🌞 सूर्योत्सव: मकर संक्रांत और प्यार का किंक्रांत 🌞☀️ 🧘‍♂️ 🌊 🗓️ 🚩 🍯 🍬 🤝

Started by Atul Kaviraje, January 22, 2026, 10:01:30 PM

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Atul Kaviraje

मकर संक्रांति (दूसरा दिन): आज संक्रांति का दूसरा दिन है जिसे 'किंक्रांत' भी कहते हैं। इस दिन भूले हुए रिश्तों को फिर से जोड़ने और प्यार जगाने की परंपरा है।
मकर संक्रांति 14-15 जनवरी के बीच मनाई जाती है, इस दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में आता है और इसे उत्तरायण की शुरुआत माना जाता है।
🪔 मकर संक्रांति / संक्रांति-पुण्यकाल / खिचड़ी त्योहार
🎊 मकर संक्रांति का समय सूर्य के मकर राशि में आने के हिसाब से 14 जनवरी 2026 तय है, लेकिन धार्मिक परंपरा के हिसाब से कई जगहों पर इसके पुण्यकाल, स्नान-दान, पूजा वगैरह के लिए 15 जनवरी भी सही माना जाता है, खासकर तब जब संक्रांति रात/दोपहर के आसपास हो।
तेल/तिल-गुड़ बांटना, खिचड़ी का भोग और दान करना शुभ माना जाता है।
सूर्य देव की पूजा और उत्तरायण का महत्व है।
🪁 महाराष्ट्र में मकर संक्रांति का त्यौहार कंचे पर यह कहते हुए मनाया जाता है "मीठा खाओ, मीठा बोलो"।

गुरुवार, 15 जनवरी, 2026 को मनाए जाने वाले 'मकर संक्रांत पुण्यकाल और किंक्रांत' के त्योहार पर आधारित एक खास भक्ति और रसीली लंबी कविता यहां दी गई है:

🌞 सूर्योत्सव: मकर संक्रांत और प्यार का किंक्रांत 🌞

1.
सूर्य देव का उत्तरायण धनु राशि से मकर राशि में हो गया है, सूर्य आज उत्तरायण हो गया है,
उत्तरायण की इस घड़ी से पूरा भारत जगमगा उठा है।
15 जनवरी का यह शुभ समय स्नान के लिए बहुत खास है,
दुनिया का अंधेरा अब पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। ☀️ 🧘�♂️ 🌊 🗓� 🚩

(मतलब: सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है, जिसे उत्तरायण कहते हैं। आज का शुभ समय स्नान और दान के लिए बहुत शुभ माना जाता है।)

2.
तिलगुला की मिठास "तिलगुला लो, मीठा बोलो", यह महाराष्ट्र का रिवाज है,
चलो दूरियां मिटाकर प्यार का गीत गाते हैं।
चलो आज भूले हुए सारे रिश्ते फिर से जोड़ते हैं,
किंक्रांति के इस पावन दिन पर, चलो खुशियों की बगिया को खिलने देते हैं। 🍯 🍬 🤝 😊 💞

(मतलब: तिलगुल बांटकर हम कड़वाहट भूल जाते हैं। किंक्रांति का यह दूसरा दिन पुराने रिश्तों को फिर से जोड़ने और प्यार बढ़ाने के लिए मशहूर है।)

3.
गुरुवार को, संक्रांत पुण्यकाल, गुरुवार का यह योग पावन है, भक्ति का यह सुंदर संगम,
आइए सूर्य देव की पूजा करें, और जीवन का यह काम करें।
खिचड़ी का यह भोज चढ़ाएं, आइए गरीबों और कमजोरों को संतुष्ट करें,
दान के इस पुण्य से, किस्मत के सारे दरवाजे खुल जाएंगे। 📿 🍲 🛐 🤲 🔓

(मतलब: 2026 में गुरुवार को संक्रांत पुण्यकाल आने से खिचड़ी और दान-पुण्य का खास धार्मिक महत्व हो गया है।)

4.
किंक्रांत का संयम संक्रांति का यह दूसरा दिन, जिसे किंक्रांत के नाम से जाना जाता है,
संयम और नाम-स्मरण से मन को बहुत शांति मिलती है।
आज नए काम के बजाय, हम सुमिरन में डूबे रहें,
भक्ति के इस सागर में पूरी तरह डूब जाएं। 🛡� 🧘�♂️ 🕯� 🕉� ✨

(मतलब: संक्रांति का दूसरा दिन किंक्रांति है। यह दिन शांति से भगवान की याद में बिताने और रिश्ते बनाए रखने के लिए ज़रूरी है।)

5.
आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगें, नाभि, आज आज़ादी से घूम रही हैं,
जैसे इंसानों को ऊँचे लक्ष्य पाने की प्रेरणा दे रही हों।
आइए मुश्किलों के खेल छोड़कर इंसानियत की डोर को बचाकर रखें,
आइए हम प्रकृति के इस बदलाव का खुशी से सामना करें। 🪁 🌌 🪁 🪁 🌈

(मतलब: संक्रांति पर पतंग उड़ाना एक ऊँचे लक्ष्य को पाने का प्रतीक है। इसका असली मतलब है सभी को इंसानियत की डोर से जोड़ना।)

6.
सेहत और संस्कृति इन ठंड के दिनों में तिल शरीर को बहुत ताकत देते हैं,
यही सेहतमंद ज़िंदगी का फल है।
संस्कृति की इस विरासत को हमने गर्व से सहेज कर रखा है,
संक्रांति के इस त्योहार ने इंसानियत का झरना बहाया है। 💪 🥗 🏛� 🌳 🍯

(मतलब: सर्दियों में तिल खाना सेहत के लिए अच्छा होता है। हमारी संस्कृति और त्योहार हमें विज्ञान और प्रकृति से जोड़ते हैं।)

7.
शुभ दिन की प्रार्थनाएं सूर्य देव की चमक की तरह सभी के जीवन को रोशन करें,
यह सुंदर और पवित्र आंगन खुशियों और समृद्धि से भर जाए।
करीदीन के इस मौके पर, दुनिया में शांति बनी रहे,
शुभ समय में, भगवान का अटूट साथ हमारे साथ रहे। ☀️ 🙏 🏠 🎊 🌏

(मतलब: मैं सूर्य भगवान से प्रार्थना करता हूं कि सभी का जीवन प्रकाशित हो और दुनिया में शांति और समृद्धि बनी रहे।)

🌐 सिर्फ़ इमोजी समरी
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📝 सिर्फ़ शब्दों का सारांश
मकर संक्रांति | पुण्यकाल | 15 जनवरी 2026 | गुरुवार | उत्तरायण | तिलगुल | किंक्रांत | खिचड़ी पर्व | पतंग | दान | सूर्य पूजा | प्रेम | मानवता

मकर संक्रांति और पुण्यकाल के पावन अवसर पर आपको हार्दिक शुभकामनाएँ!

--अतुल परब
--दिनांक-15.01.2026-गुरुवार.
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