🌸 प्यार की रस्म: हल्दी-कुमखु और तिलवन 🌸🗓️ 🌸 🔴 🟡 🏠 👰 ✨ 🖤 💍 🎀 👶 🍬 🍫

Started by Atul Kaviraje, January 22, 2026, 10:02:54 PM

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Atul Kaviraje

तिलवन और हल्दी-कुमकु: संक्रांति के मौके पर सुवासिनी की हल्दी-कुमकु रस्में आज से बड़े पैमाने पर शुरू हो जाती हैं। आज का दिन नए शादीशुदा जोड़ों के तिलवन या बच्चों के जन्म के लिए शुभ माना जाता है।
हल्दी-कुमकु रस्में: संक्रांति के मौके पर सुवासिनी की हल्दी-कुमकु रस्में आज से बड़े पैमाने पर शुरू हो जाती हैं। तिलगुल बांटकर प्यार बढ़ाया जाता है।

गुरुवार, 15 जनवरी, 2026 को मनाए जाने वाले पारंपरिक त्योहार 'हल्दी-कुमखु, तिलवन और बोर्नहन' पर आधारित एक खास लंबी और रसीली कविता यहां दी गई है:

🌸 प्यार की रस्म: हल्दी-कुमखु और तिलवन 🌸

1.
संक्रांति की शुभ शुरुआत, खुशी का यह त्योहार हर घर में आया है,
सुवासिनी की हल्दी-कुमखु की रस्म, आज शुरू हुई है।
15 जनवरी का यह दिन, किस्मत और सौभाग्य का,
आइए परंपरा के इस रिश्ते को ओटी भला से सम्मान दें। 🗓� 🌸 🔴 🟡 🏠

(मतलब: मकर संक्रांति के दूसरे दिन से सुवासिनी एक-दूसरे को हल्दी-कुमखु का न्योता देती हैं, आदर से ओटी भरती हैं और त्योहार मनाती हैं।)

2.
दुल्हन की पहली संक्रांति, अभिषेक का यह चरण भारी होता है,
काली चिंचोली साड़ी में वह अप्सरा जैसी दिखती है।
तिल से उसका श्रृंगार होता है, सौभाग्य मांगती है,
ससुराल और ससुराल के रिश्ते में आज उसका सम्मान बढ़ जाता है। 👰 ✨ 🖤 💍 🎀

(मतलब: नई शादीशुदा लड़की का अभिषेक किया जाता है। उसे तिल और काली साड़ी देकर सम्मान देने का यह एक सुंदर रिवाज है।)

3.
बच्चों की छींकें बच्चों की छींकें, आंगन आज छींकों से भरा है,
बरुम, पटाखे और चॉकलेट, बच्चों ने सब कुछ इकट्ठा किया है।
हम पर बुरी नज़र न लगे, चलो हलवे के गहने पहनते हैं,
स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए, चलो भगवान से मांगते हैं। 👶 🍬 🍫 🥜 🧿

(मतलब: बच्चों को नहलाकर हलवे के गहनों से सजाया जाता है। बच्चों के सिर पर बोरेक्स, मुरमुरे और मिठाई डालकर इस तारीफ़ की रस्म को रंगीन बनाया जाता है।)

4.
तिलगुला की मिठास "तिलगुला लो, मीठा बोलो", यही संक्रांति का मंत्र है,
आइए हम प्यार से जुड़ें, ज़िंदगी की यह खूबसूरत टेक्निक।
आइए हम पुरानी जलन को भूल जाएं, आइए हम अपने रिश्तों में मिठास लाएं,
इस पावन दिन पर, खुशियों की यह बहार खिलने दें। 🍯 🍬 🤝 😊 💞

(मतलब: तिलगुला बांटकर हम अपने दिल के गुस्से को भूलकर प्यार से पेश आने की कसम खाते हैं, जिससे हमारे रिश्तों में नमी बनी रहती है।)

5.
सुगंध पूजा और सुवासिनी को वर देने की रस्म, यही वर देने का समय है,
वर के रूप में खुशी देना, यही वर देने का समय है।
यह गुरुवार पवित्र दिन है, लक्ष्मी के सहारे,
देने और लेने की इस प्रथा से, इंसानियत का हाथ दिया जाता है। 🛍� 🏺 🙏 💰 ✨

(मतलब: सुवासिनी एक-दूसरे को 'तरह-तरह' का सामान देती हैं। इस लेन-देन से प्यार और सहयोग बढ़ता है, जिससे संस्कृति बनी रहती है।)

6.
पारंपरिक गहनों, हलवे के गहनों और काली साड़ी की खूबसूरती, यही संक्रांति की सजावट है,
मराठी संस्कृति, और मशहूर हो गई है।
रंगोली का यह खूबसूरत नज़ारा हर घर की छत पर है,
आइए एक-दूसरे को शुभकामनाएं दें, यह प्यार की राह है। 🖤 🎨 💍 🏠 🚩

(मतलब: संक्रांति के दिनों में काले कपड़े और हलवे के गहने खास माने जाते हैं। रंगोली और सजावट से घर में घर जैसा एहसास होता है।)

7.
शादी की यह दुआ है सबके जीवन में सुख, शांति और खुशहाली के लिए,
संक्रांति के इस मौके पर, रिश्तों में प्यार हमेशा बना रहे।
तिलवन और हल्दी-केसर, रस्मों का ये सोना,
अगले साल फिर आना, प्यार के इस रूप में। 🙌 🌈 🕯� 🎊 🙏

(मतलब: मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि सबका जीवन खुशहाल हो और हमारी यह सुंदर परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी चलती रहे।)

🌐 सिर्फ़ इमोजी समरी

🗓� 🌸 🔴 🟡 🏠 👰 ✨ 🖤 💍 🎀 👶 🍬 🍫 🥜 🧿 🍯 🍬 🤝 😊 💞 🛍� 🏺 🙏 💰 ✨ 🖤 🎨 💍 🏠 🚩 🙌 🌈 🕯� 🎊 🙏

📝 सिर्फ़ शब्दों का सारांश
तिलवन-केसर | तिलवन | बोर्नहन | मकर संक्रांत | 15 जनवरी | गुरुवार | तिलगुल | सुवासिनी | काली साड़ी | हलवा ज्वेलरी | वैरायटीज़ | बॉन्ड्स

संक्रांति, हल्दी-कुमकुम और तिलवन के मौके पर आप सभी को शुभकामनाएँ!

--अतुल परब
--दिनांक-15.01.2026-गुरुवार.
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