🕊️ मेरु त्रयोदशी: आदिनाथ के चरणों में भक्ति की महिमा 🕊️🙏🚩📿🐚 🌸✨🌟🧿🎶🥁🌸

Started by Atul Kaviraje, January 24, 2026, 10:08:48 PM

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Atul Kaviraje

मेरु त्रयोदशी - जैन धर्म-
मेरु त्रयोदशी (जैन धर्म): आज जैन धर्म के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है, मेरु त्रयोदशी, जो भगवान आदिनाथ के निर्वाण से जुड़ी है।

जैन धर्म के पवित्र त्योहार 'मेरु त्रयोदशी' पर आधारित एक भक्ति से भरी और रसीली लंबी मराठी कविता, जो शुक्रवार, 16 जनवरी, 2026 को है।

🕊� मेरु त्रयोदशी: आदिनाथ के चरणों में भक्ति की महिमा 🕊�

तारीख: 16.01.2026 | दिन: शुक्रवार

विशेष: पहले तीर्थंकर, भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) का निर्वाण दिवस

1.
पहले तीर्थंकर का निर्वाण
पहले तीर्थंकर, भगवान आदिनाथ, जिन्होंने धर्म की शुरुआत की, अष्टपदगिरी चोटी पर चढ़े, और मोक्ष प्राप्त किया।
निर्वाण का यह प्रतीक, मेरु त्रयोदशी का यह दिन जैन धर्म के लोगों के दिलों में बहुत भक्ति से भरा है।

(मतलब: पहले तीर्थंकर, भगवान आदिनाथ ने अष्टपद पर्वत पर मोक्ष प्राप्त किया था। मेरु त्रयोदशी उनके निर्वाण स्मृति का पवित्र दिन है।) 🙏✨🕊�🕉� 🏔�🚩🕯�🐚

2.
अष्टपद गिरि की महिमा
अष्टपद की उस चोटी पर, चेतना का यह निवास, जहाँ आदिनाथ का यह फंदा, यह सांसारिक जीवन समाप्त हुआ।
जैसे मेरु पर्वत अचल है, वैसे ही आपकी शांति भी अचल है, माताओं, आपने दुनिया को अहिंसा की यह क्रांति दी।

(मतलब: भगवान आदिनाथ ने अष्टपद पर्वत पर जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति पाई। मेरु पर्वत की तरह उनका ज्ञान अचल और शांत है।) 🏔�💎🧘�♂️🕊� ✨🌟🌈🌿

3.
मेरु त्रयोदशी पूजा
शुक्रवार का यह शुभ समय, त्रयोदशी का यह योग, आइए हम भक्ति के साथ करें, यह कर्मों का विभाजन।
मेरु पर्वत की यह संरचना, भक्ति के साथ, हम आपके चरणों में अपने अंदर के अज्ञान को रखेंगे।

(मतलब: इस पवित्र दिन पर, भक्त मेरु पर्वत की पूजा करते हैं और अपने कर्मों के नाश के लिए प्रार्थना करते हैं।) 📿🕯�🌸🙌 🥣🍬🙏✨

4.
त्याग और वैराग्य का संदेश
आपने राजसी शान छोड़ी, वैराग्य अपनाया, आपकी कठोर तपस्या की महिमा महान है।
हम अहिंसा, सत्य और अपरिग्रह का यह व्रत रखेंगे, आपके आशीर्वाद से हमारा मन पवित्र होगा।

(मतलब: भगवान आदिनाथ ने सुख त्यागकर तपस्या की। हमें उनके दिए अहिंसा के संदेश को अमल में लाना चाहिए।) 🦁🚫⚖️🧘�♂️ ❤️🛡�💎✨

5.
मेरु पूजा का फल
मेरु की उस रचना में, पाँच मेरु की यह भावना, इसकी पूजा करने से, जन्म-जन्मांतर का यह झंझट दूर हो जाता है।
सम्यक दृष्टि, ज्ञान और, चरित्र की यह ज्योति, तुम्हारे कारण, जीवन को गति मिलती है।

(मतलब: पांच मेरु की पूजा करने से आत्मा को शांति मिलती है और जीवन में सच्चे ज्ञान का प्रकाश आता है।) 🌟💡📖🎓 🕉�💎📈🚀

6.
शुक्रवार की भक्ति रस्म
शुक्रवार के इस पवित्र दिन, आइए हम भक्ति के रस में नहाएं, आइए हम आदिनाथ के गुणों का अमृत गाएं।
सभी प्राणियों का कल्याण हमारा लक्ष्य हो, यही कामना है, मेरु त्रयोदशी हमेशा हमारा लक्ष्य हो।

(मतलब: इस शुक्रवार को, सभी को एक साथ आकर आदिनाथ की स्तुति करनी चाहिए और दुनिया के कल्याण के लिए प्रार्थना करनी चाहिए।) 🎶🥁🌸🕊� 😊🙌🤝🍀

7.
भक्त की आखिरी प्रार्थना
ॐ नमो जिनानम मंत्र का लगातार जाप करें, आपकी वजह से अज्ञानता का यह श्राप खत्म हो।
हमें मोक्ष के मार्ग पर चलने की शक्ति मिले, आदिनाथ का यह नाम हमारे दिलों में हमेशा जलता रहे।

(मतलब: आदिनाथ के चरणों में प्रार्थना है कि जैन मंत्रों के जाप से हमारा अज्ञान दूर हो और हमें मोक्ष के मार्ग पर चलने की शक्ति मिले।) 🙏🚩📿🐚 🌸✨🌟🧿

🌿 सिर्फ़ इमोजी समरी
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📝 सिर्फ़ शब्द समरी
आदिनाथ • ऋषभदेव • निर्वाण • मेरु त्रयोदशी • अष्टपद • मोक्ष • अहिंसा • वैराग्य • तपस्या • जैन धर्म • मेरु पूजा • सम्यक ज्ञान • शांति • चैतन्य • तीर्थंकर • शुक्रवार • आस्था

--अतुल परब
--दिनांक-16.01.2026-शुक्रवार.
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