🔱 शुक्र प्रदोष महिमा: शिव की कृपा का पवित्र समारोह 🔱-1-🌿🥛🍯💧 📿🐚🙏✨ (🙏,

Started by Atul Kaviraje, January 24, 2026, 10:10:08 PM

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Atul Kaviraje

✔ प्रदोष व्रत (कृष्ण) 🙏
प्रदोष व्रत (कृष्ण)
✅ प्रदोष व्रत (कृष्ण पक्ष) — सोमवार या शुक्रवार की रात को प्रदोष। प्रदोष के दौरान व्रत रखना धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है, खासकर भगवान शिव की पूजा के लिए।
➡️ माना जाता है कि इस दिन की गई पूजा, ध्यान और शिव स्तोत्र का जाप करने से मानसिक शांति, पॉजिटिव एनर्जी और जीवन में बैलेंस बढ़ता है।
प्रदोष व्रत (शुक्र प्रदोष): आज त्रयोदशी तिथि शुरू होने के कारण प्रदोष व्रत रखा जाएगा। शुक्रवार को पड़ने वाले प्रदोष को 'भृगु प्रदोष' कहा जाता है। यह भगवान शिव की पूजा के लिए बहुत शुभ दिन माना जाता है।
शुक्र प्रदोष व्रत: आज त्रयोदशी तिथि और शुक्रवार का मेल होने के कारण यह 'शुक्र प्रदोष' है। यह भगवान शिव की पूजा और प्रदोष काली (शाम) के दौरान भगवान शिव की पूजा करने के लिए बहुत शुभ दिन माना जाता है।
🔹 प्रदोष व्रत (कृष्ण पक्ष) – प्रदोष व्रत की तिथि, भगवान शिव की पूजा करने का एक शुभ दिन।
🕉� प्रदोष व्रत (कृष्ण पक्ष)
प्रदोष व्रत हर महीने के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को पड़ता है।

यहाँ 'शुक्र प्रदोष (भृगु प्रदोष)' व्रत पर आधारित एक भक्तिपूर्ण लंबी मराठी कविता है, जो शुक्रवार, 16 जनवरी, 2026 को है।

🔱 शुक्र प्रदोष महिमा: शिव की कृपा का पवित्र समारोह 🔱

तारीख: 16.01.2026 | दिन: शुक्रवार (भृगुवार)

तिथि: कृष्ण पक्ष त्रयोदशी | विशेष: शुक्र प्रदोष व्रत

1.
प्रदोष की शुभ संध्या
शाम आई नहीं, प्रदोष का यह समय, शंकर की भक्ति में रंगीन हो गया है, आज शाम है।
त्रयोदशी की शुभ तिथि पर, शंकर का यह ध्यान, भक्त को यहाँ आध्यात्मिक शांति का उपहार मिलता है।

(मतलब: सूर्यास्त के समय का प्रदोष समय शंकर की पूजा के लिए बहुत ज़रूरी है। इस समय ध्यान करने से मन को शांति मिलती है।) 🌅🕉�🙏✨ 🧘�♂️🕯�🚩🕯�

2.
भृगु प्रदोष का दिव्य योग
शुक्रवार के इस प्रदोष को 'भृगु प्रदोष' कहते हैं, शिव-शक्ति की पूजा से किस्मत की रोशनी चमकेगी।
यह सेहत और खुशहाली का आधार है, शिव के चरणों में सिर झुकाकर यह दुनिया बन जाती है।

(मतलब: शुक्रवार को पड़ने वाले प्रदोष को भृगु प्रदोष कहते हैं। इस दिन शिव की पूजा करने से सेहत और धन की प्राप्ति होती है।) 🍎💎👑💰 ✨🌟🌈🙌

3.
कैलाशपति का विशाल रूप
सिर पर चांद, जटाओं में गंगा, गले में नीला आभूषण, त्रिशूलधारी महादेव, डफली की आवाज।
भले ही वे कब्रिस्तान के रहने वाले हों, लेकिन ब्रह्मांड के ये भगवान, अपने भक्तों की पुकार पर दौड़े चले आते हैं, अंतरात्मा में प्रसिद्ध हैं।

(मतलब: भगवान शिव का रूप बहुत तेज है और वे ब्रह्मांड के स्वामी हैं। वे डमरू की ध्वनि से अपने भक्तों की रक्षा करते हैं।) 🌙🌊🔱🥁 ❄️🐍🔥🕉�

4.
बेलपत्र और शिव अभिषेक
आइए तीन पत्तों वाली बेला के पत्ते बहाएं, भक्ति की इस धारा के साथ, आइए महादेव का नाम याद करें, आइए बहुत मधुर बनें।
शिव का दुग्धाभिषेक करके, आइए इस मन को शांत करें, प्रदोष के व्रत से, जीवन का यह कल्याण हो।

(मतलब: शिव को बेला के पत्तों और दूध से अभिषेक करना बहुत पसंद है। इस पूजा से इंसान का कल्याण होता है और मन स्थिर रहता है।) 🌿🥛🍯💧 📿🐚🙏✨
(🙏, 🌅, 🚩) (🪔, 🐚, 🔥) (🧠, 🌈, 🕊�)
(🏆, 👑, 🧿)
🌿 सिर्फ़ इमोजी समरी
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📝 सिर्फ़ शब्द समरी
प्रदोष काल • शुक्र प्रदोष • भृगु प्रदोष • भगवान शिव • त्रयोदशी • अभिषेक • बेलपत्र • मानसिक शांति • पॉज़िटिव एनर्जी • बैलेंस • शिव स्तोत्र • भक्ति • संतोष • संपन्नता • कल्याण • पंचाक्षरी मंत्र • आस्था

--अतुल परब
--दिनांक-16.01.2026-शुक्रवार.
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