🏔️ गगनगिरी मौली: निर्वाण दिवस का भक्ति उत्सव 🏔️🏔️ 🧘‍♂️ 🗓️ 🛐 🚩 💧 🧘‍♂️ 🌳

Started by Atul Kaviraje, January 22, 2026, 09:59:55 PM

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Atul Kaviraje

श्री गगनगिरी महाराज निर्वाण दिन-गगनबावडा-कोल्हापूर-

गुरुवार, 15 जनवरी, 2026 को कोल्हापुर जिले के गगनगरी में श्री गगनगिरी महाराज के निर्वाण दिवस के मौके पर एक दिल को छू लेने वाली और लंबी श्रद्धांजलि कविता:

🏔� गगनगिरी मौली: निर्वाण दिवस का भक्ति उत्सव 🏔�

1.
गगनगिरी के पहाड़ों में रहते थे महान योगी,
गगनगिरी मौली की भक्ति, आज भी बहुत मज़बूत है।
15 जनवरी का यह दिन, निर्वाण दिवस का समय आ गया है,
गुरुराय ने आज इस नश्वर शरीर का यह खेल खत्म कर दिया। 🏔� 🧘�♂️ 🗓� 🛐 🚩

(मतलब: आज गगनगिरी महाराज का निर्वाण दिवस है, जो कोल्हापुर के गगनगरी में रहते थे, और इसी दिन उन्होंने अपना शरीर छोड़ा और परमात्मा में विलीन हो गए।)

2.
आपने पानी में खड़े होकर कठोर तपस्या की, आपने इतनी गहरी तपस्या की,
भक्तों की भलाई के लिए, आपने अपने शरीर पर कष्टों का चक्र सहा।
आपने प्रकृति की गोद में रहकर, ज्ञान का दिव्य संदेश दिया,
पूरा कोल्हापुर देश आपके चरणों में नतमस्तक है। 💧 🧘�♂️ 🌳 📜 ✨

(मतलब: महाराज ने जल और जंगल में बहुत कठिन तपस्या की। प्रकृति से जुड़कर उन्होंने मानव जाति के कल्याण के लिए ज्ञान दिया।)

3.
दत्त संप्रदाय के इस अंग, सिद्ध योगी, आप एक शरीरहीन व्यक्ति हैं,
इस परेशान शरीर को आपके दर्शन से ही शांति मिले।
गुरुवार के इस पवित्र योग, निर्वाण दिवस के इस पल,
हम अपना पूरा जीवन आपके चरणों में अर्पित करते हैं। 🔱 🕉� 🧘�♂️ 🙏 🕯�

(मतलब: महाराज दत्त संप्रदाय के एक महान सिद्ध पुरुष थे। उनके निर्वाण के इस दिन, जो गुरुवार को आया, भक्त उन्हें याद कर रहे हैं और खुद को उन्हें समर्पित कर रहे हैं।)

4.
आपने आध्यात्मिक प्रकाश की लौ से अंधेरी दुनिया में मानवता का रास्ता दिखाया,
आपने संस्कृत और शुद्ध आचरण का एक नया मार्ग दिया।
गगनगिरी नाम आज भी आसमान जितना विशाल है,
भक्तों के मन में, आपके आशीर्वाद की सुबह है। 💡 🌌 🌅 🤝 🕯�

(मतलब: महाराज के विचार आसमान जितने विशाल हैं। उन्होंने दुनिया को इंसानियत और भक्ति का रास्ता दिखाया और लोगों की ज़िंदगी रोशन की।)

5.
झरनों की गर्जना में, भक्ति में, सह्याद्री पहाड़ों में, आपका मंत्र आज भी गूंजता है,
आपके नाम की आवाज़ से भक्त लीन हो जाते हैं।
प्रकृति और ईश्वर एक हैं, यही आपका मूल विचार है,
आपके रूप में, शिव सचमुच यहाँ अवतरित हुए थे। 🌊 🏔� 🚩 🔱 🐚

(मतलब: आज भी गगनबावड़ा की प्रकृति में महाराज की मौजूदगी महसूस होती है। उन्होंने अपने काम से साबित कर दिया कि प्रकृति और ईश्वर एक हैं।)

6.
निर्वाण और अमरता भले ही आपने शरीर छोड़ दिया है और अब छिपे हुए हैं, गुरु राय,
आपके आशीर्वाद की छाया हमेशा भक्तों पर रहती है।
निर्वाण दिवस दुख का नहीं, आपकी याद का त्योहार है,
आपके विचार हमारे हर पल को रोशन करें। 🕊� ✨ 👥 💖 🙌

(मतलब: भले ही महाराज ने शरीर छोड़ दिया हो, लेकिन उनका वजूद भक्तों के मन में हमेशा ज़िंदा रहता है। यह दिन उनके विचारों को संजोने का दिन है।)

7.
चरणों में यह प्रार्थना मन से भक्ति का झरना है, इसे कभी कम न होने दें,
संकट के समय में भी, आपके अपने हाथ की गारंटी हमारे पास हो।
गगनगिरी मौली, आप ही हमारे रक्षक हैं,
जीवन का यह नया रास्ता आपकी कृपा से ही चले। 🙏 👣 🛡� 🌈 🎊

(मतलब: महाराज हमें हमेशा सही रास्ते पर रखें और मुश्किल समय में हमारा साथ दें, उनके निर्वाण दिवस पर यही हमारी दिल से प्रार्थना है।)

🌐 सिर्फ़ इमोजी समरी

🏔� 🧘�♂️ 🗓� 🛐 🚩 💧 🧘�♂️ 🌳 📜 ✨ 🔱 🕉� 🧘�♂️ 🙏 🕯� 💡 🌌 🌅 🤝 🕯� 🌊 🏔� 🚩 🔱 🐚 🕊� ✨ 👥 💖 🙌 🙏 👣 🛡� 🌈 🎊

📝 सिर्फ़ शब्दों का सारांश

गगनगिरी महाराज | निर्वाण दिवस | गगनबावड़ा | कोल्हापुर | तपश्चर्या | दत्त संप्रदाय | गुरुवार | प्रकृति प्रेमी | आध्यात्मिक ज्योति | सिद्ध योगी | भक्ति | गुरुसेवा

अनंत ब्रह्मांडों की जय, सद्गुरु श्री गगनगिरी महाराज!

--अतुल परब
--दिनांक-15.01.2026-गुरुवार.
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