🚩 मराठा वीरता दिवस: पानीपत का अजेय इतिहास 🚩🚩 ⚔️ 🐎 🔥 🛡️ 🗡️ 🦁 📜 🏹 💪 ✨

Started by Atul Kaviraje, January 21, 2026, 09:56:25 PM

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Atul Kaviraje

मराठा शौर्य दिवस-बसताड़I-पानीपत -

बुधवार, 14 जनवरी, 2026 को 'मराठा वीरता दिवस' (पानीपत की तीसरी लड़ाई की सालगिरह) के मौके पर मराठा वीरों के बलिदान और साहस को श्रद्धांजलि देने के लिए यहां एक खास लंबी कविता है:

🚩 मराठा वीरता दिवस: पानीपत का अजेय इतिहास 🚩

14 जनवरी, 1761 को मराठों ने पानीपत के युद्ध के मैदान में अटकेपार का झंडा फहराने के लिए अपना खून बहाया था। इस दिन को 'मराठा वीरता दिवस' के नाम से जाना जाता है, जो हमें 'जो ज़िंदा रहेगा, वह और लड़ेगा' की ज़िद की याद दिलाता है।

📜  कविता 📜

1.
पानीपत के युद्ध के मैदान में वीरता की गूंज गूंजी,
मराठों की तलवार ने दुश्मन को यह ललकार दी।
बुधवार की उस संक्रांति को खून का यह स्नान हुआ,
स्वराज्य की रक्षा के लिए देश का यह सम्मान बना रहा। 🚩⚔️🐎🔥

मतलब: पानीपत के युद्ध के मैदान में मराठों ने बहुत बहादुरी दिखाई। 1761 के उस बुधवार को, संक्रांति के दिन, मराठा वीरों ने देश की आन-बान-शान के लिए खुद को कुर्बान कर दिया।

2.
भाऊसाहेब, विश्वासराव और जानकोजी के नाम,
जिनकी हिम्मत से दुश्मन के गांव कांप उठते थे।
उन्होंने अब्दाली की सेना को भी सींचा,
इतिहास के पन्नों पर खून के ये गीत लिख दिए। 🛡�🗡�🦁📜

मतलब: सदाशिवराव भाऊ और विश्वासराव जैसे वीरों ने पानीपत को मशहूर किया। दुश्मन को हराने के उनके संघर्ष की कहानी आज भी प्रेरणा देने वाली है।

3.
उन्होंने दुनिया को 'बचेंगे तो और भी लड़ेंगे' का मंत्र दिया,
इस दौर को हार न मानने का पक्का इरादा सिखाया।
एक वार और खून का ये तालाब वहीं गिर गया,
जहां भी उन महान योद्धाओं ने खून बहाया, वे अमर हो गए। 🗡�🏹💪✨

मतलब: पानीपत की लड़ाई सिर्फ़ हार नहीं थी, यह मराठों की अजेय ज़िद की निशानी थी। मरते समय भी उन्होंने 'हम फिर लड़ेंगे' की ज़िद बनाए रखी।

4.
संक्रांति का त्योहार और युद्ध का मैदान मातम का मंज़र था,
मराठों की वीरता की आह निकली।
हर घर का दिया वहां खून से रोशन हुआ,
मराठी मिट्टी की शान आसमान तक पहुंची। 🚩🏠🕯�🙏

मतलब: संक्रांति के दिन जहां लोग त्योहार मनाते हैं, वहीं मराठों ने युद्ध में अपनी जान कुर्बान कर दी। उनके बलिदान की वजह से ही महाराष्ट्र का गौरव गर्व से ऊंचा रहा।

5.
एकादशी और याद का यह पवित्र समय,
यह समय बहादुरी की इन यादों से रोशन था।
14 जनवरी का यह दिन सिर्फ़ एक त्योहार नहीं है,
यह मराठी पहचान और बलिदान का सबूत है। 🕉�💎🗓�🚩

मतलब: आज एकादशी और संक्रांति है, लेकिन मराठों के लिए यह वीरता को बचाए रखने का दिन है। पानीपत के शहीदों को याद करना ही आज का सच्चा पुण्य है।

6.
यही मराठा जाति है जिसने फाटकों के पार झंडा फहराया,
जिसकी तलवार से दुश्मन की इस जीत को काटा।
आइए वीरता दिवस पर उनके चरणों में सिर झुकाएं,
आइए आज देश के लिए जीने का ऐसा करें। 🌍🛡�🙌✨

मतलब: मराठे भारत की सीमाओं की रक्षा के लिए पानीपत तक गए थे। उनके बलिदान से प्रेरित होकर हमें भी देश की सेवा करने का संकल्प लेना चाहिए।

7.
यह बास्टर्ड और पानीपत की धरती को सलाम है,
आपके खून से, भारत की यह धरती खूबसूरत बनी है।
आपकी वीरता युगों-युगों तक याद में अमर रहे,
इस शान में मराठों का नाम दुनिया में चमके। 🙏🇮🇳🌟🚩

मतलब: पानीपत की पवित्र धरती और उसके वीरों को विनम्र सलाम। जब तक सूरज और चांद रहेंगे, उनकी बहादुरी दुनिया को रास्ता दिखाती रहेगी।

📊 समरी सेक्शन

1. वर्ड समरी:
मराठा शौर्य दिवस: पानीपत की तीसरी लड़ाई के वीरों को याद करने का दिन।

बलिदान: झंडे को सलामत रखने के लिए जान की कुर्बानी।

अटूट इरादा: 'जो बचेगा वह और लड़ेगा' की ऐतिहासिक दहाड़।

पहचान: मराठी सोच और बहादुरी की शानदार विरासत।

शहीद: देश के लिए पानीपत के युद्ध के मैदान में शहीद हुए लाखों हीरो।

2. इमोजी समरी:
🚩 ⚔️ 🐎 🔥 🛡� 🗡� 🦁 📜 🏹 💪 ✨ 🏠 🕯� 🙏 🕉� 💎 🗓� 🌍 🙌 🇮🇳 🌟

🗺� मराठा वीरता दिवस: डिटेल्ड हॉरिजॉन्टल माइंड मैप

मराठा वीरता दिवस (14 जनवरी 2026) ➔ ऐतिहासिक संदर्भ (1761 पानीपत युद्ध ⚔️) ➔ मुख्य हीरो (सदाशिवराव भाऊ 🛡� | विश्वासराव 👦) ➔ स्पेशल कोट (अगर आप बच गए, तो आप लड़ेंगे 💪) ➔ स्थान (पानीपत, हरियाणा 🇮🇳) ➔ महत्व (देश की रक्षा के लिए बलिदान 🚩 | अस्मिता जापानुक ✨) ➔ आज का योग (संक्रांति + एकादशी 🙏)

--अतुल परब
--दिनांक-14.01.2026-बुधवार.
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