🌊 पवित्र स्नान: संक्रांति का भक्ति प्रवाह 🌊🗓️ 🌊 🚩 👣 🚿 ☀️ 🧘‍♂️ 🌊 🤲 ✨ 📿

Started by Atul Kaviraje, January 22, 2026, 10:04:20 PM

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Atul Kaviraje

तीर्थ स्नान: आज भी संक्रांति के मौके पर गोदावरी, कृष्णा और चंद्रभागा नदियों में स्नान के लिए बहुत सारे भक्त आते हैं।
पूजा/दान/धार्मिक स्नान के लिए शुभ समय और तारीख का ध्यान रखें
लोक संस्कृति में थालक-घड़ामोड़ी, कीर्तन-भजन मंडली, सामूहिक स्नान और दान के मौके होते हैं।

यहाँ 'मकर संक्रांत पुण्यकाल: पवित्र स्नान और दान' थीम पर आधारित एक भक्ति और लंबी कविता है, जो गुरुवार, 15 जनवरी, 2026 को मनाया जाएगा:

🌊 पवित्र स्नान: संक्रांति का भक्ति प्रवाह 🌊

1.
आज नदियों के किनारे भक्तों की भीड़ उमड़ी, गोदावरी, कृष्णा और चंद्रभागा नदियों के किनारे,
संक्रांत पुण्यकाल के प्रवाह ने भक्तों के कदम मोड़ दिए हैं।
15 जनवरी की इस शुभ घड़ी में, गुरुवार के इस शुभ योग में,
स्नान से मन के सभी विकार और रोग धुल जाएँगे। 🗓� 🌊 🚩 👣 🚿

(मतलब: मकर संक्रांति के मौके पर, भक्त गोदावरी, कृष्णा और चंद्रभागा नदियों के किनारे नहाने के लिए इकट्ठा हुए हैं। माना जाता है कि इस पवित्र स्नान से तन और मन पवित्र हो जाता है।)

2.
आइए, सूर्य देव को अर्ध्य देकर सूर्योदय के दिव्य समारोह का स्वागत करें, उत्तरायण,
आपकी ही चमक से यह पूरा सुंदर ब्रह्मांड चमक रहा है।
पानी में खड़े होकर, नाम लेना, यही सबसे बड़ा पुण्य है,
भगवान की इस मौजूदगी में, इंसान का जीवन धन्य लगता है। ☀️ 🧘�♂️ 🌊 🤲 ✨

(मतलब: नदी के किनारे खड़े होकर, सूर्य भगवान को अर्ध्य देना और नाम लेना संक्रांति के दिन का महान धार्मिक फल है।)

3.
आज नदी के किनारों पर कीर्तन-भजन की धुनें गूंज रही थीं,
ताल-मृदंग की धुनों के साथ, दुख और तकलीफें दूर भाग गईं।
इस सामूहिक प्रार्थना में, नेकी के इस बहते झरने में,
इस इंसानी रिश्ते में, ज़िंदगी का असली मतलब समझ में आता है। 📿 🎶 🥁 🙏 🌟

(मतलब: भक्त तीर्थ स्थल पर इकट्ठा होते हैं और भजन-कीर्तन करते हैं, जिससे माहौल में आध्यात्मिक चेतना पैदा होती है और मन को शांति मिलती है।)

4.
दान का महत्व तिल और गुड़ के साथ खाना दान करें, भूखे को दें,
गरीबों के इस आशीर्वाद से, किस्मत का यह दीया जलाएं।
कपड़े और बर्तन दान करें, संक्रांति को महान माना जाता है,
पुण्य के इस संचय से, जीवन की यह ताकत बढ़ती है। 🍲 🍯 👕 🤝 💰

(मतलब: संक्रांति के शुभ समय में तिल, अनाज और कपड़े दान करना बहुत शुभ माना जाता है। दान से जीवन में खुशहाली और संतोष मिलता है।)

5.
लोक संस्कृति, थालक-घड़ामोड़ी और पारंपरिक रीति-रिवाजों का संगम आज घाटों पर देखने को मिलता है,
यह महाराष्ट्र की संस्कृति की बड़ी शान है।
पुराने गिले-शिकवे भूलकर, आओ हम सब मिलकर इस नदी में नहाएं,
प्यार के इस बहाव में, आओ हम खुद को भूल जाएं। 🤝 🏺 🏵� 🏛� 💞

(मतलब: नदी के किनारे कई पारंपरिक रस्में निभाई जाती हैं। यह हमारी लोक संस्कृति है और इसके ज़रिए लोग एक साथ आते हैं और सामाजिक एकता बनी रहती है।)

6.
गुरुवार को तीर्थ स्नान का योग गुरुवार का यह दिन एक पवित्र दिन है, एक महान आध्यात्मिक त्योहार है,
गुरुदेव के चरणों में, हम अपना सारा गौरव अर्पित करते हैं।
शुद्ध मन के इस स्नान से, अंतरात्मा तृप्त हो जाती है,
नदी की इन लहरों में, दिव्य शक्ति छिपी है। 🔱 🕉� 🧘�♂️ 🕯� ✨

(मतलब: 15 जनवरी, 2026 को गुरुवार होने से इसका आध्यात्मिक महत्व बढ़ गया है। इस दिन किया गया तीर्थ स्नान और जाप विशेष रूप से फलदायी होता है।)

7.
इस पवित्र तीर्थ पर शांति और मुक्ति की प्रार्थना करते हुए, हम एक वरदान मांगते हैं,
हमारा यह छोटा सा संसार हमेशा सुख और शांति से भरा रहे।
संक्रांति के इस पवित्र प्रकाश में, दुनिया धन्य हो,
भक्ति के इस सागर में, सभी के मन तृप्त हों। 🙌 🕊� 🏠 🎊 🙏

(मतलब: तीर्थ यात्रा करने के बाद, मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि पूरी दुनिया को शांति और खुशी मिले। भक्ति का यह प्रवाह सभी के जीवन में खुशियां लाए।)

🌐 इमोजी समरी सिर्फ़ (इमोजी समरी)
🗓� 🌊 🚩 👣 🚿 ☀️ 🧘�♂️ 🌊 🤲 ✨ 📿 🎶 🥁 🙏 🌟 🍲 🍯 👕 🤝 💰 🤝 🏺 🏵� 🏛� 💞 🔱 🕉� 🧘�♂️ 🕯� ✨ 🙌 🕊� 🏠 🎊 🙏

📝 सिर्फ़ शब्द सारांश (शब्द सारांश)
तीर्थ स्नान | गोदावरी | कृष्ण | चंद्रभागा | मकर संक्रांत | 15 जनवरी | गुरुवार | सूर्य पूजा | भजन-कीर्तन | दान | उत्तरायण | भक्ति भाव

संक्रांति और पवित्र तीर्थ यात्रा के शुभ अवसर पर आपको शुभकामनाएँ!

--अतुल परब
--दिनांक-15.01.2026-गुरुवार.
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