🏺 सुगद पूजन: सौभाग्य की खुशी और फसल की खुशी 🏺🏺 🌞 🌸 ✨ 🎨 💛 🌾 🎋 🥕 🥜 🧵

Started by Atul Kaviraje, January 21, 2026, 09:50:40 PM

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Atul Kaviraje

सुगद पूजन: इस दिन, सुवासिनी मिट्टी के छोटे बर्तनों (सुगद) की पूजा करती हैं। उनमें चना, गन्ना, खांड और गेहूं के डंठल जैसे ताजे अनाज भरे जाते हैं और भगवान और एक-दूसरे को चढ़ाए जाते हैं।
सुगद पूजन: इस दिन, सुवासिनी मिट्टी के छोटे बर्तनों (सुगद) की पूजा करती हैं और फसल काटने के लिए उन्हें नए अनाज और गन्ने से भर देती हैं।

सौभाग्य महिलाओं की 'सुगद पूजन' की पवित्र परंपरा पर आधारित एक खास भक्ति और रसीली लंबी  कविता, जो बुधवार, 14 जनवरी, 2026 को होगी:

🏺 सुगद पूजन: सौभाग्य की खुशी और फसल की खुशी 🏺

सुगद पूजन का मतलब है मिट्टी के साथ हमारा रिश्ता और प्रकृति से मिले नए अनाज के लिए आभार जताना। इस दिन, सुवासिनी मिट्टी के बर्तनों की पूजा करती हैं और घर की खुशहाली के लिए प्रार्थना करती हैं।

📜  कविता 📜

1.
संक्रांति आ गई है, यह शुभ सुबह है,
पूजाएं आ गई हैं, अब पुण्य का समय है।
बुधवार का यह दिन सौभाग्य का त्योहार है,
सुवासिनी का मन भक्ति से भर गया है। 🌞🏺🌸✨

मतलब: मकर संक्रांति की सुबह, सुवासिनी सुगद पूजन की तैयारी करती है। आज, बुधवार, सौभाग्य और खुशी का दिन है।

2.
ये छोटे मिट्टी के बर्तन लाइनों में सजाए गए हैं,
इन्हें अब हल्दी और केसर के रंगों से सजाया गया है।
प्रकृति का यह हिस्सा मिट्टी के इस शरीर की तरह है,
हम पीढ़ी दर पीढ़ी इस पुराने प्यार को जपते हैं। 🏺🎨💛🚩

मतलब: छोटे मिट्टी के बर्तनों (घड़ों) की पूजा की जाती है। उन पर हल्दी और केसर लगाकर हम धरती (धरती माँ) के साथ अपना रिश्ता मजबूत करते हैं।

3.
घड़ों में चना, गन्ना और सुहागा भरा जाता है,
फसल की यह लहर गेहूं के डंठलों के साथ आई है।
गाजर और फलियों की यह कढ़ाई कितनी सुंदर है,
आइए हम अनाज देवता का सम्मान करें। 🌾🎋🥕🥜

मतलब: चना, गन्ना, सुहागा और गन्ने जैसे नए आए अनाज से बर्तन भरे जाते हैं। यह नई फसल का त्योहार है।

4.
यह बंधन सफेद धागे में लपेटकर बांधा जाता है,
इस मिट्टी की खुशबू सुगद से आती है।
आइए भगवान के सामने यह प्रार्थना करें,
घर की सभी इच्छाएं पूरी हों। 🧵🕯�🙏🏠

मतलब: सुगद के चारों ओर सफेद धागा (कपास) लपेटा जाता है। यह सुगद भगवान को चढ़ाकर घर की सुख-समृद्धि के लिए दिल से प्रार्थना की जाती है।

5.
तरह-तरह के उपहार लूटने की यह रस्म कमजोर दिल वालों के लिए नहीं है,
यह एक-दूसरे को देने की गारंटी है।
सौभाग्य की गुफा और माथा टीला है,
यह त्योहार रिश्तेदारों को प्यार की गर्माहट देता है। 🎁🤝🌺✨

मतलब: सुगद की औरतें एक-दूसरे को तरह-तरह की चीज़ें देती हैं। इस लेन-देन से औरतों के बीच दोस्ती और प्यार और बढ़ता है।

6.
इस बार एकादशी का योग और सुगद पूजा,
प्रकृति और धर्म का कितना सुंदर मेल है।
यह घर सात्विक विचारों से रोशन हो,
हम पर खुशियों की यह बारिश लगातार होती रहे। 🕉�💎🌈🙏

मतलब: इस साल एकादशी और सुगद पूजा के मेल से इस रस्म का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। इससे घर में सात्विकता और शांति आती है।

7.
इस फसल के दाने से सबका पेट भरे,
इंसानी रिश्ते कभी खराब न हों।
आइए आज हम खुशी-खुशी सुगद पूजा करें,
यही भारतीय संस्कृति का असली सार है। 🌾🏺💖🌟

मतलब: प्रकृति से मिला यह अनाज सभी के लिए खुशियां लाए। यह परंपरा हमें प्रकृति का सम्मान करना सिखाती है।

📊 समरी सेक्शन

1. वर्ड समरी:
सुगद: प्रकृति का प्रतीक मिट्टी का एक छोटा बर्तन।

सुगद के दाने: गन्ना, चना और गेहूं के डंठल।

सौभाग्य: महिलाओं द्वारा अपने पति की उम्र के लिए की जाने वाली पूजा।

विविधता: खुशहाली के प्रतीक के तौर पर एक-दूसरे को दिया जाने वाला तोहफा।

आभार: प्रकृति से मिले खाने के लिए भगवान को दिया जाने वाला सम्मान।

2. इमोजी समरी:
🏺 🌞 🌸 ✨ 🎨 💛 🌾 🎋 🥕 🥜 🧵 🕯� 🙏 🏠 🎁 🤝 🌺 🕉� 💎 🌈 💖 🌟

🗺� सुगन्धित पूजन: डिटेल्ड हॉरिजॉन्टल माइंड मैप

सुगन्धित पूजन (14 जनवरी 2026) ➔ सामग्री (मिट्टी का बर्तन 🏺 | हल्दी-केसर 🎨) ➔ प्रसाद/भराव (सुगन्धित 🎋 | बोर 🍒 | चना 🌱 | गेहूं 🌾) ➔ रस्में (अभिषेक 💧 | बोरी बांधना 🧵 | तरह-तरह की चीज़ें देना 🎁) ➔ महत्व (प्रकृति पूजा 🙏 | सौभाग्य में बढ़ोतरी 💍) ➔ संदेश (समृद्धि 💰 | प्यार 🤝)

--अतुल परब
--दिनांक-14.01.2026-बुधवार.
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