🏔️ श्री क्षेत्र मार्लेश्वर: गिरिकंदर में शिव-पार्वती विवाह समारोह 🏔️🏔️ 🌿 🐍

Started by Atul Kaviraje, January 21, 2026, 09:43:51 PM

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Atul Kaviraje

मार्लेश्वर यात्रा-मराल, जिला-रत्नागिरी-
मार्लेश्वर यात्रा: रत्नागिरी जिले के संगमेश्वर में मार्लेश्वर में एक बड़ी यात्रा आयोजित की जाती है।

यह खास भक्ति कविता बुधवार, 14 जनवरी, 2026 को संगमेश्वर तालुका के मराल में 'श्री क्षेत्र मार्लेश्वर' यात्रा के मौके पर होने वाले समारोह पर आधारित है, जिसे कोंकण का काशी माना जाता है और 'कोंकण की काशी' माना जाता है।

🏔� श्री क्षेत्र मार्लेश्वर: गिरिकंदर में शिव-पार्वती विवाह समारोह 🏔�

रत्नागिरी जिले में एक जगह, मार्लेश्वर अपनी प्राकृतिक गुफा में शिवलिंग और मकर संक्रांति पर होने वाले 'गिरिजा-मार्लेश्वर' विवाह समारोह के लिए मशहूर है।

📜 कविता 📜

1.
सह्याद्रियों की गोद में बसा एक गांव, मराल, मार्लेश्वर की भक्ति से मेरा मन सीधा हो गया। गुफा में विराजमान शिव शंभू का यह रूप, यह जगह भक्तों को बहुत पसंद है। 🏔�🌿🐍🙏

मतलब: मार्लेश्वर रत्नागिरी की सह्याद्री पहाड़ियों में मराल गांव में है। यहां गुफा में विराजमान शिवलिंग को देखकर भक्त खुश और पुण्यवान हो गए।

2.
संक्रांति के दिन होता है यह विवाह समारोह,
शिव-पार्वती के विवाह का आनंद सबसे बड़ा होता है।
गिरिजा और मार्लेश्वर शुभ हैं,
पूरा कोंकण भक्ति के इस बंधन में नहा जाता है। 💍🌸🕯�🚩

मतलब: मकर संक्रांति के दिन यहां भगवान मार्लेश्वर और माता गिरिजा (पार्वती) का विवाह समारोह होता है। इस समारोह को देखने के लिए पूरे कोंकण के लोग इकट्ठा होते हैं।

3.
धारेश्वर झरना एक ऊंची चट्टान से गिरता है,
यह खूबसूरती प्रकृति की सुंदरता को और बढ़ा देती है।
झागदार पानी और धुंध खूबसूरत हैं,
यह भगवान के चरणों में भक्तों का सिर झुकाना है। 🌊💧⛰️✨

मतलब: मंदिर के पास मौजूद 'धारेश्वर' झरना बहुत शानदार है। प्रकृति के इस अलौकिक रूप में, कोई भी भगवान की शक्ति का अनुभव कर सकता है।

4.
यहां भगवान के इस दरवाजे की रखवाली नागराज भी करते हैं,
वह कभी किसी को किसी तरह का झटका नहीं देतीं।
अहिंसा के इस प्रतीक और आस्था के इस स्थान पर,
हमें बिना रुके मार्लेश्वर की सेवा करनी चाहिए। 🐍🔱🕉�🛡�

मतलब: मार्लेश्वर गुफा में भले ही जहरीले सांप हों, लेकिन वे किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते, यह यहां का एक बड़ा अजूबा और आस्था का प्रतीक माना जाता है।

5.
बुधवार को संक्रांति और यात्रा का यह जुलूस,
भक्ति का यह रास्ता पहाड़ी दर्रे से चढ़ता है।
सैकड़ों सीढ़ियां चढ़ते हुए, मुखी शंकर का नाम,
मर्लेश्वर का यह गांव भक्तों के लिए एक सपना है। 🧗�♂️👣🎶🏔�

मतलब: इस साल यह यात्रा बुधवार को आ रही है और भक्त आस्था के साथ सीढ़ियां चढ़कर भगवान के दर्शन करने आते हैं। हर कदम पर 'हर हर महादेव' का नारा सुनाई देता है।

6.
यह स्नान धारेश्वर के पवित्र तीर्थ पर किया जाता है,
तब भक्तों को आत्मिक संतुष्टि मिलती है।
सराहना की रस्म को शादी की नज़रों से देखना चाहिए,
मर्लेश्वर का यह आशीर्वाद हमेशा याद रखना चाहिए। 🚿🧘�♂️✨💎

मतलब: झरने में नहाने से भक्त पवित्र हो जाते हैं। शिव-पार्वती विवाह की यह अनोखी रस्म ऐसी है जिसे ज़िंदगी में कम से कम एक बार अनुभव करना चाहिए।

7.
प्रकृति और भक्ति का यह सुंदर मिलन,
यह कंधा मर्लेश्वर के चरणों में अर्पित करें।
यह कोंकण की धरती का अनमोल गहना है,
भक्तों के दुख का पूरा महीना यहीं बीतता है। 🌴🐚🌊🙏

मतलब: मार्लेश्वर प्रकृति और आध्यात्मिकता का संगम है। कोंकण का यह सांस्कृतिक खजाना हमारी सभी चिंताओं को दूर करता है और जीवन में खुशी और समृद्धि लाता है।

📊 समरी सेक्शन

1. वर्ड समरी:
मार्लेश्वर: प्रकृति द्वारा बनाई गई गुफा में पवित्र शिव मंदिर।

शादी की रस्म: मकर संक्रांति पर मार्लेश्वर-गिरिजा विवाह।

धरेश्वर: मंदिर के बगल में झाग वाला खूबसूरत झरना।

नागराज: भगवान के रखवाले जो गुफा में शांति से रहते हैं।

मारल: रत्नागिरी जिले में तीर्थयात्रा का मुख्य गांव।

2. इमोजी समरी:
🏔� 🌿 🐍 🙏 💍 🌸 🕯� 🚩 🌊 💧 ⛰️ ✨ 🔱 🕉� 🛡� 🧗�♂️ 👣 🎶 🚿 🧘�♂️ 💎 🌴 🐚

🗺� मार्लेश्वर यात्रा: हॉरिजॉन्टल माइंड मैप

मारलेश्वर यात्रा (मराल) ➔ समय (मकर संक्रांति / 14 जनवरी 2026 🗓�) ➔ मुख्य आकर्षण (शिव-पार्वती विवाह समारोह 💍 | धारेश्वर झरना 🌊) ➔ फ़ीचर (गुफा मंदिर 🏔� | अहिंसक नागराज 🐍) ➔ भक्ति (हर हर महादेव 🕉� | पालकी समारोह 🚩) ➔ स्थान (संगमेश्वर, रत्नागिरी 🌴)

--अतुल परब
--दिनांक-14.01.2026-बुधवार.
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