। इस शुभ समय में की गई पूजा से सभी को सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक आनंद मिले।

📊 समरी सेक्शन

1. वर्ड समरी:
संक्रमा: सूर्य का राशि परिवर्तन (मकर प्रवेश)।

पुण्यकाल: दोपहर 3:13 से 4:58 बजे तक (पूजा-पाठ के लिए सबसे अच्छा समय)।

उत्तरायण: शुभ कामों के लिए शुभ समय की शुरुआत।

अर्घ्य: सूर्य को जल चढ़ाकर आभार प्रकट करना।

तेज: बुद्धि और सेहत में बढ़ोतरी।

2. इमोजी समरी:
🌞 ✨ 🕒 ⏳ 🌈 🌊 💧 🙏 🏺 👐 🕉� 📿 🧘�♂️ 🔄 ☀️ 📈 🕊� 🎁 🔥 🌅 🚩

🗺� सूर्य का गोचर: डिटेल्ड हॉरिजॉन्टल माइंड मैप

मकर गोचर (14 जनवरी 2026) ➔ समय (3:13 PM 🕒) ➔ शुभ समय (3:13 से 4:58 ⏳) ➔ खगोलीय घटना (उत्तरायण शुरू ☀️) ➔ धार्मिक रस्में (पवित्र स्नान 🌊 | सूर्य अर्घ्य 🏺 | दान 🎁) ➔ परिणाम (पाप से मुक्ति 🛡� | शक्ति में वृद्धि ✨)

--अतुल परब
--दिनांक-14.01.2026-बुधवार.
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