🌾 असम का माघ बिहू: खुशहाली और खाने का त्योहार 🌾🌾 🎺 ⛰️ ✨ 🏠 🔥 🎶 🥘 🙏 🪵 🌬

Started by Atul Kaviraje, January 21, 2026, 09:53:09 PM

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Atul Kaviraje

असम: माघ बिहू मनाया जाएगा।
माघ बिहू (असम): यह असम में फसल कटाई के त्योहार के रूप में मनाया जाता है।

असम में बुधवार, 14 जनवरी, 2026 को मनाए जाने वाले जोश से भरे फसल के त्योहार 'माघ बिहू' (भोगाली बिहू) पर आधारित एक मज़ेदार लंबी  कविता यहाँ है:

🌾 असम का माघ बिहू: खुशहाली और खाने का त्योहार 🌾

'माघ बिहू' या 'भोगाली बिहू' असम का मुख्य त्योहार है। यह त्योहार खेतों में फसलें घर आने पर खुशी और दावत (भोग) के साथ मनाया जाता है।

📜  कविता 📜

1.
यह त्योहार उत्तर-पूर्व में हुआ,
माघ बिहू की खुशी असमिया नाभि में उठी।
इस बुधवार की सुबह चैतन्य लेकर आई,
यह दौलत बलिराजा की मेहनत से मिली। 🌾🎺⛰️✨

मतलब: भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य असम में माघ बिहू का जश्न शुरू हो गया है। खेतों में फसल कटने के बाद यह त्योहार बड़े उत्साह से मनाया जाता है।

2.
घास और बांस का यह 'भेलाघर' सजाया गया,
इस ठंडी रात में गाने मीठे थे।
उरुका की दावत से यह मन तृप्त हुआ,
यह कर्ज इस बिहू के त्योहार का बड़ा है। 🏠🔥🎶🥘

मतलब: बिहू के लिए घास (भेलाघर) के टेम्पररी घर बनाए जाते हैं। त्योहार (उरुका) से एक रात पहले, सब लोग एक साथ आते हैं और सामूहिक दावत का आनंद लेते हैं।

3.
यह आग की पूजा और यह 'मेजी' का जलना,
यह प्रकृति की शक्ति का आभार जताना।
धुएं के साथ हवा में सारे दुख गायब हो जाएं,
अब खुशियों की ठंडी हवाएं चलने लगेंगी। 🔥🙏🪵🌬�

मतलब: त्योहार की सुबह, 'मेजी' (अग्नि कुंड) जलाकर उसकी पूजा की जाती है। इसका मकसद पुराने दुखों को भूलकर नई ज़िंदगी का स्वागत करना है।

4.
नारियल और तिल का ये पीठा और लड्डू,
मिठाई के रंग में हम नफ़रत छिपा लेंगे।
दही-छीड़े के खाने का स्वाद कितना पवित्र है,
असमी मिट्टी का ये प्यार कितना मज़बूत है। 🥥🍯🍛😊

मतलब: बिहू के दौरान, 'पीठा' (चावल की एक खास डिश), तिल और नारियल के लड्डू बनाए जाते हैं। इन मिठाइयों को खाकर लोग एक-दूसरे के साथ अपने मतभेद भूल जाते हैं।

5.
ढोल और पेपा की आवाज़ गूंजती है,
बिहू डांस की ये लय याद आती है।
पारंपरिक कपड़ों में सजे ये युवा,
इस सांस्कृतिक विरासत को संभालकर आगे बढ़ाते हैं। 🥁🎷💃🕺

मतलब: ढोल और पेपा (भैंस के सींग से बना एक वाद्य यंत्र) की थाप पर 'बिहू डांस' किया जाता है। युवा पुरुष और महिलाएं पारंपरिक कपड़ों में इस त्योहार को मनाते हैं।

6.
एकादशी का योग और बिहू की यह हवा,
शांति और भक्ति का यह सुंदर आधार।
यह जीवन पवित्र विचारों से रोशन हो,
इस दिन सभी को अपार खुशियाँ मिलें। 🕉�💎🌈🙏

मतलब: इस साल एकादशी और बिहू 14 जनवरी को एक साथ आए हैं, जिससे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आनंद का दोहरा संगम हुआ है।

7.
सभी के घर फसलों से भरे रहें,
खुशियों और समृद्धि की यह बारिश लगातार होती रहे।
माघ बिहू की शुभकामनाओं की इन रसीली पंक्तियों में,
हर घर में एकता और प्यार बढ़े। 🌾🏠🤝🎊

मतलब: जैसे फसल कटने के बाद घर में खुशहाली आती है, वैसे ही सभी के जीवन में शांति और प्यार बढ़े, यही इस कविता में प्रार्थना की गई है।

📊 समरी सेक्शन

1. वर्ड समरी:
माघ बिहू: असम में फसल का मुख्य त्योहार।

भेलाघर: घास से बना एक टेम्पररी घर, जहाँ दावतें होती हैं।

मेजी: आग के देवता को चढ़ाई जाने वाली लकड़ियों का एक लंबा ढेर।

पीठा: चावल से बनी एक खास बिहू डिश।

समृद्धि: घर में फसल आने पर आभार व्यक्त करना।

2. इमोजी समरी:
🌾 🎺 ⛰️ ✨ 🏠 🔥 🎶 🥘 🙏 🪵 🌬� 🥥 🍯 🍛 😊 🥁 🎷 💃 🕺 🕉� 💎 🌈 🤝 🎊

🗺� माघ बिहू: डिटेल्ड हॉरिजॉन्टल माइंड मैप

माघ बिहू (14 Jan 2026) ➔ लोकेशन (असम 🇮🇳) ➔ मेन अट्रैक्शन (मेजी दहन 🔥 | भेलाघर 🏠) ➔ फूड कल्चर (पीठा 🍚 | तिल के लड्डू 🍯 | दावत 🥘) ➔ कला (बिहू डांस 💃 | ढोल-पेपा 🥁) ➔ महत्व (फसल कटाई का त्योहार 🌾 | प्रकृति पूजा 🙏)

--अतुल परब
--दिनांक-14.01.2026-बुधवार.
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